Amazon Flipkart Sale: सेल में 70% छूट का झांसा या बड़ा नुकसान? खरीदारी करने से पहले जरूर जान लें ये जरूरी बातें

Amazon Flipkart Sale:अमेजन और फ्लिपकार्ट सेल में 70% छूट देखकर तुरंत खरीदारी न करें। भारी डिस्काउंट के खेल को समझें और पैसे बचाने के लिए अपनाएं ये स्मार्ट तरीके।

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Amazon Flipkart Sale: देशभर के ई-कॉमर्स बाजार में फेस्टिव सीजन और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ी सेल्स का सिलसिला शुरू हो चुका है, जिसका इंतजार करोड़ों ग्राहक बेसब्री से करते हैं। अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज वेबसाइट्स पर जब भी कोई बड़ी सेल शुरू होती है, तो ग्राहकों को लुभाने के लिए सत्तर प्रतिशत तक की भारी छूट और सबसे कम कीमत के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। इन आकर्षक विज्ञापनों को देखकर अक्सर लोग बिना सोचे-समझे खरीदारी करने दौड़ पड़ते हैं, लेकिन क्या हर बार मिलने वाला यह डिस्काउंट वाकई इतना बड़ा होता है। कई बार ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान ग्राहकों को सेल के नाम पर गुमराह किया जाता है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी सामान को खरीदने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि ऑनलाइन सेल के इस मायाजाल से कैसे बचा जाए।

Amazon Flipkart Sale: सेल से पहले कीमतें बढ़ाने का खेल और मार्केटिंग का सच

ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर जब भी कोई सेल शुरू होने वाली होती है, तो उससे कुछ दिन पहले ही कई प्रोडक्ट्स की कीमतें अचानक बढ़ा दी जाती हैं। जैसे ही सेल का आगाज होता है, उसी बढ़ी हुई कीमत पर भारी-भरकम डिस्काउंट का बोर्ड चस्पा कर दिया जाता है, जिससे ग्राहक को लगता है कि उसे कोई ऐतिहासिक डील मिल रही है। हालांकि हर सेलर या हर उत्पाद के साथ ऐसा नहीं होता, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले स्क्रीनशॉट इस बात की गवाही देते हैं कि ऐसा खेल अक्सर खेला जाता है। ई-कॉमर्स कंपनियों में डायनेमिक प्राइसिंग का नियम लागू होता है, जहां मांग और स्टॉक के आधार पर दाम बदलते रहते हैं। इसके बावजूद कुछ विक्रेता ग्राहकों को भ्रमित करने के लिए इस तरह की रणनीतियों का सहारा लेते हैं, ताकि उनकी बिक्री में अचानक तेजी आ सके।

मूल कीमत पर मिलने वाली छूट का भ्रम और हकीकत

कई बार ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर जो डिस्काउंट दिखाया जाता है, वह सीधे तौर पर उत्पाद की अधिकतम खुदरा कीमत यानी एमआरपी पर आधारित होता है। हकीकत यह होती है कि कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य सामग्रियां सालभर बाजार में उस एमआरपी से काफी कम कीमत पर ही बिकती रहती हैं। यदि किसी महंगे स्मार्टफोन की एमआरपी पचास हजार रुपये दर्शाई गई है और सेल के दौरान वह पैंतीस हजार रुपये में मिल रहा है, तो इसका यह मतलब कतई नहीं है कि आपने पंद्रह हजार रुपये बचा लिए हैं। हो सकता है कि वही फोन सेल शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले भी इसी कीमत पर उपलब्ध रहा हो। इसलिए किसी भी खरीदारी का फैसला सिर्फ एमआरपी पर मिलने वाली छूट को देखकर नहीं करना चाहिए, बल्कि बाजार की वास्तविक स्थिति को समझना चाहिए।

हर ऑफर नकली नहीं होता, सही डील की पहचान करना सीखें

यह भी पूरी तरह सच नहीं है कि ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर चलने वाली हर सेल पूरी तरह फर्जी होती है या ग्राहकों को ठगा जाता है। कई बार कंपनियां नए मॉडल लॉन्च होने के बाद पुराने स्टॉक को खाली करने के लिए या विशेष बैंक साझेदारियों के तहत सचमुच बहुत अच्छे दाम उपलब्ध कराती हैं। स्मार्टफोन, बड़े घरेलू उपकरण और टेलीविजन जैसी श्रेणियों में कई बार त्योहारी सीजन के दौरान सालभर की सबसे बेहतरीन कीमतें देखने को मिल जाती हैं। इसलिए हर ऑफर को संदिग्ध मान लेना भी बुद्धिमानी नहीं होगी, बल्कि जरूरत इस बात की है कि ग्राहक अपनी समझ का इस्तेमाल करें। अगर आप किसी खास सामान को खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल विज्ञापनों पर भरोसा करने के बजाय उसकी असल कीमत का आकलन करना बेहद आवश्यक हो जाता है।

प्राइस हिस्ट्री टूल्स की मदद से आसानी से जानें सच्चाई

ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान किसी भी उत्पाद की सही कीमत का पता लगाने के लिए आज के समय में कई बेहतरीन तकनीकी टूल्स आसानी से उपलब्ध हैं। प्राइसडिफ जैसे डिजिटल टूल्स की मदद से प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाले सामान की पुरानी कीमतों और उसके उतार-चढ़ाव को आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। इसके जरिए यह साफ दिख जाता है कि संबंधित उत्पाद की अब तक की सबसे कम कीमत क्या रही है और पिछले कुछ महीनों में उसका मूल्य ग्राफ कैसा रहा है। यदि सेल के दौरान मिलने वाला दाम पहले भी कई बार आ चुका है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि वह कोई विशेष छूट नहीं है। इस तरह के साधनों का उपयोग करके ग्राहक किसी भी बड़े आर्थिक नुकसान से आसानी से बच सकते हैं।

Amazon Flipkart Sale: खरीदारी से पहले इन पांच बातों का हमेशा रखें ध्यान

किसी भी महंगे गैजेट या घरेलू सामान को ऑनलाइन आर्डर करने से पहले केवल डिस्काउंट प्रतिशत पर आंख मूंदकर भरोसा करने की भूल कभी न करें। सबसे पहले उस उत्पाद की पिछले कुछ हफ्तों की वास्तविक सेलिंग प्राइस की जांच करें और केवल विज्ञापनों के झांसे में आने से बचें। बैंक ऑफर्स, एक्सचेंज बोनस और कूपन डिस्काउंट को हमेशा अलग-अलग समझें क्योंकि ये सभी लाभ हर एक ग्राहक को एक समान रूप से नहीं मिलते हैं। यदि आपको तुरंत सामान खरीदने की कोई जल्दी नहीं है, तो संबंधित उत्पाद पर प्राइस अलर्ट सेट कर सकते हैं ताकि दाम कम होने पर सही समय पर जानकारी मिल सके। इन छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सावधानियों को अपनाकर आप अपने खून-पसीने की कमाई को सुरक्षित रख सकते हैं और एक समझदार ग्राहक बन सकते हैं।
ई-कॉमर्स वेबसाइट्स की इन चमकदार सेल्स और भारी-भरकम छूट के विज्ञापनों के पीछे छिपे गणित को समझना हर आधुनिक उपभोक्ता के लिए आवश्यक हो गया है। थोड़ी सी सजगता और तकनीकी टूल्स का सही इस्तेमाल आपको किसी भी प्रकार के वित्तीय नुकसान से बचा सकता है और सही सौदा करने में मदद करता है। त्योहारों या खास अवसरों पर खरीदारी करना गलत नहीं है, लेकिन बिना सोचे-समझे बड़े डिस्काउंट के जाल में फंस जाना समझदारी नहीं है।

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