चावड़ी बाजार इमारत हादसे में तीन ठेकेदार गिरफ्तार, फरीदाबाद के सिरोही गांव से पकड़े गए आरोपी
पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार की गली शीश महल में तीन मंजिला इमारत गिरने के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन ठेकेदारों को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है।
Delhi Building Collapse: पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक और घनी आबादी वाले व्यापारिक केंद्र चावड़ी बाजार में गुरुवार को हुए दर्दनाक तीन मंजिला इमारत हादसे में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मलबे के नीचे दबकर दो निर्दोष मजदूरों की मौत और दो अन्य के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में पुलिस ने निर्माण कार्य करवा रहे तीन मुख्य ठेकेदारों को पड़ोसी राज्य हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की शिनाख्त सिराज, ताजुद्दीन और फरकान के रूप में हुई है। तीनों ही आरोपी पुरानी दिल्ली के अजमेरी गेट क्षेत्र के निवासी हैं, जो हादसे के फौरन बाद दिल्ली छोड़कर फरीदाबाद के एक सुदूर ग्रामीण इलाके में छिप गए थे। पुलिस ने तीनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है।
इस वीभत्स हादसे ने एक बार फिर पुरानी दिल्ली के तंग और संवेदनशील बाजारों में नगर निगम के दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ाकर किए जा रहे अवैध और गैर-जिम्मेदाराना निर्माण कार्यों की कलई खोलकर रख दी है।
Delhi Building Collapse: चावड़ी बाजार की गली शीश महल में गुरुवार सुबह हुआ था हादसा
घटनाक्रम के अनुसार, गुरुवार 5 नवंबर की सुबह लगभग 9:48 बजे चावड़ी बाजार स्थित गली शीश महल में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक पुरानी इमारत पर अवैध रूप से बनाई जा रही तीन मंजिला संरचना भरभराकर नीचे आ गिरी। इमारत के ढहने की आवाज इतनी भयानक थी कि आसपास के दुकानदार और राहगीर सहम गए और पूरे इलाके में धूल का घना गुबार छा गया।
संकरी गलियों और तारों के संजाल के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और दिल्ली नगर निगम की संयुक्त टीमों ने युद्धस्तर पर मलबा हटाने का काम शुरू किया। स्थानीय दुकानदारों ने भी मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए शुरुआती बचाव कार्य में प्रशासन का पूरा साथ दिया।
फरीदाबाद के सिरोही गांव से दबोचे गए तीनों फरार आरोपी
हादसे के बाद जब यह साफ हुआ कि निर्माण कार्य में बुनियादी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी, तो दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने निर्माण से जुड़े ठेकेदारों की तलाश शुरू की। तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस को खबर मिली कि तीनों ठेकेदार हरियाणा के फरीदाबाद जिले की दौज तहसील के अंतर्गत आने वाले सिरोही गांव में पनाह लिए हुए हैं।
दिल्ली पुलिस की टीम ने तुरंत दबिश देकर तीनों आरोपियों को गांव से धर दबोचा। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस पूछताछ में यह जानने का प्रयास कर रही है कि निर्माण कार्य के लिए किसी योग्य वास्तुकार या स्ट्रक्चरल इंजीनियर से प्रमाण पत्र लिया गया था अथवा नहीं, और साइट पर काम कर रहे मजदूरों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण क्यों नहीं उपलब्ध कराए गए थे।
मलबे से चार मजदूरों को निकाला गया था बाहर, दो की चली गई जान
एनडीआरएफ और दमकल जवानों द्वारा चलाए गए कई घंटों के राहत अभियान के दौरान मलबे के नीचे से चार श्रमिकों को बाहर निकाला गया था। सभी को तत्काल नजदीकी एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने 40 वर्षीय किशोरी और 45 वर्षीय संजीत को मृत घोषित कर दिया। दोनों मजदूर परिवार के भरण-पोषण के लिए दैनिक मजदूरी करते थे।
वहीं मलबे में दबे दो अन्य मजदूर 25 वर्षीय साहदेव चौधरी और 37 वर्षीय फिरोज गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, समय पर मिले प्राथमिक और उन्नत उपचार के चलते दोनों घायलों की स्थिति अब खतरे से बाहर और स्थिर बताई गई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए नियमानुसार वित्तीय और वैधानिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है।
मरम्मत की आड़ में नया निर्माण, लिंटल का सपोर्ट हटाने से ढहा ढांचा
दिल्ली नगर निगम (MCD) के तकनीकी दस्ते द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस इमारत के मालिक को पूर्व में केवल संरचनात्मक सुधार और रेट्रोफिटिंग की सलाह दी गई थी, ताकि जर्जर हो चुके हिस्से को मजबूती दी जा सके। इसके लिए अधिकृत स्ट्रक्चरल इंजीनियर की प्रत्यक्ष देखरेख अनिवार्य की गई थी।
हालांकि, मौके पर निगम के नियमों को ताक पर रखकर मरम्मत की आड़ में नया निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। जांच में यह अंदेशा जताया गया है कि तीसरी मंजिल पर ढाले जा रहे भारी-भरकम कंक्रीट लिंटल के नीचे लगे सपोर्ट (शटरिंग) को क्योरिंग पीरियड पूरा होने से पहले ही जल्दबाजी में हटा लिया गया था। वजन न संभाल पाने के कारण लिंटल नीचे धंसा और उसने पूरी तीन मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
Delhi Building Collapse: प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई, एमसीडी के दो इंजीनियर निलंबित
हादसे की गंभीरता और नियमों के खुले उल्लंघन को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी सख्त कदम उठाए गए हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के उपरांत नगर निगम ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने और अवैध निर्माण पर समय रहते रोक न लगाने के आरोप में संबंधित क्षेत्र के सहायक अभियंता (AE) और कनिष्ठ अभियंता (JE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही क्षेत्र में चल रहे अन्य सभी पुराने और संदेहास्पद निर्माण कार्यों का सेफ्टी ऑडिट कराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो।
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