Arvind Kejriwal ने शराब नीति को दिए 10 में 10 नंबर, शिक्षा-स्वास्थ्य में 8-9, बिजली में पूरे अंक, बोले- काम अभी बाकी था
Arvind Kejriwal ने शराब नीति को दिए 10 में 10 नंबर, शिक्षा-स्वास्थ्य में 8-9, बिजली में पूरे अंक, बोले- काम अभी बाकी था
Arvind Kejriwal: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार के कामकाज को खुद नंबर दिए हैं। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में केजरीवाल ने शराब नीति और बिजली को 10 में 10 अंक दिए, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य को 8 या 9 नंबर देते हुए माना कि इन क्षेत्रों में अभी और काम करना बाकी था। दिलचस्प यह है कि जिस शराब नीति को लेकर लगे कथित घोटाले के आरोपों में उन्हें और मनीष सिसोदिया को कई महीने जेल में रहना पड़ा, उसे उन्होंने पूरे अंक दिए। इस मामले में निचली अदालत उन्हें बरी कर चुकी है और अब मामला हाई कोर्ट में लंबित है। सरकार जाने के करीब डेढ़ साल बाद उनका यह आकलन चर्चा में है।
इंटरव्यू में कैसे मांगे गए नंबर
इंटरव्यू के दौरान केजरीवाल से शिक्षा, स्वास्थ्य, यमुना सफाई, बिजली, वायु प्रदूषण और शराब नीति जैसे मुद्दों पर अपनी सरकार को 1 से 10 के बीच अंक देने को कहा गया। इसमें 1 का मतलब सबसे कम और 10 का मतलब सर्वोत्तम था।
एक दशक से ज्यादा समय तक दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार चली। पार्टी शिक्षा और स्वास्थ्य के काम को शासन का नया मॉडल बताकर पेश करती रही है। इसी वजह से इन दोनों क्षेत्रों पर उनके जवाब पर सबकी नजर रही।
शिक्षा और स्वास्थ्य में 8-9 नंबर
शिक्षा को लेकर केजरीवाल ने कहा कि वे 8 या 9 अंक देंगे। उनके मुताबिक और भी काफी कुछ करना बाकी था, जो सरकार करना चाहती थी, इसलिए वे 10 नहीं देंगे। शिक्षा को उनकी सरकार सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करती रही है। केजरीवाल तत्कालीन शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के लिए भारत रत्न तक की मांग कर चुके हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उन्होंने 8 या 9 नंबर दिए। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप था कि सरकार जाने के बाद मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए गए। केजरीवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले वे तिलक नगर गए थे, जहां एक मोहल्ला क्लीनिक में गाय-भैंस चर रही थीं। उन्होंने इस पर दुख जताया।
बिजली में पूरे अंक, पानी में 7
बिजली पर केजरीवाल ने खुद को 10 में 10 नंबर दिए। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में 24 घंटे बिजली आने लगी थी और वह मुफ्त थी। उनका कहना है कि अब फिर से बिजली कटौती होने लगी है।
पाइप से पानी की आपूर्ति पर उन्होंने 7 नंबर लिए। उनके अनुसार द्वारका जैसे कई इलाकों में पानी पहुंचाया गया और पानी साफ भी होने लगा था। उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि अगले पांच साल में दिल्ली में 24 घंटे पानी की व्यवस्था हो जाती।
ट्रांसपोर्ट, रोड और गवर्नेंस पर आकलन
पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर केजरीवाल ने 7 या 8 नंबर दिए। शासन और पारदर्शिता तथा सड़क और ड्रेनेज के लिए उन्होंने 8-9 अंक दिए। ड्रेनेज पर उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान बना रही थी। महिला सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह मामला केंद्र सरकार के अधीन है। इस पर उन्होंने कोई अंक नहीं दिया।
प्रदूषण और यमुना पर केंद्र की ओर इशारा
वायु प्रदूषण पर केजरीवाल ने कोई नंबर नहीं दिया। उनका कहना था कि यह पूरी तरह दिल्ली सरकार पर निर्भर नहीं था। सर्दियों में पराली का धुआं बाहर के राज्यों से आता है और इसमें 6-7 राज्य शामिल हैं, इसलिए केंद्र सरकार को सभी को साथ बैठाकर काम करना होगा।
यमुना सफाई पर भी उन्होंने केंद्र के सहयोग की जरूरत बताई। उनके अनुसार नदी का कुछ हिस्सा दिल्ली सरकार, कुछ डीडीए और कुछ दूसरी एजेंसियों के पास है, जो गवर्नेंस के लिए दिक्कत है। उन्होंने सुझाव दिया कि दिल्ली मेट्रो की तरह यमुना के लिए अलग कंपनी बने। साथ ही उन्होंने कहा कि अब 6-7 इंजन की सरकार होने के बाद भी डेढ़ साल में यमुना साफ नहीं हुई।
शराब नीति पर 10 में 10 का दावा
शराब नीति को केजरीवाल ने पूरे 10 अंक दिए। उन्होंने कहा कि नीति बहुत अच्छी थी और इसे पंजाब में भी लागू किया गया है, जहां वह अच्छी चल रही है। उनके दावे के मुताबिक पंजाब में राजस्व 5 हजार करोड़ से बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपये हो गया।
नीति की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली में शराब के ठेके सरकारी थे और निजी ठेकों की नीलामी नहीं होती थी। हर साल 10-15 प्रतिशत दर बढ़ाकर दिए जाते थे, जिसमें भ्रष्टाचार होता था। उनके अनुसार नीलामी से दोगुना-तिगुना राजस्व मिल रहा था। उन्होंने सवाल किया कि इस नीति में गलत क्या है।
जेल जाने का दर्द
केजरीवाल ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख इस बात का है कि पूरी जिंदगी कट्टर ईमानदारी में बिताने के बाद भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जाना पड़ा। उनके मुताबिक किसी और मामले में जेल जाते तो इतना दुख नहीं होता।
उन्होंने कहा कि टीवी पर 24 घंटे चलता था कि केजरीवाल भ्रष्टाचारी हैं और जमानत नहीं मिल रही, जिससे लोगों के मन में शक पैदा होता है। उनका दावा है कि ट्रायल कोर्ट ने आरोपों की कड़ी आलोचना की, जिसके बाद लोगों को लगने लगा कि भाजपा ने उनके साथ अन्याय किया।
अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार को बिजली और शराब नीति पर 10 में 10 अंक दिए, जबकि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोड, ड्रेनेज और गवर्नेंस को 8-9 नंबर मिले। पानी को 7 और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को 7-8 अंक दिए गए। प्रदूषण और यमुना सफाई पर उन्होंने केंद्र की भूमिका को अहम बताया। शराब नीति से जुड़ा मामला अभी दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है, इसलिए अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है। तब तक यह इंटरव्यू राजनीतिक बहस का मुद्दा बना रह सकता है।
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