Constitution Club Meeting: जंतर मंतर पर सीजेपी का जोरदार प्रदर्शन, देशभर में आंदोलन, सरकार से आज संविधान क्लब में बातचीत
देशभर में प्रदर्शन का आह्वान, संविधान क्लब में सरकार और सीजेपी के बीच अहम बैठक आज
Constitution Club Meeting: दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था की अनियमितताओं को लेकर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया। साथ ही सीजेपी ने देशभर में हर जिले में प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस बीच केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के लिए तैयार होने का संकेत दिया है। आज दोपहर संविधान क्लब में सरकार के प्रतिनिधियों और सीजेपी नेताओं के बीच बैठक तय हुई है।
देशभर में एक साथ प्रदर्शन का आह्वान
सीजेपी ने शुक्रवार को देश के हर जिले में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी का नारा है ‘हर जिला, एक दिन, एक मांग’। इस अभियान के जरिए सीजेपी छात्रों की मांगों के समर्थन में आवाज उठाना चाहती है। साथ ही हाल के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुए छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाने की अपील की गई है। पार्टी ने छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन आयोजित करने की अपील की है। दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन लगातार जारी है और इसमें बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हो रहे हैं।
सरकार से संविधान क्लब में बैठक
सरकार ने सीजेपी नेताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। आज दोपहर 12:30 बजे संविधान क्लब ऑफ इंडिया में यह बैठक होनी है। बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह सरकार की ओर से शामिल होंगे। सरकार प्रदर्शन समाप्त करने की अपील कर सकती है और लिखित प्रस्ताव भी सौंप सकती है। पिछले 24 घंटों में सरकार ने सीजेपी नेताओं को चार बार बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार के लिखित आश्वासन के बावजूद इस मांग पर अडिग रहने की बात कही।
सोनम वांगचुक ने समाप्त की भूख हड़ताल
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। उन्होंने 28 जून से अनशन शुरू किया था। गुरुग्राम के अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने अनशन तोड़ा। सरकार ने उन्हें लिखित आश्वासन दिया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त किया। उन्होंने छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया था और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की थी।
प्रधानमंत्री का वीडियो संदेश और सख्त कानून का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात में एक वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि पेपर लीक पर बहुत सख्त कानून का मसौदा आज कैबिनेट की बैठक में पेश किया जाएगा। अगले सप्ताह संसद में इसे पारित कराने का प्रयास किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का भी निर्देश दिया है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट अधिसूचित कर दिए गए हैं। सरकार ने शिक्षा सचिव विनीत जोशी का स्थानांतरण भी किया है और उनके स्थान पर नरेश पाल गंगवार को नया शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है।
दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद और सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन के कारण दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशन बंद रखे गए। सुबह 7:30 बजे से 17 मेट्रो स्टेशन बंद रहे। इनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान शामिल हैं। राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सचिवालय पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रही। दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान से संचालित 480 सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया है। पुलिस का आरोप है कि ये अकाउंट्स अफवाहें फैलाकर छात्रों को भटकाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने छात्रों से अपील की है कि वे कोई भी जानकारी शेयर करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें।
विपक्ष का रुख और संसद में विरोध
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए थी न कि एकतरफा वीडियो संदेश जारी करना चाहिए था। खरगे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा के लिए तैयार है। विपक्षी सांसद आज सुबह 10:30 बजे संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन करने वाले हैं। वे छात्र मुद्दों को उठाएंगे।
Constitution Club Meeting: छात्रों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारियों की सबसे बड़ी मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। इसके अलावा वे पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा दिलाने और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं ने उनकी मेहनत और भविष्य को प्रभावित किया है। वे सरकार से जवाबदेही चाहते हैं। सीजेपी नेताओं का कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन का विस्तार और राजनीतिक असर
नीट पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रह गया है। बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान समेत कई राज्यों में भी समर्थन प्रदर्शन हो रहे हैं। छात्र संगठनों ने भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। सरकार की ओर से सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री (Constitution Club Meeting) के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं। आज की बैठक में दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति बनती है या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल जंतर मंतर पर तनाव बना हुआ है और देशभर में छात्र आंदोलन का दायरा बढ़ता दिख रहा है।
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