Lucknow to Ujjain: सावन में लखनऊ से उज्जैन महाकाल यात्रा कैसे करें, ट्रेन, बस, फ्लाइट, बेस्ट रूट, भस्म आरती बुकिंग और 2 दिन का पूरा ट्रैवल प्लान
जानें ट्रेन, फ्लाइट, बस, बेस्ट रूट, भस्म आरती बुकिंग और उज्जैन घूमने का पूरा प्लान
Lucknow to Ujjain: श्रावण (सावन) का पावन महीना देवाधिदेव महादेव की नगरी उज्जैन में महाकालेश्वर के दर्शन के लिए सबसे फलदायी और आध्यात्मिक समय माना जाता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों से हर साल लाखों श्रद्धालु सावन के दौरान महाकाल मंदिर में भस्म आरती देखने, शिप्रा नदी के तट पर शाम की आरती में शामिल होने और महाकाल लोक कॉरिडोर की भव्यता का अनुभव करने उज्जैन पहुंचते हैं। लखनऊ से उज्जैन की सड़क मार्ग से कुल दूरी लगभग 750 किलोमीटर से 800 किलोमीटर के आसपास है। सावन के महीने में उज्जैन में श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ उमड़ती है, इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन टिकट, होटल और भस्म आरती की समय रहते पूर्व बुकिंग (Advance Booking) कर लेना अत्यंत आवश्यक है।
ट्रेन, सड़क और हवाई मार्ग से लखनऊ से उज्जैन पहुंचने के विकल्प
लखनऊ से उज्जैन पहुंचने के लिए रेल मार्ग सबसे किफायती और आरामदायक विकल्प माना जाता है। लखनऊ जंक्शन और चारबाग रेलवे स्टेशन से उज्जैन के लिए डायरेक्ट ट्रेनें उपलब्ध हैं, जिनमें सबसे तेज ट्रेन लगभग 11 घंटे 50 मिनट का समय लेती है। इंदौर और उज्जैन रूट पर चलने वाली ट्रेनें रात्रि में सफर पूरा करके सुबह तड़के उज्जैन जंक्शन पहुंचा देती हैं, जहां से मुख्य महाकालेश्वर मंदिर केवल 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सावन के दौरान टिकटों की भारी मांग को देखते हुए आईआरसीटीसी (IRCTC) के माध्यम से अग्रिम बुकिंग कराने की सलाह दी जाती है।
सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालु अपनी निजी कार, टैक्सी या अंतरराज्यीय वोल्वो बसों का चयन कर सकते हैं। लखनऊ से उज्जैन का सबसे बेस्ट रूट कानपुर, झांसी, शिवपुरी, गुना, शाजापुर और देवास होकर जाता है। इस मार्ग से कार द्वारा यात्रा तय करने में आमतौर पर 12 से 14 घंटे का समय लगता है। जो यात्री बेहद कम समय में उज्जैन पहुंचना चाहते हैं, वे हवाई मार्ग का विकल्प चुन सकते हैं। उज्जैन में व्यावसायिक हवाई अड्डा न होने के कारण सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर का देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट है, जो उज्जैन से लगभग 53 किलोमीटर दूर है। लखनऊ से इंदौर के लिए रोजाना डायरेक्ट फ्लाइट्स उपलब्ध हैं, जहां से एक से डेढ़ घंटे में टैक्सी या बस द्वारा उज्जैन पहुंचा जा सकता है।
भस्म आरती बुकिंग, मंदिर नियम और सावन यात्रा के जरूरी टिप्स
महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन तड़के सुबह 4 बजे होने वाली प्रसिद्ध भस्म आरती में शामिल होने के लिए मंदिर की आधिकारिक ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से पहले से स्लॉट बुक करना अनिवार्य होता है। सावन के महीने में भस्म आरती के ऑनलाइन टिकट कुछ ही मिनटों में फुल हो जाते हैं, इसलिए भक्तों को तारीख खुलते ही तुरंत बुकिंग कर लेनी चाहिए। दर्शन के दौरान मंदिर प्रशासन के ड्रेस कोड और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना होता है। भीड़ अधिक होने के कारण मंदिर परिसर के पास ही होटल या धर्मशाला में रुकना सुविधाजनक रहता है ताकि तड़के या देर रात मंदिर आने-जाने में परेशानी न हो।
Lucknow to Ujjain: उज्जैन के मुख्य दर्शनीय स्थल और दो दिन का परफेक्ट प्लान
उज्जैन यात्रा के दौरान महाकालेश्वर मंदिर के अलावा नवनिर्मित और भव्य महाकाल लोक कॉरिडोर घूमना एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है, जहां शाम के समय लाइट और साउंड का विहंगम दृश्य देखने को मिलता है। इसके अतिरिक्त 51 शक्तिपीठों में शामिल माता हरसिद्धि मंदिर, मदिरा के भोग के लिए प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर, मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाने वाला मंगलनाथ मंदिर, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली संदीपनि आश्रम और शिप्रा नदी का रामघाट प्रमुख दर्शनीय केंद्र हैं।
दो दिन के यात्रा प्लान (Lucknow to Ujjain) में पहले दिन होटल चेक-इन के बाद दोपहर में महाकाल मंदिर के सामान्य या शीघ्र दर्शन करें, तत्पश्चात महाकाल लोक कॉरिडोर की विशाल मूर्तियों और फव्वारों का आनंद लें। शाम को रामघाट पर होने वाली महाआरती और हरसिद्धि माता मंदिर के दीप स्तंभों की आरती में शामिल हों। दूसरे दिन यदि भस्म आरती की बुकिंग हो तो तड़के दर्शन करें, जिसके बाद काल भैरव, मंगलनाथ, गढ़कालिका मंदिर और संदीपनि आश्रम के दर्शन करके यात्रा संपन्न की जा सकती है। उज्जैन की इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान स्थानीय व्यंजनों में पोहा-जलेबी, मालवी दाल-बाफला और साबूदाना खिचड़ी का स्वाद लेना न भूलें।
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