Food Safety Tips: पैकेट वाला आटा और मसाले खरीदते हैं? पहले लेबल पर देखें ये 7 जरूरी चीजें
Food Safety Tips: पैकेट वाला आटा और मसाले खरीदते हैं? पहले लेबल पर देखें ये 7 जरूरी चीजें
Food Safety Tips: किराने की दुकान पर आटा, बेसन या मसाले खरीदते समय ज्यादातर लोग सिर्फ ब्रांड और कीमत देखकर पैकेट उठा लेते हैं। लेकिन पैकेट पर छपी छोटी-छोटी जानकारियां भी काफी मायने रखती हैं। ये न सिर्फ प्रोडक्ट की पहचान बताती हैं, बल्कि उसकी ताजगी, वजन और कानूनी स्थिति समझने में मदद करती हैं। हालांकि, सिर्फ लेबल पढ़ने से यह पक्का नहीं होता कि सामान पूरी तरह शुद्ध है या मिलावट मुक्त है। फिर भी, अगली बार खरीदारी करते समय इन बातों पर ध्यान देने से गलती की संभावना कम हो जाती है।
Food Safety Tips: पैकेट की हालत और सील क्यों चेक करनी चाहिए?
सबसे पहले पैकेट को ध्यान से देखें। अगर उसमें फटाव, छेद, खुली सील या नमी के निशान दिखें तो उसे छोड़ दें। पैकेट का काम अंदर रखी चीज को बाहरी गंदगी और हवा-नमी से बचाना होता है। पिसे मसालों के पैकेट में अगर गांठें बनी हों या अजीब गंध आ रही हो तो भी सावधानी बरतें। FSSAI की गाइडेंस में भी खराब पैकेट न खरीदने और मसालों के रंग, गंध व टेक्सचर पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। अच्छी सील वाला पैकेट चुनना बुनियादी कदम है।
FSSAI लाइसेंस नंबर देखने का क्या फायदा है?
पैक्ड खाद्य पदार्थों पर FSSAI का लोगो या लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन नंबर होना जरूरी है। यह नंबर बताता है कि प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी खाद्य सुरक्षा नियमों के दायरे में है। अगर नंबर गायब हो या अधूरा लगे तो सावधानी बरतें। जरूरत पड़ने पर FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी पुष्टि भी की जा सकती है। ध्यान रखें कि नंबर होने का मतलब यह नहीं कि हर बैच की लैब जांच हो चुकी है। यह सिर्फ एक जरूरी कानूनी जानकारी है।
मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट क्यों मायने रखती है?
कीमत देखने के साथ तारीख भी जरूर पढ़ें। पैकेट पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, पैकिंग डेट, बेस्ट बिफोर या यूज-बाय जैसी जानकारी दी जाती है। बेस्ट बिफोर का मतलब है कि सही स्टोरेज पर प्रोडक्ट एक तय अवधि तक अपनी बताई गई क्वालिटी बनाए रख सकता है। अगर तारीख मिटाई हुई लगे या स्टिकर से छिपाई गई हो तो ऐसा पैकेट न खरीदें। दुकान पर कई पैकेट हों तो सबसे ताजा वाली तारीख वाला चुनें।
इंग्रीडिएंट लिस्ट और वजन-कीमत कैसे तुलना करें?
प्रोडक्ट का नाम साफ लिखा होना चाहिए। इंग्रीडिएंट लिस्ट पढ़कर पता चलता है कि किन चीजों का इस्तेमाल हुआ है। बेसन में कभी-कभी अन्य दालों या अनाज का आटा मिल सकता है, जबकि पिसे मसालों में स्टार्च या कृत्रिम रंग की आशंका रहती है। सिर्फ लिस्ट पढ़ने से हर मिलावट पकड़ में नहीं आती, लेकिन जानकारी जानना जरूरी है।
कीमत के साथ वजन भी देखें। सस्ता पैकेट कम वजन वाला हो सकता है। महंगा होने का मतलब हमेशा बेहतर क्वालिटी नहीं होता। दोनों की तुलना करके अपनी जरूरत के हिसाब से फैसला करें।
बैच नंबर, कंपनी की जानकारी और मसालों का टेक्सचर क्यों देखें?
बैच नंबर से किसी खास लॉट की पहचान होती है। अगर बाद में शिकायत करनी पड़े या रिकॉल हो तो यह काम आता है। मैन्युफैक्चरर का नाम और पता भी चेक करें। जानकारी धुंधली या छिपी हो तो दूसरा पैकेट चुनें। ऑनलाइन खरीदते समय भरोसेमंद सेलर और बिल संभालना भी जरूरी है।
पिसे मसालों में रंग जरूरत से ज्यादा चमकीला हो, गंध अलग हो या टेक्सचर असामान्य लगे तो सावधानी बरतें। FSSAI गाइडेंस में स्टार्च, चाक पाउडर या कृत्रिम रंग जैसी मिलावट की संभावना का जिक्र है। सिर्फ देखकर या सूंघकर शुद्धता का पक्का फैसला नहीं हो सकता। AGMARK जैसे मार्क जहां लागू हों, वहां देख सकते हैं, लेकिन किसी एक निशान को पूरी गारंटी न मानें।
क्या सिर्फ लेबल देखकर मिलावट का पता चल सकता है?
नहीं। लेबल प्रोडक्ट की पहचान, तारीख, वजन, कंपनी और लाइसेंस जैसी बुनियादी बातें बताता है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि उसमें मिलावट नहीं है। कुछ मिलावट सिर्फ लैब टेस्ट से पकड़ में आती है। पुरानी Consumer Voice रिपोर्ट (2015) में कुछ बेसन ब्रांड्स मिलावट टेस्ट में पास हुए थे, लेकिन सभी पैरामीटर्स पर खरे नहीं उतरे। वह रिपोर्ट पुरानी और सीमित सैंपल्स पर आधारित थी, इसलिए आज के बाजार पर सीधे लागू नहीं की जा सकती। शक होने पर लैब जांच ही सही रास्ता है।
खरीदारी करते समय ये सात बातें चेक करने में कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन ये आदत लंबे समय में फायदेमंद साबित होती है। पैकेट की हालत, FSSAI नंबर, तारीख, इंग्रीडिएंट्स, वजन-कीमत, बैच नंबर और मसालों का टेक्सचर इन पर नजर रखने से आप ज्यादा जागरूक खरीदार बन सकते हैं। पूरी गारंटी के लिए जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ या लैब की मदद लें।
Read More Here:-
Delhi Voter List: 47.6 लाख नाम हटाए गए, सिर्फ 2.5 लाख लोगों ने फॉर्म 6 भरा
Shanivar Pooja Vidhi: शनिवार को कैसे करें शनिदेव की पूजा? जानें मंत्र, दान और नियम
Piya Dalala Senurawa: अंकुश राजा और खुशी तिवारी के नए भोजपुरी गाने ने मचाया धमाल