CSAB Counselling 2026: जोसा से चूकने वाले छात्रों के लिए एनआईटी और आईआईआईटी में प्रवेश का आखिरी मौका
CSAB Counselling 2026: 6 दिसंबर को होगी परीक्षा, 3 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन
CSAB Counselling 2026: इंजीनियरिंग की पढ़ाई का सपना देख रहे उन तमाम युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, जिन्हें जोसा यानी ज्वॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी की शुरुआती चरणों की काउंसलिंग प्रक्रिया में मनपसंद सीट हासिल नहीं हो पाई थी। देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों जैसे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों यानी एनआईटी, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों यानी आईआईआईटी और केंद्रीय वित्त पोषित तकनीकी संस्थानों में दाखिले के दरवाजे अब भी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। सेंट्रल सीट एलोकेशन बोर्ड यानी सीएसएबी ने दाखिले की अगली कड़ी के रूप में स्पेशल राउंड की पूरी रूपरेखा घोषित कर दी है। इसके तहत तकनीकी शिक्षा पाने की चाह रखने वाले योग्य अभ्यर्थियों को खाली रह गई सीटों पर भाग्य आजमाने का एक और बेहतरीन अवसर प्राप्त हो रहा है।
CSAB Counselling 2026: कब से शुरू होगी प्रक्रिया और क्या है मुख्य तारीखें
केंद्रीय सीट आवंटन बोर्ड द्वारा जारी किए गए आधिकारिक विवरण के मुताबिक, दाखिले के इस विशेष चरण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत आगामी अट्ठाईस जुलाई से होने जा रही है। जो छात्र अपनी रैंक के अनुसार तकनीकी संस्थानों में प्रवेश की आस लगाए बैठे हैं, वे निर्धारित तिथियों के भीतर बोर्ड के पोर्टल पर जाकर अपनी औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं। पंजीकरण की यह प्रक्रिया तीसरे अगस्त तक अनवरत चलती रहेगी, जबकि च्वॉइस फिलिंग और अन्य महत्वपूर्ण पड़ाव पांच अगस्त तक संपन्न किए जाएंगे। जानकारों का मानना है कि जिन बच्चों को शुरुआती दौर में निराशा हाथ लगी थी, वे इस समयावधि का पूरा लाभ उठाकर अपनी रणनीति तय कर लें।
किन छात्रों को मिलेगा इस विशेष दौर का लाभ
यह सवाल अक्सर उन परिवारों के मन में उठता है जिनके बच्चे देश की शीर्ष इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में दाखिला चाहते हैं। बोर्ड के नियमानुसार, वे सभी विद्यार्थी इस प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र हैं जिन्होंने जेईई मेन की परीक्षा में निर्धारित सफलता हासिल की थी, लेकिन जोसा के माध्यम से उन्हें कोई सीट आवंटित नहीं की जा सकी। इसके अलावा, ऐसे अभ्यर्थी भी इस दौड़ में शामिल हो सकते हैं जो आवंटित सीट से संतुष्ट नहीं थे और बेहतर विकल्प की तलाश में अपनी किस्मत दोबारा आजमाना चाहते हैं। एनआईटी प्लस सिस्टम के अंतर्गत आने वाले इन प्रतिष्ठित संस्थानों की खाली सीटों को भरने के लिए ही इस विशेष प्रक्रिया का आयोजन किया जाता है।
जरूरी शुल्क और वित्तीय प्रावधान
काउंसलिंग के इस चरण में हिस्सा लेने वाले छात्र-छात्राओं को नियमों के अनुसार अनिवार्य सहभागिता शुल्क का भुगतान करना पड़ता है। श्रेणी के आधार पर इस राशि का निर्धारण किया गया है, ताकि सभी वर्गों के विद्यार्थियों को उचित अवसर मिल सके। सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह शुल्क चालीस हजार रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं दूसरी और, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा दिव्यांग श्रेणी से ताल्लुक रखने वाले छात्रों के लिए यह अनिवार्य शुल्क उन्नीस हजार रुपये तय किया गया है। तय समय सीमा के भीतर इस राशि का भुगतान करना अनिवार्य होता है, अन्यथा अभ्यर्थिता रद्द कर दी जाती है।
च्वॉइस फिलिंग और सीट आवंटन का पूरा चक्र
पंजीकरण का सिलसिला शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों को अपनी पसंद के संस्थान और पाठ्यक्रम यानी ब्रांच चुनने की स्वतंत्रता दी जाती है। पांच अगस्त तक छात्र अपनी पसंद के अनुसार तकनीकी संस्थानों की सूची को व्यवस्थित कर सकेंगे। इसके तुरंत बाद, छह अगस्त को सीएसएबी स्पेशल राउंड के पहले चरण का सीट आवंटन परिणाम सार्वजनिक किया जाएगा। जिन भाग्यशाली युवाओं को इस सूची में जगह मिलेगी, उन्हें छह अगस्त से दस अगस्त के बीच का समय ऑनलाइन रिपोर्टिंग के लिए दिया जाएगा। इस तय अवधि में उन्हें अपने सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे, सीट स्वीकार करने की सहमति देनी होगी और बचा हुआ शुल्क जमा करना होगा।
दूसरा चरण और शारीरिक रूप से रिपोर्टिंग की प्रक्रिया
प्रक्रिया यहीं समाप्त नहीं होती है। पहले चरण के बाद खाली रहने वाली सीटों के लिए स्पेशल राउंड के दूसरे चरण की शुरुआत की जाती है। इस दूसरे चरण का परिणाम बारह अगस्त को घोषित किया जाएगा, जिसके बाद सफल छात्रों को बारह से चौदह अगस्त के बीच ऑनलाइन औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य प्रशासनिक कार्य इसी दौरान संपन्न किए जाएंगे। इसके पश्चात, अंतिम रूप से चयनित होने वाले विद्यार्थियों को संबंधित संस्थान में जाकर भौतिक रूप से उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके लिए तेरह अगस्त से अट्ठारह अगस्त तक की तिथियां मुकर्रर की गई हैं, जिस दौरान छात्रों को कॉलेज परिसर में उपस्थित होकर अपनी प्रवेश प्रक्रिया को स्थाई करना होगा।
CSAB Counselling 2026: पिछले वर्ष किन तकनीकी शाखाओं की रही थी भारी मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों के रुझानों को देखें तो कुछ विशेष संस्थानों और चुनिंदा शाखाओं के प्रति युवाओं का रुझान हमेशा से काफी अधिक रहा है। पिछले वर्ष के आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो आईआईआईटी रांची में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली थी। इसी तरह एनआईटी जमशेदपुर में कंप्यूटर इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लिए छात्रों में भारी होड़ रही थी। निजी और सार्वजनिक सहभागिता वाले अन्य संस्थानों जैसे बीआईटी मेसरा और झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय में भी तकनीकी पाठ्यक्रमों की खासी मांग दर्ज की गई थी।
CSAB Counselling 2026: समय सीमा का ध्यान रखना क्यों है अनिवार्य
शिक्षा जगत से जुड़े विश्लेषकों का स्पष्ट कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में समय का विशेष महत्व है। जरा सी भी लापरवाही या निर्धारित तारीखों को भूल जाना छात्रों के सालभर की मेहनत पर पानी फेर सकता है। बोर्ड की तरफ से यह पहले ही स्पष्ट कर दिया गया है कि तय समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार के विशेष अनुरोध या आवेदन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए यह प्रत्येक आवेदक का कर्तव्य है कि वह हर एक चरण की तारीख को नोट कर ले और समय रहते अपनी ऑनलाइन और ऑफलाइन औपचारिकताएं पूरी कर ले ताकि देश के शीर्ष संस्थानों में सुनहरे भविष्य की नींव रखी जा सके।
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