Aaj Ka Mausam 1 November 2026: दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट, यूपी-दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
नवंबर के पहले दिन केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ भारी बारिश के आसार हैं।
Aaj Ka Mausam 1 November 2026: नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में हालिया मानसूनी व चक्रवाती हलचल के बाद आसमान धीरे-धीरे साफ हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बादलों का पहरा और बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, रविवार 1 नवंबर 2026 को दक्षिण भारत के तटीय और प्रायद्वीपीय इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की संभावना बनी हुई है। पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। बंगाल की खाड़ी और दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर विकसित हो रहे नए मौसमी तंत्र के कारण नवंबर के शुरुआती दिनों में कई राज्यों में मौसम के करवट लेने के पूरे आसार हैं।
Aaj Ka Mausam 1 November 2026: दिल्ली-एनसीआर में बादलों की विदाई, सुबह और शाम के तापमान में गिरावट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में 1 नवंबर को मौसम के रुख में उल्लेखनीय राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है। पिछले दिनों हुई छिटपुट वर्षा और नम हवाओं के बाद अब वायुमंडल में बादलों का प्रभाव कम होने लगा है, जिससे दिन के समय धूप खिली रह सकती है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रविवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के लिए किसी गंभीर मौसमी चेतावनी का अलर्ट नहीं है। हालांकि रात और सुबह के पहर में हल्की ठंडक और धुंध का अहसास बढ़ जाएगा, जिससे गुलाबी ठंड का असर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज, पूर्वी अंचलों में हल्की फुहारें और लखनऊ में स्थिति सामान्य
उत्तर प्रदेश के मौसम में चक्रवात अर्नब के कमजोर पड़ने के बाद स्थिरता लौटने लगी है। पिछले दिनों राज्य के मध्य और पूर्वी जिलों में बादलों और बूंदाबांदी का जो सिलसिला देखा गया था, वह अब काफी हद तक शांत हो रहा है। इसके बावजूद 1 नवंबर को पूर्वांचल के कुछ तराई और सीमावर्ती इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जनपदों में दिन शुष्क और साफ बना रहेगा। प्रांतीय राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहां सुबह के वक्त आसमान में आंशिक रूप से हल्के बादल छाए रह सकते हैं, जो दोपहर तक पूरी तरह छंट जाएंगे। शहर का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम पारा 29 डिग्री सेल्सियस के इर्द-गिर्द बने रहने की संभावना है।
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में छिटपुट बारिश और ठंडक की आहट
पूर्वी भारत के मैदानी भागों में मौसमी नमी का प्रभाव अब भी आंशिक रूप से कायम है। बिहार और झारखंड के कुछ चुनिंदा जिलों में रविवार को हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा हो सकती है, जिससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी। पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्रों और हिमालय की तलहटी से लगे उप-हिमालयी इलाकों में भी छिटपुट गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान व्यक्त किया गया है। सिक्किम और आसपास के पर्वतीय ढलानों पर भी इस मौसमी हलचल का असर दिखाई दे सकता है। लगातार बनी हुई नमी और पुरवा हवाओं के चलते इन राज्यों में सुबह और देर शाम के समय सिहरन भरी ठंडक बढ़ने लगी है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट, तटीय आंध्र और केरल प्रभावित
दक्षिण भारत के राज्यों में 1 नवंबर को मौसमी गतिविधियां सबसे अधिक उग्र और सक्रिय रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने केरल और माहे के कई जनपदों में तेज वर्षा का अनुमान जारी किया है। इसके साथ ही तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बन सकता है। रायलसीमा, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक के कुछ भागों में भी आकाशीय बिजली गिरने और बादलों के बरसने के आसार हैं। समुद्र तटीय इलाकों में ऊंची लहरों और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
अंडमान सागर में बना नया चक्रवाती तंत्र, बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन बनने की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण भारत में जारी इस भारी बारिश का मुख्य कारण दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर विकसित हुआ एक निम्न दबाव का क्षेत्र है। यह मौसमी तंत्र तेजी से संगठित होकर दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है और इसके एक गहरे डिप्रेशन में तब्दील होने की प्रबल संभावना है। इस दबाव क्षेत्र के असर से 2 और 3 नवंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के उत्तरी तटीय क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा का नया दौर शुरू हो सकता है। मौसम विज्ञान विभाग इस पूरे चक्रवाती तंत्र की गति और दिशा पर लगातार उपग्रहों के जरिए नजर बनाए हुए है।
Aaj Ka Mausam 1 November 2026: यात्रियों और आम नागरिकों के लिए जरूरी सुझाव
रविवार के दिन किसी लंबी यात्रा, सामाजिक समारोह या अवकाश की योजना बना रहे लोगों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान की अद्यतन स्थिति अवश्य जांच लें। जिन राज्यों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है, वहां खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें। भारी वर्षा वाले तटीय और निचले क्षेत्रों में जलभराव के चलते यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और यातायात पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करना ही सुरक्षित रहेगा।
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