Cause of Acidity: कुछ भी खाते ही सीने और पेट में होने लगती है तेज जलन? आज ही से बदलें अपनी ये 5 आदतें

Cause of Acidity: सीने की जलन दूर करने के 5 उपाय

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Cause of Acidity: क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि दोपहर या रात का मनपसंद खाना खाने के तुरंत बाद सीने या गले में तेज जलन होने लगती है? इसके साथ ही खट्टी डकारें आना, पेट फूलना और भारीपन जैसी बेचैनी आपको परेशान कर देती है। इस भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़े हुए लाइफस्टाइल के कारण एसिडिटी या हार्टबर्न की समस्या हर दूसरे व्यक्ति की कहानी बन चुकी है। ज्यादातर लोग इस जलन को शांत करने के लिए तुरंत कोई एंटासिड या अंग्रेजी दवा खा लेते हैं, लेकिन रोज-रोज दवा खाना सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह हो सकता है। असल में इस बीमारी की मुख्य जड़ हमारी खराब आदतें हैं, जिन्हें थोड़े से अनुशासन और रूटीन में बदलाव करके हमेशा के लिए ठीक किया जा सकता है।

सीने में होने वाली यह जलन कोई ऐसी गंभीर या लालाज बीमारी नहीं है जिसे ठीक न किया जा सके। बस आपको यह समझना होगा कि आपके पाचन तंत्र को किस तरह के भोजन और लाइफस्टाइल की जरूरत है। अगर आप भी इस रोजाना की परेशानी से जूझते हुए थक चुके हैं, तो अपनी डेली रूटीन में आज ही से कुछ छोटे और असरदार बदलाव करना शुरू कर दें।

Cause of Acidity: खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर लेटने की आदत को आज ही बदलें

अक्सर देखा जाता है कि लोग रात का भारी और मसालेदार खाना खाने के तुरंत बाद सीधे बिस्तर पर लेट जाते हैं या सो जाते हैं। हमारी यह एक आदत पाचन तंत्र के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित होती है। जब हम सीधे लेट जाते हैं, तो पेट में भोजन को पचाने के लिए बनने वाला एसिड वापस ऊपर की तरफ यानी हमारी भोजन नली (एसोफैगस) में आने लगता है।

इसी वजह से सीने और गले में तेज जलन का अहसास होने लगता है। इस समस्या से बचने के लिए रात के खाने और सोने के बीच हमेशा कम से कम 2 से 3 घंटे का गैप जरूर रखें। इसके साथ ही, रात का खाना खाने के बाद तुरंत लेटने के बजाय 10 से 15 मिनट तक हल्की वॉक यानी टहलने की आदत डालें, जिससे खाना आसानी से नीचे खिसक सके।

एक बार में पेट भरकर न खाएं, ‘स्मॉल मील्स’ का फॉर्मूला अपनाएं

कई लोगों की आदत होती है कि वे सुबह या दोपहर में एक ही बार में बहुत ज्यादा मात्रा में भोजन कर लेते हैं। जब हमारा पेट पूरी तरह ऊपर तक भर जाता है, तो उस भारी भोजन को पचाने और तोड़ने के लिए आमाशय (पेट) को सामान्य से दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में पेट के अंदर बहुत ज्यादा मात्रा में एसिड का निर्माण होने लगता है।

एसिडिटी से बचने का सबसे बेहतरीन तरीका यह है कि आप दिनभर में 3 बार बहुत ज्यादा खाने के बजाय 5 से 6 बार थोड़ा-थोड़ा करके खाएं। जब आप छोटे-छोटे हिस्सों में भोजन करेंगे, तो आपके पाचन तंत्र पर एक साथ अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। यह तरीका न सिर्फ आपको गैस और जलन से बचाएगा, बल्कि आपके वजन को भी कंट्रोल में रखेगा।

जल्दबाजी छोड़ें और खाने को हमेशा अच्छी तरह चबा-चबाकर खाएं

ऑफिस की जल्दबाजी या काम के प्रेशर में लोग अक्सर भोजन को बिना चबाए जल्दी-जल्दी निगलने लगते हैं। विज्ञान के अनुसार, हमारे पाचन की आधी प्रक्रिया हमारे मुंह से ही शुरू हो जाती है जब खाने में लार (सलाइवा) मिलती है। जल्दबाजी में खाना खाने से भोजन के बड़े टुकड़े पेट में चले जाते हैं, जिन्हें पचाना मुश्किल होता है।

इसके अलावा, तेजी से खाने के चक्कर में भोजन के साथ काफी मात्रा में बाहर की हवा भी पेट के अंदर चली जाती है, जो बाद में भयंकर गैस और ब्लोटिंग का कारण बनती है। इसलिए, जब भी थाली सामने आए, शांत मन से बैठें और हर एक निवाले को कम से कम 20 से 30 बार अच्छी तरह चबाकर खाएं। इससे खाना पानी की तरह सुपाच्य हो जाता है।

मसालेदार और ऑयली खाने से बनाएं दूरी, खाली पेट चाय-कॉफी को कहें ‘नो’

अगर आप रोज तली-भुनी चीजें, समोसे, कचौड़ी या बहुत ज्यादा लाल मिर्च और गरम मसाले वाला खाना खाते हैं, तो सीने की जलन से बच पाना नामुमकिन है। यह सब चीजें पेट के अस्तर को उत्तेजित करती हैं जिससे एसिड का बहाव तेज हो जाता है। इसके साथ ही, सुबह उठते ही खाली पेट कड़क चाय या कॉफी पीने की आदत भी पेट में तेजाब बनाने का काम करती है।

जलन की समस्या से हमेशा के लिए परमानेंट छुटकारा पाने के लिए अपनी डाइट में सादा, हल्का और घर का बना हुआ भोजन शामिल करें। कैफीन युक्त ड्रिंक्स, ज्यादा खट्टे फल जैसे संतरा, मौसंबी, नींबू और बहुत ज्यादा टमाटर खाने से बचें। इन चीजों का सेवन खासकर रात के वक्त तो बिल्कुल भी न करें, क्योंकि रात में एक्टिविटी कम होने से एसिडिटी बढ़ जाती है।

Cause of Acidity: पानी पीने का सही नियम अपनाएं, खाना खाते समय न पिएं पानी

शरीर को हाइड्रेटेड रखना सेहत के लिए बहुत जरूरी है, लेकिन पानी पीने का भी एक सही समय और नियम होता है। बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे खाना खाने के ठीक बीच में या खाना खत्म करते ही तुरंत एक-दो गिलास ठंडा पानी पी लेते हैं। ऐसा करने से पेट में मौजूद पाचक रस (डाइजेस्टिव जूसेस) और एसिड पतले हो जाते हैं।

जब पाचक रस पतले हो जाते हैं, तो भोजन ठीक से पच नहीं पाता और वह पेट में सड़ने लगता है, जिससे भयंकर एसिडिटी और गैस बनती है। इसलिए नियम बनाएं कि खाना खाने के आधा घंटा पहले पानी पिएं या फिर खाना खाने के लगभग 45 मिनट से एक घंटे बाद ही गुनगुना या सामान्य पानी पिएं।

Cause of Acidity: सीने की जलन को तुरंत शांत करेंगी ये 4 नेचुरल चीजें

अगर कभी आपको अचानक तेज जलन महसूस होने लगे या आप इसे रोजमर्रा में कम करना चाहते हैं, तो दवाइयों के बजाय इन घरेलू और प्राकृतिक चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं:

  • सौंफ का पानी: सौंफ में ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो पेट की मांसपेशियों को आराम देते हैं। खाना खाने के बाद आधी चम्मच सौंफ चबाकर खाएं या सुबह सौंफ का पानी पिएं, यह पेट को बहुत ठंडक पहुंचाता है।

  • ठंडा दूध: अगर सीने में तेज जलन हो रही हो, तो तुरंत आधा गिलास फ्रिज का रखा हुआ बिना चीनी का ठंडा दूध घूंट-घूंट करके पिएं। दूध में मौजूद कैल्शियम पेट के अतिरिक्त एसिड को शांत करता है।

  • केला और पपीता: ये दोनों फल हमारे पेट के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं। केले में एंटासिड के प्राकृतिक गुण होते हैं, वहीं पपीते में मौजूद एंजाइम्स खाने को बहुत तेजी से पचाने में मदद करते हैं।

  • नारियल पानी: नारियल पानी शरीर के पीएच (pH) लेवल को पूरी तरह से बैलेंस रखता है। रोज सुबह खाली पेट एक नारियल पानी पीने से पेट के अल्सर और गर्मी की समस्या जड़ से खत्म हो जाती है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई सभी जानकारियां, घरेलू उपाय और तरीके आम स्वास्थ्य सूचनाओं और अलग-अलग स्रोतों पर आधारित हैं। यह किसी भी तरह से योग्य डॉक्टर या चिकित्सा विशेषज्ञ की सलाह नहीं है। इसलिए किसी भी घरेलू उपचार को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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