Delhi Voter List: 47.6 लाख नाम हटाए गए, सिर्फ 2.5 लाख लोगों ने फॉर्म 6 भरा
Delhi Voter List: 47.6 लाख नाम हटाए गए, सिर्फ 2.5 लाख लोगों ने फॉर्म 6 भरा
Delhi Voter List: दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से निकाले गए नामों और वापस जुड़वाने के लिए आए आवेदनों के बीच बड़ा फासला देखने को मिला है। 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से लगभग 47.6 लाख नाम हटा दिए गए थे। इसके बाद 22 अक्टूबर तक सिर्फ करीब 2.5 लाख लोगों ने फॉर्म 6 के जरिए नाम जोड़ने या वापस शामिल करने का आवेदन दिया है। यह संख्या हटाए गए नामों का महज 5 प्रतिशत के आसपास है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, इनमें नए मतदाताओं के साथ वे लोग भी शामिल हैं जिनके नाम एसआईआर प्रक्रिया में बाहर हो गए थे। सभी आवेदनों पर 30 नवंबर तक फैसला कर लिया जाएगा और 4 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होने की योजना है।
दिल्ली में एसआईआर के दौरान कितने नाम हटाए गए और कितने आवेदन आए?
एसआईआर प्रक्रिया के तहत दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची से कुल 4.76 मिलियन यानी लगभग 47.6 लाख नाम निकाले गए थे। ये वे नाम थे जिनका पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं बैठा या डेटा में गड़बड़ी पाई गई। 31 अगस्त से 22 अक्टूबर के बीच फॉर्म 6 के कुल 2,50,754 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से करीब 1.58 लाख आवेदन 20 सितंबर के बाद आए। ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने से पहले भी फॉर्म 6 के करीब 2.12 लाख आवेदन पहले से जमा हो चुके थे। सीईओ ऑफिस का कहना है कि जांच में करीब 33 लाख नामों को फ्लैग किया गया था। इनमें से लगभग 29.5 लाख मामलों को सुलझा लिया गया है और ये नाम अंतिम सूची में शामिल रहेंगे। अगर किसी पर आपत्ति आती है तो उनकी दोबारा जांच हो सकती है।
फॉर्म 6 क्या है और इसे क्यों भरना जरूरी माना गया?
फॉर्म 6 मतदाता सूची में नाम जोड़ने या नाम वापस शामिल कराने के लिए इस्तेमाल होने वाला आवेदन है। चुनाव आयोग ने उन लोगों से भी यह फॉर्म भरने की अपील की थी जिनके नाम एसआईआर के दौरान ड्राफ्ट लिस्ट से हटा दिए गए थे। ऐसा इसलिए ताकि योग्य मतदाता अपना नाम अंतिम सूची में शामिल करवा सकें। फॉर्म भरने वाले लोगों में नए वोटर और पहले से सूची में रहे लेकिन बाहर किए गए लोग दोनों शामिल हैं। आवेदन करने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाती है। सही पाए जाने पर नाम अंतिम सूची में जुड़ जाता है। सीईओ ऑफिस के अनुसार सभी लंबित आवेदनों का निपटारा 30 नवंबर तक कर लिया जाएगा।
किन इलाकों से सबसे ज्यादा और सबसे कम फॉर्म 6 के आवेदन आए?
आवेदन आने वाले क्षेत्रों में काफी अंतर देखा गया। पश्चिमी दिल्ली के इलाकों से सबसे ज्यादा आवेदन आए। तिलक नगर, जनकपुरी, राजौरी गार्डन और विकासपुरी से कुल 30,361 आवेदन प्राप्त हुए। इसके बाद उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के किराड़ी, रोहिणी और मंगोलपुरी इलाकों से करीब 25,925 आवेदन आए। पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी, लक्ष्मी नगर और गांधी नगर से 24,200 आवेदन मिले। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ओखला, कालकाजी और तुगलकाबाद से 4,153 आवेदन आए। सबसे कम आवेदन नई दिल्ली और दिल्ली कैंट क्षेत्र से आए, जहां कुल 4,341 लोगों ने फॉर्म 6 भरा। पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान, मटिया महल, सदर बाजार और चांदनी चौक से 10,668 आवेदन प्राप्त हुए। ये आंकड़े बताते हैं कि कुछ इलाकों में लोग ज्यादा सक्रिय रहे जबकि कुछ जगहों पर प्रतिक्रिया कम रही।
ड्राफ्ट लिस्ट से हटाए गए नामों का समाधान कैसे हो रहा है?
जांच के दौरान जिन 33 लाख नामों को फ्लैग किया गया था, उनमें से ज्यादातर मामलों को सुलझा लिया गया है। करीब 29.5 लाख नामों को सही पाया गया और ये अंतिम सूची का हिस्सा रहेंगे। बाकी मामलों में गड़बड़ी या दस्तावेजों की कमी की वजह से नाम बाहर रहे। जिन लोगों के नाम हटाए गए थे, वे फॉर्म 6 भरकर अपनी बात रख सकते थे। सीईओ ऑफिस का कहना है कि आपत्तियां आने पर दोबारा जांच की जाएगी। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने के लिए समय-सीमा तय की गई है। 30 नवंबर तक सभी आवेदनों पर फैसला हो जाएगा। उसके बाद 4 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। इस सूची के आधार पर आगे की चुनावी तैयारियां होंगी।
मतदाताओं को अब क्या करना चाहिए और अंतिम सूची कब आएगी?
जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं था और जिन्होंने अभी तक आवेदन नहीं किया, उनके पास 30 नवंबर तक का समय है। फॉर्म 6 ऑनलाइन या संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर के जरिए भरा जा सकता है। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज लगाना जरूरी है। अंतिम सूची 4 दिसंबर को जारी होने की संभावना है। उसके बाद नाम जुड़वाने की प्रक्रिया सीमित हो सकती है। मतदाताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपने नाम की स्थिति चेक कर लें और जरूरत पड़ने पर समय रहते आवेदन कर दें। एसआईआर का मकसद सूची को साफ और अपडेट करना है, लेकिन योग्य मतदाताओं को बाहर न रहना पड़े, इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया खुली रखी गई है।
दिल्ली में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान निकाले गए नामों और वापस जुड़वाने के लिए आए आवेदनों के बीच का अंतर कई सवाल खड़े करता है। कुछ इलाकों में सक्रियता ज्यादा रही तो कुछ में कम। चुनाव आयोग के अनुसार बाकी प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली जाएगी और 4 दिसंबर को अंतिम सूची जारी हो जाएगी। मतदाताओं को अपने अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए समय रहते आवेदन करना चाहिए ताकि उनकी भागीदारी सुनिश्चित रहे।
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