Delhi Police Advisory: प्रदर्शन कवर करने वाले पत्रकारों के लिए नई एडवाइजरी

प्रदर्शन और रैलियों की कवरेज के दौरान ID कार्ड, सुरक्षित दूरी और पुलिस कार्रवाई में बाधा न डालने के निर्देश

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Delhi Police Advisory: राजधानी दिल्ली में विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग करने वाले मीडियाकर्मियों के लिए दिल्ली पुलिस ने एक नई विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। इस परामर्श का मुख्य उद्देश्य प्रदर्शन स्थलों पर पत्रकारों की पहचान को स्पष्ट रखना और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में तैनात पुलिसकर्मियों के परिचालन में किसी तरह का व्यवधान न आने देना है। यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसकी जांच वर्तमान में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है।

Delhi Police Advisory: वैध पहचान पत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य

दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक, प्रदर्शनों, रैलियों या धरनों को कवर करने वाले सभी पत्रकारों को अपने संबंधित मीडिया संस्थान द्वारा जारी वैध पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ रखना होगा। इसके अतिरिक्त जिन पत्रकारों के पास प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो या दिल्ली सूचना एवं प्रचार विभाग द्वारा जारी आधिकारिक मान्यता कार्ड उपलब्ध हैं, वे उन्हें भी अपने पास रख सकते हैं। पुलिस ने निर्देश दिया है कि मीडियाकर्मी अपने पहचान पत्र को गले में या कपड़ों पर इस प्रकार प्रदर्शित रखें जिससे ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी भीड़ के बीच भी उन्हें दूर से आसानी से पहचान सकें।

पुलिस कार्रवाई और आवाजाही में रुकावट न डालने के निर्देश

एडवाइजरी में मीडियाकर्मियों से अपील की गई है कि वे अपनी रिपोर्टिंग गतिविधियों के दौरान यह सुनिश्चित करें कि पुलिस बल की रणनीतिक कार्रवाई और आवाजाही में कोई अड़चन न आए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, बैरिकेडिंग करने या भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पत्रकारों की स्थिति ऐसी होनी चाहिए जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो। पुलिस ने कहा है कि पत्रकार अपनी निष्पक्ष और पेशेवर जिम्मेदारी निभाते हुए इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उनकी मौजूदगी से सुरक्षा अभियान में कोई बाधा उत्पन्न न हो।

तनावपूर्ण हालात में सुरक्षित दूरी और स्पष्ट पहचान बनाए रखने की सलाह

संवेदनशील और तनावपूर्ण परिस्थितियों में पत्रकारों को प्रदर्शनकारियों से उचित और सुरक्षित दूरी बनाकर कवरेज करने की सख्त सलाह दी गई है। वीडियो रिकॉर्डिंग, बाइट्स लेने या फोटो खींचते समय मीडियाकर्मियों को ऐसी स्थिति में खड़े रहने को कहा गया है जिससे वे आंदोलनकारियों की भीड़ से बिल्कुल अलग और स्पष्ट नजर आएं। पुलिस का तर्क है कि इससे मौके पर तैनात जवानों को पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के बीच भ्रम नहीं होगा और लाठीचार्ज, वाटर कैनन या अचानक बिगड़ने वाली स्थितियों में मीडियाकर्मियों की व्यक्तिगत सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।

जंतर-मंतर घटनाक्रम और क्राइम ब्रांच जांच की पृष्ठभूमि

यह एडवाइजरी 3 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में जारी की गई है। इस प्रदर्शन के दौरान कवरेज कर रहीं तीन महिला पत्रकारों ने ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस ने इन शिकायतों को निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया था। इसके विरोध में पत्रकारों के एक समूह ने संसद मार्ग थाने के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया था और संबंधित कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

महिला प्रदर्शनकारियों से जुड़े दावों पर पुलिस का स्पष्टीकरण

सोशल मीडिया पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित शारीरिक दुर्व्यवहार के दावों का भी दिल्ली पुलिस ने औपचारिक रूप से खंडन किया है। पुलिस ने इन दावों को निराधार और भ्रामक बताते हुए स्पष्ट किया कि सभी महिला प्रदर्शनकारियों को केवल महिला पुलिसकर्मियों द्वारा ही नियंत्रित और हिरासत में लिया गया था। पूरी प्रक्रिया के दौरान गरिमा और निर्धारित कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया गया तथा कानून के अनुसार ही उनकी हिरासत और रिहाई सुनिश्चित की गई।

Delhi Police Advisory: सुरक्षा और स्वतंत्र पत्रकारिता के बीच संतुलन की पहल

दिल्ली पुलिस द्वारा जारी यह एडवाइजरी जमीनी स्तर पर पत्रकारों की शारीरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के सुचारू संचालन के बीच संतुलन साधने का प्रयास है। जहां एक ओर लोकतंत्र में पत्रकारों को निष्पक्ष और स्वतंत्र कवरेज का अधिकार है, वहीं दूसरी ओर उग्र भीड़ के बीच उनकी स्पष्ट पहचान और सुरक्षित दूरी अप्रिय घटनाओं को रोकने में सहायक सिद्ध हो सकती है। आने वाले दिनों में राजधानी में होने वाले बड़े प्रदर्शनों के दौरान यह दिशा-निर्देश मीडिया और पुलिस दोनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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