Ayushman Sarathi Launch: अब व्हाट्सएप पर मिलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी, घर बैठे होंगे सारे काम

Ayushman Sarathi Launch: अब व्हाट्सएप पर मिलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी, घर बैठे होंगे सारे काम

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Ayushman Sarathi Launch: देश भर के करोड़ों लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आज ‘आयुष्मान सारथी’ चैटबॉट का विधिवत शुभारंभ किया। अब आम लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही घंटों हेल्पलाइन नंबर पर कॉल का इंतजार करना होगा। स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम सरकारी योजनाएं और उनकी सुविधाएं अब आपके मोबाइल के व्हाट्सएप पर चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी। यह नई डिजिटल पहल आम आदमी के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की राह बेहद आसान बनाने वाली है।

इस डिजिटल क्रांति के दौरान मंत्री जेपी नड्डा ने केवल आयुष्मान सारथी ही नहीं, बल्कि आरोग्य सेतु 2.0 और यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस यानी यूएचआई जैसी कई अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहलें भी लॉन्च कीं। सरकार का साफ मानना है कि यदि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है, तो देश के हर नागरिक का स्वस्थ होना पहली शर्त है। इन नई सेवाओं के जरिए सरकार स्वास्थ्य तंत्र में व्याप्त लंबी लाइनों और कागजी कार्यवाही को कम करके सीधे लाभार्थी तक पहुंचना चाहती है।

Ayushman Sarathi Launch: क्या है आयुष्मान सारथी और यह कैसे काम करेगा?

आयुष्मान सारथी पूरी तरह से व्हाट्सएप पर आधारित एक स्मार्ट चैटबॉट है। यह पीएम जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के लिए एक डिजिटल मददगार की तरह है। अब आपको आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी अपनी पात्रता जांचने के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है। आप सीधे व्हाट्सएप के जरिए यह पता लगा सकते हैं कि आप योजना के दायरे में आते हैं या नहीं।

इस चैटबॉट के माध्यम से आप अपना आयुष्मान कार्ड आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। इतना ही नहीं, यदि आप ई केवाईसी पूरा करना चाहते हैं या फिर अपने कार्ड को सुरक्षित रखने के लिए उसे लॉक या अनलॉक करना चाहते हैं, तो यह सुविधा भी व्हाट्सएप पर उपलब्ध रहेगी। विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड से जुड़ी तमाम सेवाएं अब उनके स्मार्टफोन पर एक क्लिक की दूरी पर होंगी।

इलाज और अस्पताल की जानकारी अब जेब में

अक्सर लोगों को यह पता करने में परेशानी होती है कि उनके क्षेत्र का कौन सा अस्पताल आयुष्मान योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध है। आयुष्मान सारथी इस समस्या का भी समाधान करता है। आप व्हाट्सएप के जरिए अपने पास के अस्पतालों की सूची देख सकते हैं। इसके अलावा, यदि किसी अस्पताल में भर्ती के दौरान कोई समस्या आती है, तो आप वहीं से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उसे ट्रैक भी कर सकते हैं।

इलाज के दौरान आपका कितना बैलेंस बचा है और अब तक आपने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ किस प्रकार लिया है, इसका पूरा ब्यौरा आपको अपनी चैट विंडो में मिल जाएगा। सबसे खास बात अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अपना फीडबैक जमा करने की सुविधा है। इससे सरकारी तंत्र को भी पता चलेगा कि जमीनी स्तर पर सेवाएं कैसी मिल रही हैं, जिससे पारदर्शिता और नागरिक भागीदारी में बड़ा सुधार आएगा।

आरोग्य सेतु 2.0 का नया अवतार

कोविड के दौर में आरोग्य सेतु ऐप ने डिजिटल स्वास्थ्य की नींव रखी थी, अब उसी का नया और उन्नत संस्करण आरोग्य सेतु 2.0 लॉन्च किया गया है। यह नया ऐप व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड के लिए एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा। इसके जरिए अब आप अपने स्वास्थ्य बीमा कवरेज और उससे जुड़े दावों की जानकारी रीयल टाइम में प्राप्त कर सकते हैं।

यह एप्लीकेशन आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का एक हिस्सा है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपना आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता यानी आभा आईडी बना सकता है। अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन की लंबी लाइनों से बचने के लिए इसमें स्कैन एंड शेयर की सुविधा भी दी गई है, जिससे मरीज सीधे अपने डिजिटल रिकॉर्ड के साथ अस्पताल में प्रवेश कर सकेंगे। यह डिजिटल गेटवे स्वास्थ्य संबंधी डेटा के प्रबंधन को बहुत ही व्यवस्थित बना देगा।

Ayushman Sarathi Launch: यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस से मिलेगी बड़ी राहत

जेपी नड्डा ने यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस यानी यूएचआई का भी अनावरण किया। यह तकनीक मरीजों को एक ही ऐप के बंधन से आजाद करती है। पहले अक्सर होता था कि कुछ खास सेवाएं कुछ विशेष ऐप्स पर ही मिलती थीं, लेकिन यूएचआई के जरिए आप अपनी पसंद के किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके स्वास्थ्य सेवाएं ढूंढ सकते हैं, बुक कर सकते हैं और उनका लाभ ले सकते हैं। यह इंटरऑपरेबल डिजिटल नेटवर्क मरीजों को ज्यादा विकल्प और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं चुनने की स्वतंत्रता देगा।

Ayushman Sarathi Launch: स्वास्थ्य के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति का लक्ष्य

लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान जेपी नड्डा ने मातृ व नवजात स्वास्थ्य की देखभाल के लिए सुमन रोडमैप के साथ साथ एनिमिया मुक्त भारत अभियान को भी आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक का सही उपयोग तभी सार्थक है जब वह गांव के आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति की मदद कर सके। सरकार की कोशिश है कि 2030 तक मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने के अपने लक्ष्यों को इन नई डिजिटल सुविधाओं के बल पर हासिल किया जाए।

ये तमाम पहलें न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बना रही हैं, बल्कि सरकारी तंत्र के प्रति लोगों के भरोसे को भी बढ़ा रही हैं। जब किसी गरीब परिवार को अस्पताल के गेट पर यह पता चले कि उसे कार्ड कैसे बनवाना है और उसका बैलेंस कितना है, तो यह वास्तव में एक बड़ी मानवीय सेवा है।

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