Back Pain Reasons: पीठ दर्द से हैं परेशान? तो कहीं आपकी ये छोटी-छोटी आदतें ही तो नहीं बन रही हैं मुसीबत?

Back Pain Reasons: कहीं आपकी ये 5 आदतें तो नहीं बढ़ा रहीं पीठ दर्द?

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Back Pain Reasons: क्या आप भी काम के बीच अक्सर कमर में जकड़न महसूस करते हैं? अगर आपका जवाब ‘हां’ है, तो सावधान हो जाइए। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अनजाने में अपनी दिनचर्या में ऐसी कई गलतियां कर रहे हैं, जो हमारी रीढ़ की हड्डी के लिए काल बन रही हैं। कभी घंटों तक एक ही कुर्सी पर टिके रहना, तो कभी गलत तरीके से स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना। छोटी-छोटी दिखने वाली आदतें लंबे समय में रीढ़ की हड्डी की डिस्क पर ऐसा दबाव डालती हैं कि चलना-फिरना तक मुहाल हो जाता है।

Back Pain Reasons: गलत तरीके से बैठना और घंटों का स्टेटिक लोड

हमारी रीढ़ की हड्डी कुदरती तौर पर लचीली बनाई गई है, जो हमें आगे-पीछे और दाएं-बाएं मुड़ने की सुविधा देती है। लेकिन ऑफिस डेस्क पर घंटों एक ही पोजीशन में बैठे रहने से शरीर पर ‘स्टेटिक लोड’ पड़ता है। आप भले ही कितनी ही महंगी और आरामदायक कुर्सी पर क्यों न बैठे हों, यह लोड इंटरवर्टेब्रल डिस्क को दबा देता है। समय के साथ डिस्क के अंदर का लचीला तरल पदार्थ दबकर बाहर की तरफ निकलने लगता है या सूखने लगता है। यही वो वजह है जिससे युवावस्था में ही लोगों को कमर में दर्द और अकड़न की शिकायत होने लगती है।

स्मार्टफोन का गलत इस्तेमाल और सर्वाइकल का खतरा

आजकल हर हाथ में स्मार्टफोन है और नजरें लगातार स्क्रीन पर टिकी रहती हैं। जब आप मोबाइल देखने के लिए सिर को 60 डिग्री तक झुकाते हैं, तो आपकी सर्वाइकल स्पाइन यानी गर्दन की हड्डी पर लगभग 27 किलोग्राम तक का भार बढ़ जाता है। इस अतिरिक्त वजन का दबाव नीचे की ओर पूरी पीठ तक पहुंचता है, जिससे रीढ़ की हड्डी का मध्य भाग अपनी प्राकृतिक स्थिति से हट जाता है। यह गलत पोश्चर भविष्य में गंभीर पीठ दर्द और नसों की समस्याओं को न्योता देता है। यदि आप भी घंटों सिर झुकाकर मोबाइल चलाते हैं, तो समझ लीजिए कि आप अपनी रीढ़ पर भारी बोझ डाल रहे हैं।

गलत गद्दे का चुनाव और पानी की कमी

रात भर की नींद शरीर की थकान मिटाने के लिए होती है, लेकिन अगर आपका बिस्तर गलत है, तो यह थकान का कारण बन सकती है। बहुत ज्यादा मुलायम गद्दों पर सोने से पेल्विक एरिया पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे सुबह उठते ही शरीर में जकड़न महसूस होती है। इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी भी रीढ़ की हड्डी की दुश्मन है। स्पाइनल डिस्क का 80 फीसदी हिस्सा पानी से बना होता है। दिन भर के काम के दौरान गुरुत्वाकर्षण की वजह से इनमें पानी की कमी होती रहती है। यदि आप पर्याप्त पानी नहीं पीते, तो रात के समय डिस्क खुद को वापस फुला नहीं पाती, जिससे वे पतली और कमजोर होने लगती हैं।

जिम और वजन उठाने के दौरान सावधानियां

फिट रहने का जुनून अच्छा है, लेकिन बिना सही तकनीक के भारी वजन उठाना आपकी रीढ़ के लिए खतरनाक हो सकता है। जल्दी बॉडी बनाने की होड़ में अक्सर लोग क्षमता से अधिक वजन उठाते हैं और पीठ को गोलाई में मोड़ लेते हैं। ऐसा करने से डिस्क L4 और L5 पर बेतहाशा प्रेशर पड़ता है, जो स्लिप डिस्क या नसों में खिंचाव का मुख्य कारण बनता है। इसी तरह, गलत जूते भी आपकी चाल को बिगाड़ देते हैं। फ्लैट चप्पल या हाई हील्स पहनने से शरीर का गुरुत्वाकर्षण केंद्र बदल जाता है, जिससे पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को शरीर सीधा रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जो दर्द के रूप में सामने आती है।

Back Pain Reasons: कैसे रखें अपनी रीढ़ की हड्डी को सुरक्षित?

छोटी आदतों में बदलाव ही बड़े नुकसान से बचाव का तरीका है। दफ्तर में काम के दौरान हर 30-40 मिनट में ब्रेक लें और अपनी पीठ को स्ट्रेच करें। स्मार्टफोन को आंखों के स्तर पर रखें ताकि गर्दन न झुकानी पड़े। सोने के लिए बहुत अधिक मुलायम गद्दे से बचें। सबसे अहम है पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन, ताकि डिस्क अपना लचीलापन बरकरार रख सकें।

अगर आपकी पीठ में लगातार दर्द बना हुआ है या यह दर्द पैरों तक जा रहा है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यह शरीर का एक संकेत है कि आपको अब डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है। आपकी रीढ़ की हड्डी आपके पूरे शरीर का आधार है। याद रखिए, आज आपकी छोटी सी सतर्कता भविष्य में आपको एक स्वस्थ और दर्द-मुक्त जीवन दे सकती है। अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव लाएं और खुद को इस गंभीर समस्या से बचाएं।

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