Poonch News: पुंछ में आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़, 7 संदिग्ध कंटेनर बरामद

जम्मू-कश्मीर के मेंढर में गुफा से संदिग्ध IED, हथियारों की मैगजीन और अन्य सामान बरामद

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Poonch News: जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ जिले में सुरक्षाबलों ने आतंकियों की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। मेंढर सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले कसबलारी क्षेत्र और उसके आसपास के घने जंगलों में चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने एक प्राकृतिक गुफा में बने आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया। इस गुप्त ठिकाने से सात इंसुलेटेड कंटेनर बरामद किए गए हैं, जिनके भीतर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी आईईडी (IED) होने की प्रबल आशंका है। मौके से भारी मात्रा में गोला-बारूद, मैगजीन और तकनीकी उपकरण भी बरामद किए गए हैं। इस सनसनीखेज बरामदगी के तुरंत बाद सीमा सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है और पूरे जंगली इलाके में बड़े पैमाने पर घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया गया है।

Poonch News: खुफिया इनपुट पर सेना और पुलिस का संयुक्त कॉम्बिंग ऑपरेशन

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, टेरिटोरियल आर्मी और सैन्य खुफिया विभाग को मेंढर तहसील के कसबलारी व मनकोट सेक्टर के जंगली इलाकों में आतंकियों की संदिग्ध आवाजाही और ठिकाने को लेकर पुख्ता जानकारी मिली थी। इस खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, टेरिटोरियल आर्मी और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) ने इलाके में संयुक्त घेराबंदी और तलाश अभियान शुरू किया। घने जंगलों, नालों और प्राकृतिक चट्टानों के बीच सघन तलाशी के दौरान जवानों को एक छिपी हुई गुफा दिखाई दी। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जब जवानों ने अंदर जाकर मुआयना किया, तो वहां पत्थरों और झाड़ियों के बीच छिपाकर रखा गया विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।

टेप से लिपटे 7 संदिग्ध कंटेनरों में मिली विस्फोटक सामग्री

गुफा के भीतर से बरामद सामग्री की शुरुआती जांच से स्पष्ट हुआ कि आतंकियों ने किसी बड़े विस्फोट को अंजाम देने के लिए यह तैयारी कर रखी थी। बरामदगी में सात ऐसे कंटेनर शामिल हैं जिन्हें विशेष रूप से टेप से इंसुलेट किया गया था। इनमें से छह कंटेनर भूरे रंग के मजबूत इंसुलेटिंग टेप से पूरी तरह लिपटे हुए थे, जबकि एक कंटेनर पर नीले रंग का टेप लगा पाया गया। फील्ड एक्सपर्ट्स और तकनीकी जांचकर्ताओं के मुताबिक, इन कंटेनरों की बनावट और वायरिंग से संकेत मिलता है कि इन्हें तैयार आईईडी के रूप में असेंबल किया गया था। यदि समय रहते इन्हें पकड़ा न जाता, तो सीमावर्ती इलाकों में गश्त कर रहे सुरक्षाबलों के वाहनों या किसी अहम सुरक्षा प्रतिष्ठान को निशाना बनाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जा सकता था।

ऑटोमैटिक हथियारों की मैगजीन, पावर सोर्स और कॉम्बैट किट भी जब्त

संदिग्ध आईईडी कंटेनरों के अलावा मौके से कई अन्य युद्धक और रणनीतिक सामग्री भी जब्त की गई है। तलाशी दल को वहां से एक बड़ा काला बैग, एक कॉम्बैट पाउच, एक लोहे का काला बॉक्स और एक एल्युमिनियम का कंटेनर मिला है। इसके साथ ही आईईडी को एक्टिवेट करने और डेटोनेटर को करंट देने के लिए इस्तेमाल होने वाले दो पावर एडॉप्टर, एक मुख्य पावर सोर्स और एक टिफिन बॉक्स भी बरामद हुआ है। सुरक्षाबलों को ठिकाने से 7.62 एमएम की एक ऑटोमैटिक लाइट मशीन गन (LMG) की मैगजीन भी मिली है। यह बरामदगी साबित करती है कि यह ठिकाना न केवल विस्फोटक तैयार करने के लिए, बल्कि सीमा पार से घुसपैठ करने वाले आतंकियों के ट्रांजिट कैंप और हथियार डंप के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था।

बम निरोधक दस्ते ने नियंत्रित विस्फोट से खतरे को टाला

विस्फोटक मिलने की पुष्टि होते ही तुरंत सेना और पुलिस के विशेषज्ञ बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) को मौके पर बुलाया गया। दस्ते ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करते हुए इलाके को चारों तरफ से सुरक्षित किया और अत्यधिक सतर्कता के साथ इन संदिग्ध आईईडी को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर नियंत्रित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया पूरी की। इस त्वरित और अनुशासित कार्रवाई से किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि की संभावना को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन आईईडी में किस प्रकार के केमिकल या सैन्य ग्रेड आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया था और इनके टाइमर अथवा रिमोट ट्रिगर मैकेनिज्म की तकनीक क्या थी।

Poonch News: नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षा कड़ी, आतंकियों के मददगारों की तलाश जारी

मेंढर और पुंछ का यह पूरा इलाका भौगोलिक दृष्टि से नियंत्रण रेखा (LoC) के अत्यंत निकट है और घने जंगल आतंकियों को छिपने व घुसपैठ करने का मौका देते हैं। हाल के समय में पुंछ और पड़ोसी राजौरी जिले में शांति भंग करने की कई सीमापार साजिशों को सुरक्षाबलों ने नाकाम किया है। ताजा बरामदगी के बाद खुफिया एजेंसियां स्थानीय संपर्कों और आतंकियों के मददगार ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन विस्फोटकों और राशन सामग्री को जंगल की गुफा तक पहुंचाने में किन स्थानीय लोगों ने मदद की थी। पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा चौकियों को सतर्क कर दिया गया है ताकि सीमा पार से होने वाली किसी भी नई नापाक कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।

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