Bada Mangal 2026: 2 जून को तीसरा या पांचवां बड़ा मंगल? अधिकमास के कारण भक्तों में भ्रम, जानें सही गणना, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और हनुमान जी की कृपा पाने के विशेष उपाय
अधिकमास से बना 8 बड़ा मंगल का दुर्लभ संयोग, जानें सही तथ्य
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ मास के मंगलवार को हिंदू धर्म में बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है। इस साल ज्येष्ठ मास में अधिकमास पड़ने के कारण कुल 8 बड़ा मंगल का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ऐसे में भक्तों के मन में कन्फ्यूजन है कि 2 जून 2026 को कौन सा बड़ा मंगल है – तीसरा या पांचवां? इस लेख में हम इस दुर्लभ धार्मिक संयोग, पौराणिक महत्व और पूजा विधि के बारे में विस्तार से जानेंगे।
हिंदू कैलेंडर में अधिकमास को धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार ज्येष्ठ मास में अधिकमास लगने से मंगलवार की संख्या बढ़ गई है, जिससे भक्तों के बीच बड़ा मंगल गिनने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
बड़ा मंगल क्या है और क्यों खास?
बड़ा मंगल ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को मनाया जाता है। इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि ज्येष्ठ मास में हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं और संकटों से मुक्ति मिलती है।
सामान्य वर्षों में ज्येष्ठ मास में 4 या 5 मंगलवार होते हैं, लेकिन इस साल अधिकमास के कारण यह संख्या 8 हो गई है। बड़ा मंगल सिर्फ पूजा तक सीमित नहीं है बल्कि यह आस्था, भक्ति और धार्मिक अनुशासन का प्रतीक भी है। भक्त इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ करते हैं और मंदिरों में विशेष भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।
अधिकमास 2026: ज्येष्ठ में 8 बड़ा मंगल का संयोग
हिंदू पंचांग के अनुसार हर 2-3 साल में एक अतिरिक्त मास (अधिकमास) आता है। इस साल ज्येष्ठ मास में अधिकमास पड़ने से पूरा महीना धार्मिक रूप से और भी महत्वपूर्ण हो गया है। अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, जिसमें किए गए पुण्य कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है।
इसी कारण ज्येष्ठ मास के सभी मंगलवार को बड़ा मंगल माना जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि 2 जून 2026 को कौन सा बड़ा मंगल है? विभिन्न पंचांगों और ज्योतिषियों के अनुसार 2 जून को यह पांचवां बड़ा मंगल है, जबकि कुछ स्थानीय परंपराओं में इसे तीसरा माना जा रहा है। इस कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए भक्तों को अपने स्थानीय पंडित या विश्वसनीय पंचांग के अनुसार गिनती करनी चाहिए।
2 जून 2026 को बड़ा मंगल: महत्व और शुभ मुहूर्त
2 जून 2026 को पड़ने वाले बड़े मंगल पर हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद हनुमान मंदिर में दर्शन करना शुभ माना जाता है। विशेष रूप से संकट मोचन हनुमान मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने की संभावना है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन हनुमान जी की कृपा से बाधाएं दूर होती हैं, नौकरी-व्यवसाय में सफलता मिलती है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। भक्त इस दिन लाल चोला, सिंदूर, फूल, मिठाई और घी का दीपक चढ़ाते हैं।
शुभ मुहूर्त: 2 जून को हनुमान पूजा के लिए सुबह 5:30 से 7:00 बजे तक का समय विशेष रूप से शुभ है। जो लोग घर पर पूजा कर रहे हैं, उन्हें लाल रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
पौराणिक कथाएं और धार्मिक मान्यताएं
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ मास में ही भगवान राम और हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी। इसी वजह से इस मास के मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। रामायण काल से लेकर आज तक यह परंपरा चली आ रही है।
कहा जाता है कि बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा करने से शनि दोष, सर्प दोष और अन्य ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है। कई भक्त इस दिन व्रत भी रखते हैं और केवल फलाहार करते हैं। अधिकमास में यह पुण्य और भी बढ़ जाता है।
Bada Mangal 2026: बड़े मंगल में क्या करें और क्या न करें?
बड़े मंगल के दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए:
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परहेज: इस दिन मीट, शराब, प्याज-लहसुन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
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पहनावा: पूजा के दौरान लाल रंग के कपड़े पहनना बेहद शुभ होता है।
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पाठ: हनुमान चालीसा का 11 या 21 पाठ अवश्य करें।
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दान: मंदिर में तेल का दीपक जलाएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीबों को दान दें।
इस दिन महिलाएं भी सक्रिय रूप से पूजा में भाग ले सकती हैं। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए केले, बेसन के लड्डू और चने की दाल का प्रसाद चढ़ाया जाता है।
आधुनिक समय और ज्योतिषीय दृष्टिकोण
आज के व्यस्त जीवन में बड़े मंगल जैसे त्योहार आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करते हैं। शहरों में इस अवसर पर हनुमान मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भजन-कीर्तन, कथा और प्रसाद वितरण का सिलसिला चलता है, जिससे सामाजिक एकता भी बढ़ती है।
ज्योतिष शास्त्र में मंगलवार को मंगल ग्रह से जोड़ा जाता है। ज्येष्ठ मास में बड़ा मंगल मंगल ग्रह की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देता है। इस दिन किए गए उपाय शनि और मंगल दोष को शांत करते हैं। 2026 में गुरु और अन्य ग्रहों के गोचर को देखते हुए बड़े मंगल का महत्व और बढ़ जाता है।
निष्कर्ष: भक्ति में ही सार है
बड़ा मंगल 2026 इस बार अधिकमास के कारण खास बना हुआ है। 2 जून को पड़ने वाला बड़ा मंगल भक्तों के लिए नई आशा और ऊर्जा लेकर आया है। चाहे इसे तीसरा गिना जाए या पांचवां, असली महत्व पूजा और निष्काम भक्ति में है।
जो भक्त असमंजस में हैं, उन्हें अपने स्थानीय पंचांग की मदद लेनी चाहिए, लेकिन मूल रूप से सभी मंगलवार बड़े मंगल ही हैं, इसलिए पूजा में किसी प्रकार का संशय नहीं रखना चाहिए। सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है। हनुमान जी की कृपा से सभी के संकट दूर हों, इसी कामना के साथ आप सभी को बड़े मंगल की शुभकामनाएं।
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