Bengal Post-Poll Violence: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने के बाद राज्य के कई हिस्सों से हिंसा की डरावनी तस्वीरें सामने आ रही हैं। मंगलवार की देर रात उत्तर 24 परगना जिले में स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर सीधा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में नैजाट थाने के प्रभारी और एक कांस्टेबल को गोली लगी है, जबकि केंद्रीय बल के दो जवानों समेत कुल पांच सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चुनाव आयोग ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को देखते हुए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि हिंसा करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ यानी कतई बर्दाश्त न करने की नीति अपनाई जाए। दूसरी ओर, सत्ता से बाहर हुई तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर ‘राज्य प्रायोजित हिंसा’ का आरोप लगाते हुए दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
Bengal Post-Poll Violence: उत्तर 24 परगना में आधी रात को तांडव, पुलिस और सुरक्षाबलों पर चलीं गोलियां
बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का नैजाट इलाका मंगलवार रात युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजबाड़ी इलाके में दो राजनीतिक गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष शुरू हुआ था। स्थिति को संभालने के लिए जब नैजाट पुलिस स्टेशन के प्रभारी भरत प्रसून कर अपनी टीम और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ मौके पर पहुंचे, तो उपद्रवियों ने उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि एक घर के भीतर छिपे हमलावरों ने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में एक गोली थाना प्रभारी भरत प्रसून के पैर में लगी, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े। उनके साथ मौजूद एक अन्य कांस्टेबल को भी गोली लगी है। उपद्रवियों के इस हमले में तीन पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल के दो जवान बुरी तरह घायल हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए कोलकाता के चित्तरंजन अस्पताल रेफर कर दिया गया है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और सर्च ऑपरेशन के दौरान कई सक्रिय बम बरामद किए गए हैं।
Bengal Post-Poll Violence: मुख्य सचिव और डीजीपी को कड़े कदम उठाने के निर्देश

बंगाल में भड़की हिंसा को देखते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग ने तत्काल प्रभाव से कड़ा रुख अख्तियार किया है। मंगलवार को आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला और डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। आयोग ने निर्देश दिया कि चुनाव के बाद होने वाली किसी भी हिंसक घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने राज्य प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा बलों को निर्देश दिया है कि वे आपसी समन्वय बनाकर संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाएं और उपद्रवियों के खिलाफ त्वरित दंडात्मक कार्रवाई करें। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य में हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में अब तक कथित तौर पर दो लोगों की जान जा चुकी है और कई राजनीतिक दलों के कार्यालयों को आग के हवाले कर दिया गया है। आयोग ने साफ कहा है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
राजनीतिक आरोपों का दौर: टीएमसी ने भाजपा पर लगाया हिंसा भड़काने का आरोप
चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों पर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है। टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा के कार्यकर्ता जश्न मनाने के नाम पर उनके कार्यालयों को निशाना बना रहे हैं। आसनसोल में टीएमसी के एक दफ्तर को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि कोलकाता के कुछ इलाकों में दुकानों में तोड़फोड़ की खबरें आई हैं। टीएमसी नेतृत्व ने इसे ‘राज्य प्रायोजित हिंसा’ करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। टीएमसी का दावा है कि भाजपा चुनाव जीतने के बाद बंगाल की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचलना चाहती है और उनके कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है। पार्टी ने घोषणा की है कि वे इस हिंसा के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।
कोलकाता में बुलडोजर कार्रवाई और आसनसोल में दफ्तरों में आगजनी
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से लेकर आसनसोल तक हिंसा की आग फैल चुकी है। आसनसोल में भाजपा की जीत के बाद टीएमसी के स्थानीय कार्यालयों पर हमला हुआ, जिसमें फर्नीचर और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जला दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उपद्रवियों ने वहां कई बाइकों को भी फूंक दिया। वहीं कोलकाता के कुछ इलाकों में अवैध निर्माण और कब्जे को हटाने के नाम पर बुलडोजर का प्रयोग भी चर्चा का विषय बना हुआ है। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा के दबाव में प्रशासन उनके समर्थकों की संपत्तियों को निशाना बना रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से मिल रही खबरों के मुताबिक, राजनीतिक हिंसा की वजह से आम नागरिकों में भारी डर व्याप्त है और कई बाजारों में दुकानें बंद कर दी गई हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर दी है ताकि भीड़ को इकट्ठा होने से रोका जा सके।
पुलिस की छापेमारी और संदिग्धों की धरपकड़ जारी
नैजाट में हुई फायरिंग की घटना के बाद बंगाल पुलिस और केंद्रीय बल एक्शन मोड में हैं। घटना स्थल और उसके आसपास के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने अब तक राजबाड़ी इलाके से बड़ी मात्रा में साकेट बम और देशी कट्टे बरामद किए हैं। हमले में शामिल होने के संदेह में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस महानिदेशक ने साफ किया है कि वर्दी पर हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा बलों ने प्रभावित क्षेत्रों में रूट मार्च निकाला है ताकि जनता में विश्वास बहाली की जा सके। हालांकि, स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और स्थानीय लोग अतिरिक्त सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
Bengal Post-Poll Violence: बंगाल में हिंसा का इतिहास और 2026 के चुनावों का साया
पश्चिम बंगाल में चुनाव और हिंसा का पुराना रिश्ता रहा है। 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद भी राज्य में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी, जिसकी जांच अभी भी जारी है। 2026 के इन चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत ने राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है, लेकिन हिंसा के पुराने जख्म फिर से हरे हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि सत्ता परिवर्तन के इस दौर में राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश और जीत का अति-उत्साह इस तरह की हिंसक घटनाओं को जन्म दे रहा है। अगर समय रहते स्थिति पर काबू नहीं पाया गया, तो यह राज्य की सामाजिक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। फिलहाल, सभी की नजरें प्रशासन की कार्रवाई और 9 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं।
Read More Here:-
- Kedarnath Yatra Packing: बाबा के धाम जाने से पहले बैग में जरूर रख लें ये चीजें, वरना मुश्किल में पड़ सकती है आपकी यात्रा
- भीगे हुए खजूर: प्रकृति का पावरहाउस जो एनीमिया, कमजोरी, पाचन समस्या और हड्डियों को एक साथ बनाता है मजबूत
- iQOO 15 Series का AnTuTu पर महा-धमाका, 41 लाख के पार पहुंचा स्कोर, बना दुनिया का सबसे पावरफुल Android स्मार्टफोन
- Surya Gochar 2026: 15 मई से वृषभ राशि में चमकेंगे सूर्य देव, इन 4 भाग्यशाली राशियों की खुलेगी किस्मत, बरसेगा अपार धन