Bihar Agriculture Scheme: बिहार में दाल मिल लगाइए, पाइए 25 लाख रुपये तक सब्सिडी, 15 सितंबर तक करें ऑनलाइन आवेदन
Bihar Agriculture Scheme: बिहार में दाल मिल लगाइए, पाइए 25 लाख रुपये तक सब्सिडी, 15 सितंबर तक करें ऑनलाइन आवेदन
Bihar Agriculture Scheme: बिहार में मिल उद्योग से जुड़ने की सोच रहे लोगों के लिए एक शानदार मौका सामने आया है। राज्य सरकार दाल मिल लगाने के इच्छुक उद्यमियों को 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। बिहार के कृषि विभाग ने सूबे में दलहन के प्रसंस्करण और भंडारण को बढ़ावा देने के मकसद से दाल प्रसंस्करण इकाई स्थापना योजना शुरू की है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक व्यक्ति 15 सितंबर 2026 तक इस योजना के लिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के मुताबिक यह योजना दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत लाई गई है, जिसका मकसद किसानों की आय दोगुनी करना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। पैक्स, उद्यमी और व्यक्तिगत आवेदक समेत कई श्रेणी के लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
Bihar Agriculture Scheme: किन लोगों के लिए है यह दाल मिल सब्सिडी योजना
बिहार सरकार की इस दलहन योजना के तहत नई दाल मिल इकाइयां लगाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है, जिसके लिए कई तरह के आवेदक पात्र माने गए हैं। पैक्स यानी प्राथमिक कृषि साख समितियां, स्थानीय उद्यमी, व्यक्तिगत आवेदक और अन्य पंजीकृत संस्थाएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। इससे न सिर्फ बड़े निवेशकों बल्कि छोटे स्तर पर काम शुरू करने वाले लोगों को भी दाल प्रसंस्करण के क्षेत्र में कदम रखने का मौका मिलेगा।
कितनी और किस आधार पर मिलेगी सब्सिडी की राशि
बिहार में दाल मिल लगाने पर परियोजना की कुल लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 25 लाख रुपये, जो भी इनमें से कम हो, अनुदान के तौर पर दिया जाएगा। यह सहायता राशि दाल मिल प्लांट की मशीनरी, भवन निर्माण, वेयरहाउस और भंडारण संबंधी ढांचे के लिए उपलब्ध होगी। हालांकि भवन और भंडारण निर्माण के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि कुल पात्र अनुदान के अधिकतम 30 प्रतिशत तक ही सीमित रखी गई है।
इन खर्चों पर नहीं मिलेगा योजना का अनुदान
आवेदकों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस योजना के तहत हर तरह के खर्च पर सब्सिडी नहीं मिलेगी। भूमि खरीद, बिजली कनेक्शन, मानव संसाधन और अन्य संचालन संबंधी व्यय को इस अनुदान से बाहर रखा गया है। यानी सब्सिडी केवल मशीनरी और भवन-भंडारण के निर्माण तक ही सीमित रहेगी, जबकि बाकी खर्चों की व्यवस्था आवेदक को खुद करनी होगी।
डीबीटी के जरिए सीधे खाते में आएगी अनुदान राशि
योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी व्यवस्था अपनाई है। इसका मतलब यह है कि स्वीकृत अनुदान की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पात्र आवेदकों को समय पर उनका हक मिल सकेगा।
Bihar Agriculture Scheme: इन जिलों में लागू है दाल प्रसंस्करण इकाई योजना
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह नई दाल प्रसंस्करण इकाई योजना पटना, नालंदा, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, लखीसराय, सुपौल, भागलपुर, सीतामढ़ी, जहानाबाद और गया जिलों में लागू की गई है। इन जिलों के इच्छुक आवेदकों को समय रहते ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी, ताकि वे इस सरकारी सहायता का लाभ उठा सकें।
कुल मिलाकर बिहार सरकार की यह दाल मिल सब्सिडी योजना किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। दलहन प्रसंस्करण को बढ़ावा देने से जहां किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, वहीं स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इच्छुक उद्यमियों और आवेदकों के लिए 15 सितंबर की अंतिम तिथि से पहले आवेदन जमा करना बेहद जरूरी है, ताकि वे इस सुनहरे अवसर से वंचित न रह जाएं। आने वाले समय में अगर यह योजना सफल रहती है, तो सरकार इसे अन्य जिलों में भी विस्तार दे सकती है।
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