DigiLocker और mParivahan में DL-RC दिखाना है मान्य, जानें डिजिटल दस्तावेजों के नियम
केंद्र सरकार के नियमों के तहत DigiLocker और mParivahan पर उपलब्ध मान्य डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी और अन्य वाहन दस्तावेज स्वीकार किए जा सकते हैं
Driving Licence Rules: देश में डिजिटल इंडिया और पेपरलेस गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने वाहन चालकों के लिए नियमों को काफी सरल और व्यावहारिक बना दिया है। अक्सर दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाते समय लोग ड्राइविंग लाइसेंस (DL), गाड़ी की आरसी (RC), इंश्योरेंस और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की मूल हार्ड कॉपी घर भूल जाते हैं। ऐसी स्थिति में ट्रैफिक चेकिंग के दौरान चालान कटने का डर सताने लगता है। हालांकि, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार सरकार द्वारा अधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद ई-दस्तावेज पूरी तरह वैध हैं। यदि आप अपने स्मार्टफोन में ‘डिजिलॉकर’ (DigiLocker) या ‘एम-परिवहन’ (mParivahan) ऐप के जरिए अपने वाहन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं, तो कोई भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी या प्रवर्तन अधिकारी उन्हें स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकता।
Driving Licence Rules: क्या है कानूनी स्थिति और क्यों मूल कागजात के बराबर हैं ई-दस्तावेज?
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 की धारा 4 के तहत यह वैधानिक प्रावधान है कि जिस किसी भी दस्तावेज को लिखित या मुद्रित रूप में प्रस्तुत करना अनिवार्य है, वह यदि आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में उपलब्ध कराया जाता है, तो उसे कानूनी मान्यता प्राप्त होगी। इसी कानूनी आधार पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियम 139 में संशोधन कर इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों को मूल प्रतियों के समतुल्य माना है।
मंत्रालय द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन विभागों और पुलिस महानिदेशकों को जारी आधिकारिक परिपत्रों (सर्कुलर) में यह स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि डिजिलॉकर या एम-परिवहन ऐप में डिजिटल रूप से सत्यापित दस्तावेज मूल भौतिक प्रतियों की भांति ही मान्य होंगे। इसका सीधा अर्थ यह है कि चेकिंग के दौरान डिजिटल प्रति प्रस्तुत करने पर चालक के विरुद्ध ‘दस्तावेज न होने’ की धारा में किसी प्रकार का चालान नहीं काटा जा सकता।
डिजिलॉकर और एम-परिवहन ऐप में क्या है तकनीकी अंतर?
दोनों ही सरकारी व्यवस्थाएं हैं, लेकिन इनके संचालन और दस्तावेज संचय करने के तरीके में तकनीकी अंतर है:
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डिजिलॉकर (DigiLocker): यह इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा संचालित एक डिजिटल वॉलेट सेवा है। इसमें नागरिक अपने पंजीकृत प्रोफाइल से विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र सीधे जारीकर्ता (Issuer) के डेटाबेस से डाउनलोड कर सुरक्षित रख सकते हैं। यहां से जारी ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन आरसी क्यूआर कोड युक्त और डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होते हैं।
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एम-परिवहन (mParivahan): यह सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन है। यह सीधे केंद्रीयकृत वाहन (VAHAN) और सारथी (SARATHI) डेटाबेस से जुड़ा रहता है। इसमें वाहन नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करके वर्चुअल आरसी और वर्चुअल डीएल बनाकर रखा जा सकता है, जो वास्तविक समय (Real-time) डेटा प्रदर्शित करता है।
वाहन का इंश्योरेंस और पीयूसी: क्या इनकी भौतिक कॉपी रखना अनिवार्य है?
डिजिटल दस्तावेजों की यह छूट केवल ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी तक सीमित नहीं है। मोटर वाहन नियमों के अनुसार वाहन का थर्ड पार्टी या कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट, वाणिज्यिक परमिट और पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र) भी इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
भारतीय बीमा सूचना ब्यूरो (IIB) देश की सभी साधारण बीमा कंपनियों से वाहनों के बीमा का डेटा प्रतिदिन केंद्रीय ‘वाहन’ (VAHAN) पोर्टल पर अपडेट करता है। यदि एम-परिवहन ऐप या ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान हैंडहेल्ड डिवाइस में आपके वाहन का वैध बीमा रिकॉर्ड प्रदर्शित हो रहा है, तो मंत्रालय के नियमों के अनुसार वाहन चालक से भौतिक बीमा पॉलिसी मांगने का कोई औचित्य नहीं बनता। ठीक इसी प्रकार, नए ऑनलाइन पीयूसी केंद्रों से जारी प्रमाणपत्र भी वाहन पोर्टल से जुड़े होते हैं और उन्हें भी ऐप पर देखा जा सकता है।
फोटो या स्क्रीनशॉट दिखाना क्यों नहीं है मान्य?
अक्सर वाहन चालक अपने मोबाइल की गैलरी में ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी की साधारण फोटो या पीडीएफ स्क्रीनशॉट खींचकर रख लेते हैं और चेकिंग के दौरान पुलिस को दिखाते हैं। नियमों के अनुसार किसी दस्तावेज की साधारण फोटो, फोटोकॉपी या स्क्रीनशॉट को कानूनी दस्तावेज नहीं माना जा सकता। फोटो के साथ एडिटिंग या छेड़छाड़ की संभावना बनी रहती है, इसलिए ट्रैफिक पुलिस ऐसी तस्वीरों को खारिज कर चालान काट सकती है।
कानूनी रूप से वही डिजिटल दस्तावेज मान्य होता है, जो सीधे डिजिलॉकर ऐप या एम-परिवहन ऐप के भीतर लाइव खोला गया हो। इन ऐप्स में एक सुरक्षित और एनक्रिप्टेड क्यूआर कोड होता है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी अपने विभाग के विशेष ई-चालान ऐप से उस क्यूआर कोड को स्कैन करके सीधे सरकारी सर्वर से दस्तावेज की प्रामाणिकता और वैधता की तुरंत पुष्टि कर लेते हैं।
गंभीर उल्लंघन पर दस्तावेज जब्ती (Impound) की क्या है डिजिटल प्रक्रिया?
कई चालकों के मन में यह संशय रहता है कि यदि उन्होंने शराब पीकर गाड़ी चलाई (Drunk Driving), तेज रफ्तार में वाहन चलाया या कोई गंभीर दुर्घटना हो गई, जहां कानूनन लाइसेंस जब्त करना आवश्यक हो, तो वहां डिजिटल व्यवस्था कैसे काम करेगी। मोटर वाहन अधिनियम के तहत इसके लिए ‘इलेक्ट्रॉनिक इम्पाउंडिंग’ (Electronic Impounding) का स्पष्ट प्रावधान किया गया है।
यदि किसी उल्लंघन में लाइसेंस या आरसी जब्त करने की नौबत आती है, तो पुलिस अधिकारी को चालक से उसका भौतिक कार्ड छीनने की आवश्यकता नहीं होती। अधिकारी अपने ई-चालान डिवाइस के जरिए सारथी या वाहन डेटाबेस में संबंधित लाइसेंस अथवा गाड़ी नंबर पर ‘इम्पाउंड’ या ‘निलंबन’ का डिजिटल स्टेटस दर्ज कर देते हैं। जैसे ही सिस्टम में यह प्रविष्टि होती है, ऐप पर भी वह दस्तावेज निष्क्रिय दिखने लगता है और पूरे देश के किसी भी राज्य में उस लाइसेंस या आरसी पर कोई नई सेवा या नवीनीकरण तब तक ब्लॉक रहता है जब तक कि चालक कोर्ट या आरटीओ से जुर्माना भरकर उसे बहाल न करा ले।
Driving Licence Rules: चालकों के लिए जरूरी सावधानियां और व्यावहारिक सुझाव
सफर पर निकलने से पूर्व प्रत्येक वाहन चालक को अपने स्मार्टफोन में डिजिलॉकर या एम-परिवहन ऐप में वाहन से जुड़े सभी दस्तावेज पहले से सिंक करके रख लेने चाहिए। कई बार दूरदराज के इलाकों में मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या आ सकती है; ऐसे में डिजिलॉकर के ऑफलाइन सेव्ड डॉक्यूमेंट्स भी आसानी से प्रदर्शित किए जा सकते हैं।
साथ ही, समय-समय पर अपने ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र की अंतिम तिथि की जांच करते रहें। डिजिटल सुविधा का अर्थ केवल कागजात साथ न ले जाने की सहूलियत है, न कि बिना वैध कागजात के वाहन चलाने की छूट। यदि दस्तावेज सरकारी पोर्टल पर वैध और सक्रिय हैं, तो आप पूरे भारत में बिना किसी परेशानी के केवल अपने स्मार्टफोन के भरोसे निश्चिंत होकर यात्रा कर सकते हैं।
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