Aaj Ka Mausam 6 October 2026: दिल्ली-NCR से दक्षिण भारत तक बारिश और आंधी का अलर्ट

IMD के पूर्वानुमान में दक्षिण भारत में भारी बारिश, उत्तर भारत में आंधी-बूंदाबांदी और तापमान गिरने के संकेत

0
Aaj Ka Mausam 6 October 2026: देश के अधिकांश हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक वापसी प्रक्रिया के बीच मौसम प्रणालियों की सक्रियता ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार, 6 अक्टूबर को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत तक मौसमी गतिविधियों में तीखा बदलाव देखने को मिलेगा। जहां दक्षिण भारत के तटीय और आंतरिक हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय वायुमंडलीय चक्रवातों के मेल से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बादलों की आवाजाही, तेज हवाओं और छिटपुट गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।

Aaj Ka Mausam 6 October 2026: दिल्ली-एनसीआर में 6 से 8 अक्टूबर के बीच बूंदाबांदी और तापमान में गिरावट

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 6 अक्टूबर से मौसम का मिजाज बदलने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 6 से 8 अक्टूबर के दौरान आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। इस मौसमी बदलाव से जहां दिन के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी, वहीं उमस भरी गर्मी से जूझ रहे दिल्लीवासियों को खासी राहत मिलेगी। साथ ही हवा की बेहतर गति से राजधानी के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी सुधार दर्ज किया जा सकेगा।

उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में आधिकारिक रूप से मानसून ट्रफ के पीछे हटने के बावजूद स्थानीय स्तर पर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम अस्थिर बना हुआ है। 5 अक्टूबर को जहां प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन के समय तीखी धूप खिली रही, वहीं रात के पारे में गिरावट से हल्की गुलाबी ठंड की दस्तक महसूस की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के अनुसार 6 और 7 अक्टूबर को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की चेतावनी जारी की गई है। विशेष रूप से तराई और मध्यवर्ती जिलों में किसानों को खुले खेतों में काम करते समय और मवेशियों को चराते वक्त बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित आश्रयों में जाने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में बादलों का डेरा: केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी बारिश का अलर्ट

6 अक्टूबर को देश में मौसम की सबसे तीव्र सक्रियता दक्षिण भारत के राज्यों में केंद्रित रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने केरल, माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के विस्तृत क्षेत्रों के लिए भारी वर्षा का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली अनुकूल नम हवाओं के चलते केरल और पश्चिमी घाट से सटे इलाकों में व्यापक स्तर पर मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में उछाल और पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी धंसने की आशंका को देखते हुए स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में तेज हवाएं और बारिश

उत्तर-पश्चिम भारत में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के कारण पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई हिस्सों में 6 अक्टूबर को मौसम में तब्दीली आएगी। इन मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और धूल भरी हवाएं चलने का अनुमान है।
वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र यानी जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। इस पर्वतीय मौसमी हलचल का सीधा असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के न्यूनतम तापमान पर पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में सुबह और शाम की ठंडक में क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज होगी।

अक्टूबर के महीने में क्यों बना हुआ है बारिश का सिलसिला?

अक्टूबर का महीना भारतीय उपमहाद्वीप में मौसमी संक्रमण का काल माना जाता है। इस अवधि में जहां एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के उत्तर और मध्य भागों से पीछे हट रहा होता है, वहीं दूसरी तरफ प्रायद्वीपीय भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून (लौटता मानसून) की भूमिका तैयार होने लगती है।
इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के क्षेत्र और उत्तर से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ जब आपस में संपर्क बनाते हैं, तो पोस्ट-मानसून बारिश की परिस्थितियां निर्मित होती हैं। यही कारण है कि देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में एक ही समय पर अलग-अलग मौसमी रूप देखने को मिल रहे हैं।

Aaj Ka Mausam 6 October 2026: सावधानी और स्थानीय परामर्श का पालन जरूरी

मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और गरज-चमक की संभावना वाले इलाकों में नागरिकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे, टिन शेड या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। ग्रामीण अंचलों में कटी हुई फसलों को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर ढकने की व्यवस्था कर लेनी चाहिए। यात्रा पर निकलने से पहले अपने संबंधित क्षेत्र के स्थानीय मौसम बुलेटिन की ताजा जानकारी अवश्य जांच लें।

Read More Here

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.