Aaj Ka Mausam 12 September 2026: दिल्ली-UP समेत 24 राज्यों में बारिश का अलर्ट

दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाएं, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा

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Aaj Ka Mausam 12 September 2026: सितंबर के दूसरे पखवाड़े में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर देश के बड़े हिस्से में पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी नवीनतम मौसम बुलेटिन के अनुसार 12 सितंबर 2026 को देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से भारी बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और गुजरात के कई जिलों में मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज तेजी से बिगड़ने की संभावना जताई गई है। पर्वतीय राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव को लेकर मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने नागरिकों के लिए विशेष सतर्कता एडवाइजरी जारी की है।

Aaj Ka Mausam 12 September 2026: दिल्ली-एनसीआर में बादलों का पहरा

दिल्ली-एनसीआर में 11 सितंबर को हुई मूसलाधार बारिश के बाद मौसम विभाग ने शनिवार, 12 सितंबर को भी रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान व्यक्त किया है। शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव के चलते यातायात प्रभावित हुआ था और कुछ घंटों के लिए रेड अलर्ट भी जारी करना पड़ा था।

शनिवार को भी दिनभर घने बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री नीचे दर्ज किया जा सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले दैनिक मुसाफिरों को जलजमाव वाले अंडरपास और व्यस्त मार्गों से बचकर निकलने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश और बिहार में आंधी-बारिश की चेतावनी: बिजली गिरने का खतरा

उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में 12 सितंबर को मानसूनी द्रोणिका (Monsoon Trough) का सीधा असर देखने को मिलेगा। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और मेरठ समेत दर्जनों जिलों में तेज झोंकेदार हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पड़ोसी राज्य बिहार में पटना, गया, भागलपुर और सीमांचल के क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की प्रबल संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसानों और कामगारों को चेतावनी दी है कि खराब मौसम और बादलों की गर्जना के समय खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें, क्योंकि इस मौसम में वज्रपात (ठनका) जानलेवा साबित हो सकता है।

गुजरात में तीन सप्ताह की सुस्ती के बाद लौटेगा मानसून: भारी बारिश का अलर्ट

गुजरात के लिए 12 सितंबर का दिन मौसम के लिहाज से काफी निर्णायक साबित हो सकता है। राज्य में पिछले लगभग तीन सप्ताह से मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह कमजोर पड़ी हुई थीं, जिसके चलते सौराष्ट्र और कच्छ संभाग में सामान्य से 39 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई थी।

अरब सागर में बन रहे नए चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण गुजरात, नवसारी, वलसाड, सूरत के साथ-साथ सौराष्ट्र के तटीय जिलों में शनिवार से भारी से बहुत भारी बारिश का नया दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने दक्षिण गुजरात के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी है, जो कृषि और सूखे की मार झेल रहे बांधों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है।

ओडिशा और बंगाल की खाड़ी में गहरा दबाव: तटीय जिलों में हाई अलर्ट

ओडिशा में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण 12 और 13 सितंबर को भारी वर्षा का व्यापक खतरा बना हुआ है। राज्य के तटीय और आंतरिक जिलों के लिए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है।

लगातार भारी बारिश के कारण स्थानीय नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और निचले रिहायशी इलाकों में पानी भरने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की कड़ी हिदायत दी है और जिलाधिकारियों को राहत व बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।

मध्य भारत और राजस्थान में बदलेगा मौसमी मिजाज

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी हवाओं की सक्रियता के कारण हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रायपुर और बिलासपुर के आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को रुक-रुक कर बारिश हो सकती है।

पूर्वी राजस्थान के जिलों जैसे कोटा, उदयपुर और जयपुर संभाग में भी गरज-चमक के साथ बादलों के बरसने की उम्मीद है। यह बारिश खरीफ की खड़ी फसलों जैसे सोयाबीन, उड़द और धान के लिए काफी लाभकारी मानी जा रही है, हालांकि खेतों में अतिरिक्त जल निकासी की व्यवस्था रखना भी जरूरी है।

पहाड़ी राज्यों में सतर्कता: उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का जोखिम

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में 12 सितंबर को बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार वर्षा से मिट्टी धंसने, भूस्खलन और संवेदनशील राजमार्गों पर चट्टानें खिसकने का खतरा बना रहता है।

प्रशासन ने चारधाम यात्रा और पर्वतीय पर्यटन पर निकले यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेकर ही अपनी आगे की यात्रा शुरू करें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रात्रि यात्रा से पूरी तरह परहेज करें।

Aaj Ka Mausam 12 September 2026: निष्कर्ष

12 सितंबर 2026 को देश के 24 राज्यों में सक्रिय मानसूनी गतिविधियां यह दर्शाती हैं कि मानसून विदाई से पूर्व अपनी पूरी ताकत दिखा रहा है। किसानों के लिए जहां यह बारिश राहत लेकर आ रही है, वहीं शहरी इलाकों में जलभराव और तेज हवाओं से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। नागरिक किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक चेतावनियों पर निरंतर नजर बनाए रखें और भारी बारिश के समय सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।

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