Aaj Ka Mausam 2 October 2026: 22 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, दिल्ली-UP समेत कई जगह बदलेगा मौसम
दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना, दक्षिण-पूर्वोत्तर में भारी बारिश
Aaj Ka Mausam 2 October 2026: अक्टूबर महीने की शुरुआत और राष्ट्रीय पर्व गांधी जयंती के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिलेगा। 2 अक्टूबर 2026 को जहां एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नम हवाओं के चलते देश के करीब 22 राज्यों में आंधी, बिजली कड़कने और हल्की से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में मौसमी गतिविधियां सर्वाधिक सक्रिय रहने का अनुमान है, जहां तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। इसके विपरीत दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में धूप और बादलों की लुकाछिपी के बीच उमस भरी गर्मी और स्थानीय बूंदाबांदी का मिला-जुला असर बना रहेगा।
Aaj Ka Mausam 2 October 2026: मानसून की वापसी और देश में मौसमी प्रणालियों का प्रभाव
मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्से से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। आगामी दो से तीन दिनों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के शेष भागों, गुजरात और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा।
हालांकि मानसून की विदाई का अर्थ यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह थम गई है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और प्रायद्वीपीय भारत में बने ट्रफ के कारण नम हवाएं मैदानी और पर्वतीय अंचलों में प्रवेश कर रही हैं। इसी के चलते पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत और दक्षिणी राज्यों में बारिश का सिलसिला अभी थमता नजर नहीं आ रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम: शुष्क हवाओं के बीच हल्की फुहारों की संभावना
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद) में 2 अक्टूबर को मौसम मिला-जुला रहेगा। मौसम के कुछ मॉडल्स दर्शाते हैं कि दिल्ली में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी या धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं अन्य पूर्वानुमानों के अनुसार मानसून वापसी के कारण वातावरण मुख्य रूप से शुष्क रहेगा।
तापमान के मोर्चे पर दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का अनुमान है। सुबह और देर शाम के समय हल्की ठंडक का अहसास होगा, किंतु दोपहर में तेज धूप के कारण हल्की उमस परेशान कर सकती है। यदि दोपहर बाद स्थानीय स्तर पर गर्जना वाले बादल विकसित होते हैं, तो तापमान में दो से तीन डिग्री की तात्कालिक गिरावट दर्ज हो सकती है।
उत्तर प्रदेश: लखनऊ समेत इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
उत्तर प्रदेश में मौसम को लेकर क्षेत्रीय भिन्नता बनी हुई है। मौसम विभाग के ताजा अलर्ट के अनुसार प्रदेश के तराई और पूर्वी हिस्सों में बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है। मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, कानपुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, उन्नाव, कन्नौज, सीतापुर, फर्रुखाबाद, बरेली, एटा, फिरोजाबाद, कासगंज, मैनपुरी, रामपुर, प्रयागराज, गोरखपुर और देवरिया जैसे जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहेगा, जिससे दिन के समय धूप खिलेगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों और धान की कटाई के दौरान स्थानीय मौसम की स्थिति देखकर ही कार्य आगे बढ़ाएं।
बिहार और झारखंड: वज्रपात और आंधी को लेकर चेतावनी
बिहार में 2 अक्टूबर को मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी। राजधानी पटना, गया, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, भागलपुर, मुंगेर, कटिहार तथा नेपाल सीमा से सटे पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, किशनगंज व पूर्णिया में मध्यम से भारी बारिश तथा आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। पटना में अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका को देखते हुए ग्रामीण और खुले इलाकों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
पड़ोसी राज्य झारखंड में भी रांची, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, गुमला, गढ़वा, सिमडेगा और जमशेदपुर में गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। रांची में अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, जिससे वहां का मौसम काफी सुहावना बना रहेगा। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, नादिया, दार्जिलिंग और कूचबिहार में भी रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।
पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड और हिमाचल में बढ़ेगी ठंडक
उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल जनपदों में गर्जन के साथ मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्द हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले पर्यटकों को भूस्खलन और फिसलन के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला, सोलन, बिलासपुर, कांगड़ा, सिरमौर और ऊंचाई पर स्थित लाहौल-स्पीति व किन्नौर में हल्की बारिश और बूंदाबांदी से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। पर्यटन स्थल मनाली में अधिकतम तापमान लगभग 12 डिग्री और न्यूनतम तापमान गिरकर 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे घाटी में कड़ाके की ठंड की शुरुआत हो चुकी है।
राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश का हाल
राजस्थान में मानसून की आधिकारिक वापसी के बीच स्थानीय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से जयपुर, अजमेर, कोटा, बूंदी, भरतपुर, उदयपुर, बीकानेर, टोंक और सवाई माधोपुर में आंशिक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की आंधी व बूंदाबांदी का अनुमान है। जयपुर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया जा सकता है।
पंजाब के कुछ चुनिंदा सीमावर्ती इलाकों में तेज हवाओं के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, देवास, खंडवा, गुना, मुरैना, अशोकनगर, नीमच, उमरिया और छिंदवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: मूसलाधार बारिश और 50 किमी/घंटा की आंधी
2 अक्टूबर को देश में सबसे जोरदार मानसूनी बारिश दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में ही दर्ज की जाएगी। केरल, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में व्यापक वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान तटीय और खुले इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर राज्यों—असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा—में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। लगातार हो रही बारिश से नदी नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जिससे पर्वतीय इलाकों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।
Aaj Ka Mausam 2 October 2026: घर से निकलने से पहले बरतें यह जरूरी सावधानी
2 अक्टूबर 2026 का मौसम देश के विभिन्न हिस्सों में विरोधाभासी रहेगा। एक ओर जहां उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में उमस और शुष्क मौसम रहेगा, वहीं पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में तेज आंधी और बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
यदि आप गांधी जयंती की छुट्टी पर कहीं बाहर जाने की योजना बना रहे हैं, तो विशेष रूप से आंधी, बारिश और बिजली कड़कने की चेतावनी वाले क्षेत्रों में खुले पेड़ों, जर्जर दीवारों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करते समय दिन के समय ही सफर पूरा करने का प्रयास करें। किसान भाई अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें और मौसम विभाग के तात्कालिक (Nowcast) बुलेटिन पर लगातार नजर बनाए रखें।
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