Amravati Accident: समृद्धि हाईवे पर ट्रक ने पिकअप वैन को मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत, 21 घायल
समृद्धि महामार्ग पर ट्रक की पिकअप वैन से टक्कर, 5 लोगों की मौत और 21 घायल
Amravati Accident: महाराष्ट्र के अमरावती जिले में नागपुर-मुंबई सुपर कम्युनिकेशन एक्सप्रेसवे (समृद्धि महामार्ग) पर शुक्रवार देर रात एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। धामनगांव रेलवे क्षेत्र के निकट तेज गति से आ रहे एक भारी मालवाहक ट्रक ने सवारियों से भरी बोलेरो पिकअप वैन को पीछे से अत्यंत भीषण टक्कर मार दी। आधी रात के सन्नाटे में हुई यह टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि पिकअप वैन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार पांच यात्रियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं इस भयानक हादसे में 21 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही हाईवे पुलिस, स्थानीय ग्रामीण थाना पुलिस और आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा का दल तुरंत मौके पर पहुंचा। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से हताहतों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से कई लोगों की अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
Amravati Accident: धामनगांव रेलवे के पास चैनल नंबर 97 पर आधी रात को मची चीख-पुकार
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह भीषण दुर्घटना अमरावती जिले के धामनगांव रेलवे थाना अंतर्गत समृद्धि एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 97 के पास रात करीब 12 बजकर 45 मिनट पर हुई। उस समय एक्सप्रेसवे पर वाहनों का नियमित आवागमन जारी था। बोलेरो पिकअप वैन अपने गंतव्य की ओर अग्रसर थी, तभी पीछे से अत्यधिक तीव्र गति में आए एक भारी ट्रक चालक ने अपना नियंत्रण खो दिया और पिकअप को सीधी टक्कर मार दी।
पीछे से हुई इस जबर्दस्त भिड़ंत के कारण पिकअप वैन सड़क पर कई बार पलटी खा गई और उसका पिछला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। वाहन में सवार मजदूर और ग्रामीण वर्ग के लोग अचानक हुए इस अप्रत्याशित आघात से संभल भी नहीं सके। दुर्घटनास्थल पर यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर एक्सप्रेसवे से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने गाड़ियां रोककर तत्काल पुलिस नियंत्रण कक्ष और टोल प्रबंधन को सूचित किया।
5 यात्रियों की मौके पर ही मौत, 21 गंभीर रूप से घायल
इस दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की जान चली गई है। पिकअप के पिछले हिस्से में बैठे लोग इस टक्कर का सीधा शिकार बने, जिससे उन्हें संभलने का लेशमात्र भी अवसर नहीं मिला। स्थानीय चिकित्सकों ने पांच व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया। मृतकों में महिलाएं और पुरुष शामिल बताए जा रहे हैं, जिनकी शिनाख्त और पंचनामा की विधिक प्रक्रिया पुलिस द्वारा पूरी की जा रही है।
दुर्घटना में घायल हुए 21 लोगों में से कई यात्रियों के सिर, हाथ, पैर और पसलियों में गंभीर फ्रैक्चर व आंतरिक चोटें आई हैं। घटनास्थल पर खून से लथपथ पड़े यात्रियों को पुलिस और राहगीरों ने मिलकर बाहर निकाला। अचानक इतनी बड़ी संख्या में हताहतों के आने से स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों में आपातकालीन अलर्ट जारी कर अतिरिक्त मेडिकल स्टाफ को ड्यूटी पर तैनात किया गया।
धामनगांव ग्रामीण अस्पताल से वर्धा मेडिकल कॉलेज रेफर
हादसे के उपरांत आपातकालीन वाहनों के माध्यम से सभी 21 घायलों को सबसे पहले निकटवर्ती धामनगांव ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया, रक्तस्राव को रोकने के लिए पट्टियां बांधीं और ग्लूकोज व दर्दनिवारक दवाएं दीं। प्राथमिक जांच में ही स्पष्ट हो गया कि कई घायलों की हालत अत्यंत नाजुक है और उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (ICU) व विशेषज्ञ ट्रॉमा केयर की दरकार है।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन ने एम्बुलेंस के काफिले के जरिए गंभीर रूप से घायल मरीजों को तत्काल वर्धा स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (सवांगी/सेवाग्राम) के लिए रेफर कर दिया। वर्धा मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा वार्ड में सर्जनों और विशेषज्ञों की विशेष टीम घायलों के आपातकालीन ऑपरेशन और उपचार में जुटी हुई है। जिला प्रशासन लगातार अस्पताल प्रबंधन के संपर्क में है ताकि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता बिना किसी विलंब के मिल सके।
पुलिस ने शुरू की दुर्घटना की विस्तृत जांच: ओवरस्पीडिंग और झपकी की आशंका
अमरावती ग्रामीण पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क किनारे हटाकर एक्सप्रेसवे के यातायात को सामान्य कराया और मामले की विस्तृत आपराधिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रारंभिक तौर पर ट्रक चालक की लापरवाही, अत्यधिक गति और देर रात चालक को झपकी आने (Highway Hypnosis) के कोण से पड़ताल कर रही है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, ट्रक चालक द्वारा सुरक्षित दूरी (Safe Distance) के नियम का घोर उल्लंघन किया गया था या नहीं, इसका पता लगाने के लिए चैनल नंबर 97 और नजदीकी टोल प्लाजा के हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि पिकअप वैन में क्षमता से अधिक यात्री तो नहीं बिठाए गए थे और क्या वाहन के पिछले हिस्से में टेल लैंप अथवा रिफ्लेक्टर ठीक से काम कर रहे थे। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
समृद्धि एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा पर फिर उठे सवाल: हाई-स्पीड कॉरिडोर बना चिंता का सबब
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई को उपराजधानी नागपुर से जोड़ने वाला 701 किलोमीटर लंबा हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे समृद्धि महामार्ग आधुनिक यात्रा का गौरव होने के साथ-साथ गंभीर सड़क हादसों के लिए भी लगातार सुर्खियों में रहा है। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा वाले इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सीधे और लंबे स्ट्रेच होने के कारण चालकों में थकान, नींद की झपकी और ओवरस्पीडिंग की समस्याएं बार-बार दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनती हैं।
महाराष्ट्र हाईवे पुलिस के आधिकारिक संकलित आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में समृद्धि एक्सप्रेसवे पर 128 अत्यंत घातक सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिनमें 152 बेकसूर नागरिकों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। उसी वर्ष 46 गंभीर हादसों में 140 लोग गंभीर रूप से अपंग और घायल हुए थे। अमरावती की यह ताजा दुर्घटना एक बार फिर इस कड़वी हकीकत को उजागर करती है कि आधुनिक अधोसंरचना के बावजूद जब तक भारी और हल्के वाहनों के बीच अनुशासन, गति नियंत्रण और रात में ड्राइविंग सुरक्षा के कड़े नियमों का पालन नहीं होगा, तब तक ऐसे मानवीय संहार को रोक पाना अत्यंत दुष्कर बना रहेगा।
Amravati Accident: परिजनों में कोहराम, प्रशासनिक सहायता की दरकार
अमरावती में समृद्धि महामार्ग पर आधी रात को घटी यह विदारक घटना न केवल पांच परिवारों के लिए कभी न भरने वाला गहरा घाव छोड़ गई है, बल्कि 21 घायल जिंदगियों को अस्पताल के बिस्तरों पर संघर्ष करने को विवश कर चुकी है। मृतकों के परिजनों को जैसे ही इस अनहोनी की खबर मिली, घरों में कोहराम मच गया और परिजन बदहवास होकर अस्पतालों की ओर दौड़ पड़े।
इस त्रासदी ने एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर रात्रि गश्त, लेन अनुशासन की कड़ी निगरानी और भारी वाहनों के अंधाधुंध परिचालन पर कठोर दंडात्मक व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित किया है। जब तक पुलिस जांच पूरी होकर अदालत में जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता वर्धा और धामनगांव में उपचाराधीन सभी 21 घायलों को जीवनदान देना और पीड़ित परिवारों को त्वरित ढांढस व आर्थिक संबल पहुंचाना ही है।
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