Yoga for Digestion: पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाएंगे ये दो योगासन, रोज सिर्फ 10 मिनट के अभ्यास से पेट रहेगा हल्का

Yoga for Digestion: पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाएंगे ये दो योगासन, रोज सिर्फ 10 मिनट के अभ्यास से पेट रहेगा हल्का

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Yoga for Digestion: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सभी ने अपनी सेहत को कहीं न कहीं पीछे छोड़ दिया है। वक्त पर खाना न मिल पाना, बाहर का तला भुना भोजन और बैठे रहने वाली जीवनशैली ने पाचन तंत्र को पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया है। गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएं अब घर घर की कहानी बन गई हैं। जब हमारा पेट साफ नहीं होता, तो इसका सीधा असर हमारे पूरे दिन के कामकाज और मूड पर पड़ता है। आप रोज सिर्फ 10 मिनट का समय अपने शरीर को दें, तो पाचन से जुड़ी इन दिक्कतों से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

पेट का हल्का रहना और पाचन का बेहतर होना हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य की नींव है। अगर आप भी हर रोज बदहजमी और भारीपन से परेशान रहते हैं, तो दवाओं पर निर्भर होने के बजाय योग का रास्ता अपनाना ज्यादा समझदारी है। योग न केवल शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि आंतरिक अंगों की कार्यप्रणाली को भी सुधारता है। आज हम आपको ऐसे दो आसान योगासनों के बारे में बता रहे हैं जो आपके मेटाबॉलिज्म को गति देंगे और पेट की समस्याओं का रामबाण इलाज साबित होंगे।

Yoga for Digestion, पवनमुक्तासन: पेट की गैस और ब्लोटिंग का काल

पवनमुक्तासन
पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन पाचन के लिए सबसे प्रभावी आसनों में से एक है। इसका नाम ही बताता है कि यह शरीर से फंसी हुई हवा यानी गैस को बाहर निकालने में मदद करता है। जब हम पेट के निचले हिस्से पर दबाव डालते हैं, तो इससे आंतों की हलचल तेज होती है और अंदर फंसी हुई गैस आसानी से बाहर निकल जाती है। जो लोग अक्सर पेट फूलने या ब्लोटिंग की समस्या से जूझते हैं, उनके लिए यह आसन किसी वरदान से कम नहीं है।

इस आसन को करना काफी सरल है। सबसे पहले आप योगा मैट पर पीठ के बल आराम से लेट जाएं। अपने दोनों पैरों को सीधा रखें और हाथों को शरीर के बगल में रखें। धीरे धीरे सांस छोड़ते हुए अपने घुटनों को मोड़ें और उन्हें छाती की तरफ लाएं। अपने हाथों से घुटनों को पकड़कर हल्का सा पेट की तरफ दबाएं। इस स्थिति में सिर और गर्दन को थोड़ा उठाकर अपनी ठोड़ी को घुटनों के पास ले जाने की कोशिश करें। ध्यान रहे कि जोर जबरदस्ती न करें और सांस की गति को सामान्य बनाए रखें। कुछ देर इसी स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

बद्ध कोणासन: मेटाबॉलिज्म को देगा नई रफ्तार

बद्ध कोणासन

तितली आसन या बद्ध कोणासन पाचन तंत्र को सक्रिय करने का एक बेहद पुराना और आजमाया हुआ तरीका है। यह आसन मुख्य रूप से पेल्विक एरिया यानी पेट के निचले हिस्से में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाता है। जब उस हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, तो पाचन संबंधी अंगों को अधिक ऊर्जा मिलती है और कब्ज जैसी समस्याएं धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं। यह आसन उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जिन्हें बहुत ज्यादा देर तक कुर्सी पर बैठकर काम करना पड़ता है।

तितली आसन करने के लिए आप जमीन पर सुखासन में बैठ जाएं। अपने दोनों पैरों को इस तरह मोड़ें कि दोनों पैरों के तलवे एक दूसरे को स्पर्श करें। अपनी एड़ियों को शरीर के करीब लाएं और कमर को एकदम सीधा रखें। अब अपने घुटनों को तितली के पंखों की तरह धीरे धीरे ऊपर और नीचे चलाएं। ऐसा करते समय सांस को नियंत्रित रखें। सांस छोड़ते हुए घुटनों को ऊपर ले जाएं और सांस लेते हुए नीचे की ओर लाएं। इसे 10 से 15 बार दोहराएं। यह प्रक्रिया पेट में जमी हुई ऐंठन को कम करती है और पाचन को सुचारू बनाने में मदद करती है।

योगासन का असर और सही तरीका

इन आसनों को करने के लिए आपको किसी बड़े इंतजाम या महंगे जिम की जरूरत नहीं है। बस एक साफ जगह और रोज के 10 मिनट ही काफी हैं। एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि योग हमेशा खाली पेट या खाना खाने के कम से कम तीन से चार घंटे बाद ही करना चाहिए। अगर आप हाल ही में किसी बड़ी सर्जरी से गुजरे हैं या कमर में कोई गंभीर चोट है, तो बेहतर होगा कि पहले किसी जानकार या डॉक्टर से सलाह ले लें।

योग का असली असर तब दिखता है जब इसे नियमितता के साथ किया जाता है। ऐसा न करें कि एक दिन किया और चार दिन का ब्रेक ले लिया। जब आप रोज इन आसनों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लेंगे, तो आपको न केवल पेट की समस्याओं से आजादी मिलेगी, बल्कि आप पूरे दिन खुद को अधिक ऊर्जावान भी महसूस करेंगे। सही डाइट का ध्यान रखना भी जरूरी है, जैसे ज्यादा पानी पीना और रात का खाना हल्का रखना।

Yoga for Digestion: स्वस्थ जीवन की शुरुआत यहीं से होती है

पाचन तंत्र हमारा दूसरा दिमाग है। अगर हमारा पेट स्वस्थ रहेगा, तो शरीर के अन्य अंग भी सही तरीके से काम करेंगे। पवनमुक्तासन और बद्ध कोणासन न केवल आपको शारीरिक राहत देंगे, बल्कि आपके मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक होंगे। जब पेट साफ होता है और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं दूर होती हैं, तो मन अपने आप खुश और शांत रहता है।

अपने दिन की शुरुआत या अंत में इन 10 मिनट के अभ्यास को जरूर शामिल करें। धीरे-धीरे आप पाएंगे कि भारीपन और बदहजमी जैसी चीजें आपके जीवन से दूर हो गई हैं। याद रखें, अच्छी सेहत कोई मंजिल नहीं है, बल्कि यह वह रास्ता है जिसे हमें रोज थोड़ी थोड़ी कोशिशों से तय करना होता है। तो आज से ही इन योगासनों को अपनाएं और अपने शरीर को नई ऊर्जा दें।

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