Vastu Tips: घर के मंदिर में भूलकर भी न रखें ये 5 अशुभ चीजें, वरना रूठ जाएंगी मां लक्ष्मी और घर में छा जाएगी कंगाली

Vastu Tips: इन अशुभ चीजों को रखने से रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी

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Vastu Tips: क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि दिन-रात कड़ी मेहनत करने के बाद भी घर में पैसा नहीं टिकता? क्या आपके बनते हुए काम ऐन वक्त पर बिगड़ जाते हैं और परिवार में हमेशा तनाव बना रहता है? अगर ऐसा है,  इसके पीछे आपके घर के मंदिर में रखी कुछ मामूली चीजें हो सकती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे पूजा घर में अनजाने में रखी गई कुछ अशुभ चीजें पूरे घर के वास्तु को खराब कर देती हैं, जिससे माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। आइए जानते हैं कि अपने घर के मंदिर से आपको तुरंत किन चीजों को बाहर कर देना चाहिए और किन चीजों को रखने से बरकत होने लगती है।

हिंदू धर्म में घर के मंदिर को सबसे पवित्र और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। अमूमन हर घर में सुबह-शाम दीया जलाया जाता है, मंत्रों का जाप होता है और पूरे विधि-विधान से देवी-देवताओं की आराधना की जाती है। इसके बावजूद कई बार लोगों को महसूस होता है कि घर में बरकत नहीं हो रही है। वास्तु नियमों के अनुसार, मंदिर केवल मूर्तियों को सजाने की जगह नहीं है, बल्कि यह वह मुख्य केंद्र है जहां से पूरे घर में ऊर्जा फैलती है। अगर यहां गलत चीजें रखी हों, तो नकारात्मकता पैर पसारने लगती है।

Vastu Tips: घर के मंदिर में भूलकर भी न रखें ये 5 अशुभ चीजें

वास्तु शास्त्र के नियमों के मुताबिक, अगर आपके पूजा घर में नीचे बताई गई 5 चीजें मौजूद हैं, तो ये सीधे तौर पर आपके घर में दुर्भाग्य और कंगाली को न्योता देती हैं:

  • खंडित मूर्तियां और फटी तस्वीरें: अपने मंदिर से किसी भी प्रकार की टूटी-फूटी मूर्तियां या फटी हुई तस्वीरों को तुरंत हटा देना चाहिए। वास्तु में माना जाता है कि खंडित मूर्तियां बहुत तेजी से नकारात्मक ऊर्जा को अपनी तरफ आकर्षित करती हैं, जिससे पूजा का फल नहीं मिलता।

  • पितरों (पूर्वजों) की तस्वीरें: कई लोग अगाध श्रद्धा के कारण अपने दिवंगत पूर्वजों या पितरों की तस्वीरें भी मंदिर में देवी-देवताओं के साथ रख देते हैं। शास्त्रों के अनुसार, देवताओं और पितरों का स्थान बिल्कुल अलग माना गया है। इन्हें एक साथ रखने से पितृ दोष लग सकता है और घर की सुख-शांति भंग हो सकती है।

  • खड़ी मुद्रा में मां लक्ष्मी की तस्वीर: घर के मंदिर में कभी भी मां लक्ष्मी की खड़ी हुई मुद्रा वाली मूर्ति या तस्वीर नहीं रखनी चाहिए। खड़ी लक्ष्मी को चंचलता और अस्थिरता का प्रतीक माना जाता है, जिससे घर में आया हुआ धन कभी टिकता नहीं है। सुख-समृद्धि के लिए हमेशा बैठी हुई लक्ष्मी जी की ही पूजा करनी चाहिए।

  • गणेश जी की कई सारी मूर्तियां: कुछ लोग शौक में या उपहार में मिलने के कारण मंदिर में गणेश जी की बहुत सारी मूर्तियां सजा लेते हैं। वास्तु के अनुसार, पूजा घर में गणेश जी की एक या अधिकतम दो मूर्तियां ही रखना सबसे श्रेयस्कर और शुभ होता है। इससे अधिक मूर्तियां दोष पैदा करती हैं।

  • बासी और मुरझाए हुए फूल: अक्सर लोग सुबह पूजा करने के बाद शाम को या अगले दिन तक पुराने फूल मंदिर में ही छोड़ देते हैं। ये मुरझाए हुए फूल घर में कंगाली और नकारात्मकता बढ़ाते हैं। इसलिए इन्हें रोज सुबह बदलकर किसी साफ मिट्टी या गमले में दबा देना चाहिए।

किस्मत बदल देंगी ये 5 चीजें, आज ही अपने पूजा घर में दें स्थान

जिस तरह कुछ गलत चीजें घर के शांत वातावरण को दूषित कर देती हैं, ठीक उसी तरह वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसी पवित्र चीजों के बारे में भी बताया गया है, जिन्हें मंदिर में रखने से चौगुनी तरक्की होने लगती है:

  • मिट्टी का दीपक: मंदिर में हमेशा मिट्टी का दीपक जलाना सबसे उत्तम माना जाता है। मिट्टी का दीया शुद्धता और हमारी पृथ्वी तत्व से जुड़ाव का प्रतीक है, जो घर के सदस्यों में सकारात्मकता और विनम्रता लाता है।

  • पवित्र शंख: पूजा स्थल पर एक सुंदर और साफ शंख जरूर स्थापित करना चाहिए। मान्यता है कि शंख की ध्वनि से आसपास की सभी बुरी शक्तियां, बैक्टीरिया और नकारात्मक ऊर्जा तुरंत नष्ट हो जाती है और माहौल शुद्ध हो जाता है।

  • मंगल कलश: शुद्ध जल, आम के पत्तों और ऊपर से नारियल रखकर सजाया गया कलश मंदिर में जरूर रखना चाहिए। यह कलश संपन्नता, खुशहाली और तरक्की का सीधा प्रतीक माना जाता है।

  • पूजा की घंटी: पूजा करते समय घंटी का उपयोग अवश्य करें। घंटी की सुरीली और कंपन पैदा करने वाली आवाज से पूरे घर का वातावरण पवित्र होता है और मानसिक शांति मिलने के साथ ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।

  • गोमती चक्र: लक्ष्मी जी का प्रतीक माने जाने वाले गोमती चक्र को भी अपने मंदिर में स्थान देना चाहिए। इसे रखने से घर में धन का आगमन सुचारू रूप से बना रहता है और आर्थिक तौर पर स्थिरता आती है।

Vastu Tips: पूजा करते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना भुगतना पड़ेगा नुकसान

क्या आप जानते हैं कि रोजाना की जाने वाली पूजा का पूरा फल आपको तभी मिलता है जब आप उसे सही नियमों और साफ-सुथरे मन से करते हैं? आज के डिजिटल युग में कई लोग पूजा के दौरान भी अपने पास मोबाइल फोन रखते हैं या बीच में ही मैसेज देखने लगते हैं। वास्तु के अनुसार, पूजा के दौरान ध्यान पूरी तरह भगवान में होना चाहिए, इसलिए इस समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।

इसके अलावा, बिना स्नान किए कभी भी मूर्तियों या पूजा सामग्री को स्पर्श नहीं करना चाहिए। यदि आप एक बार आरती या चालीसा शुरू करते हैं, तो उसे बीच में अधूरा छोड़कर कभी न उठें। मंत्रों का उच्चारण हमेशा स्पष्ट, सही और शांत चित्त से करना चाहिए ताकि आपके आसपास बेहतरीन सकारात्मक तरंगें उत्पन्न हों। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूजा करते समय कभी भी सीधे ठंडी जमीन पर न बैठें, हमेशा किसी साफ और शुद्ध आसन का उपयोग करें।

Vastu Tips: जानिए क्या है घर के मंदिर की सबसे सही और शुभ दिशा?

वास्तु शास्त्र में दिशाओं का खेल सबसे बड़ा माना गया है। अगर आपका मंदिर गलत दिशा में है, तो आप कितनी भी पूजा कर लें, उसका शुभ फल नहीं मिल पाता। घर के मंदिर के लिए सबसे उत्तम और पवित्र दिशा उत्तर-पूर्व यानी ‘ईशान कोण’ को माना गया है। ईशान कोण को देवताओं की दिशा कहा जाता है।

इस दिशा में मंदिर स्थापित करने से घर में सुख, शांति, समृद्धि और अपार धन का वास होता है। साथ ही घर के सदस्यों को मानसिक तनाव से हमेशा के लिए मुक्ति मिलती है और बच्चों का मन पढ़ाई में लगने लगता है। यदि किसी कारणवश इस दिशा में जगह न हो, तो आप पूर्व दिशा का चुनाव भी कर सकते हैं।

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