Vaishakh Amavasya 2026: 17 अप्रैल को 2 शुभ योगों का महा-संयोग, पितर प्रसन्न होंगे और खूब बरसेगा धन, जानें 5 जरूरी काम

अमृत और सर्वार्थ सिद्धि योग में पितरों को प्रसन्न करने का मौका; जानें अमावस्या के 5 जरूरी काम।

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Vaishakh Amavasya 2026: सनातन धर्म में अमावस्या तिथि हमेशा से पितरों की पूजा और पुण्य कर्मों का विशेष अवसर मानी जाती है। इस साल वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को पड़ रही है, जो दो शुभ योगों के साथ आ रही है। अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का महा-संयोग इस दिन पितरों को प्रसन्न करने और धन-समृद्धि लाने का दुर्लभ अवसर देगा। मान्यता है कि इस दिन स्नान, तर्पण, दान और वृक्षारोपण जैसे कार्य करने से पितर प्रसन्न होते हैं।

Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख अमावस्या पर 2 शुभ योगों का महा-संयोग, फलदायी रहेगा दिन

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार वैशाख अमावस्या 2026 पर अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। अमृत सिद्धि योग सुबह 05:54 बजे शुरू होकर दोपहर 12:02 बजे तक रहेगा। इस योग में कोई भी शुभ कार्य करने से मनोकामना पूरी होती है। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन बना रहेगा, जो हर प्रकार के कार्य को सफल बनाने वाला माना जाता है। इन दोनों योगों के प्रभाव से पितरों को तर्पण करने और दान करने का फल कई गुना बढ़ जाता है। ज्योतिषाचार्य बता रहे हैं कि इस दिन किए गए पुण्य कार्य न सिर्फ पितरों को प्रसन्न करेंगे बल्कि घर में धन-धान्य की वृद्धि भी करेंगे।

वैशाख अमावस्या पर जरूर करें ये 5 काम, पितर प्रसन्न होंगे और बरसेगा धन

वैशाख अमावस्या पर कुछ विशेष कार्य करने से पितर प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। सबसे पहले गंगा स्नान या किसी पवित्र नदी में स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। इससे सभी पापों से मुक्ति मिलती है और पितरों की कृपा प्राप्त होती है। दूसरा महत्वपूर्ण काम तर्पण और पिंडदान है। पितरों को जल, तिल और चावल से तर्पण करें। मान्यता है कि इससे पितर मोक्ष प्राप्त करते हैं और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है।

तीसरा कार्य वृक्षारोपण है। इस दिन पीपल या किसी अन्य पवित्र वृक्ष लगाने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। चौथा काम शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे दीप जलाना है। इससे ईश्वर की असीम कृपा प्राप्त होती है। पांचवां और सबसे महत्वपूर्ण काम दान है। गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, जल और धन का दान करें। सत्तू का दान इस अमावस्या पर विशेष फलदायी माना जाता है।

Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख अमावस्या का धार्मिक महत्व, पितरों की पूजा का विशेष अवसर

वैशाख अमावस्या को सनातन धर्म में पितर पूजा का प्रमुख अवसर माना जाता है। इस दिन पितरों को तर्पण करने से उनका आशीर्वाद मिलता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अमावस्या तिथि पितरों की तृप्ति का दिन है। इस दिन किए गए दान और पुण्य कार्य कई गुना फल देते हैं। वैशाख मास को विष्णु जी का प्रिय मास कहा जाता है, इसलिए इस अमावस्या पर विष्णु पूजा भी फलदायी होती है। धार्मिक कथाओं में कहा गया है कि इस दिन गंगा स्नान करने से पापों का नाश होता है। पितरों को प्रसन्न करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

Vaishakh Amavasya 2026: हनुमान जी की भक्ति और वैशाख अमावस्या का संयोग

वैशाख अमावस्या पर हनुमान जी की भक्ति भी विशेष फलदायी होती है। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ और सुंदरकांड का पाठ करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं। हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने और चमेली का तेल अर्पित करने से ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है। इस अमावस्या पर हनुमान मंदिर में जाकर पूजा करने से मनोकामना पूरी होती है। हनुमान जी की भक्ति और वैशाख अमावस्या का यह संयोग भक्तों के लिए कष्टों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।

वैशाख अमावस्या पर दान का महत्व, सत्तू दान से मिलता है पुण्य

इस अमावस्या को सतुवाई अमावस्या भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन सत्तू का दान विशेष शुभ होता है। गरीबों को सत्तू, भोजन, वस्त्र और जल का दान करने से असीम पुण्य मिलता है। दान से पितर प्रसन्न होते हैं और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। भक्तों को इस दिन जरूरतमंदों की मदद अवश्य करनी चाहिए। यह परंपरा न केवल धार्मिक है बल्कि सामाजिक सेवा और परोपकार की भावना को भी पुख्ता करती है।

Vaishakh Amavasya 2026: भक्तों के लिए सलाह, कैसे करें पूजा और क्या न करें

वैशाख अमावस्या पर पूजा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखें। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पवित्र नदी में स्नान का प्रयास करें। तर्पण करते समय पितरों का नाम लेकर जल अर्पित करें। दान करते समय सच्चे मन से दें। इस दिन शुभ कार्य जैसे विवाह आदि वर्जित हैं, इसलिए इनसे बचें। शाम को पीपल के नीचे दीप जलाएं और हनुमान जी की पूजा करें। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्य जीवन की समस्याओं को कम करते हैं और धन-समृद्धि लाते हैं।

Vaishakh Amavasya 2026: आधुनिक जीवन में वैशाख अमावस्या का महत्व

आज के व्यस्त जीवन में वैशाख अमावस्या हमें पूर्वजों की याद दिलाती है। इस दिन पूजा-पाठ और दान से मानसिक शांति मिलती है। व्यस्तता के बीच पितरों को याद करना और उनका तर्पण करना पारिवारिक बंधनों को मजबूत करता है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्य जीवन की समस्याओं को कम करते हैं और धन-समृद्धि लाते हैं। वैशाख अमावस्या 2026 का संयोग भक्तों में खास उत्साह पैदा कर रहा है और मंदिरों में भी विशेष पूजा का आयोजन होगा।

निष्कर्ष: वैशाख अमावस्या पर करें ये काम, पितर प्रसन्न होंगे और धन बरसेगा

वैशाख अमावस्या 2026 पर 17 अप्रैल को दो शुभ योगों का महा-संयोग बन रहा है। इस दिन गंगा स्नान, तर्पण, वृक्षारोपण, पीपल के नीचे दीप जलाना और दान जैसे पांच काम करने से पितर प्रसन्न होते हैं और जीवन में धन-समृद्धि आती है। भक्तों को इस दुर्लभ अवसर का पूरा फायदा उठाना चाहिए। सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से किए गए कार्यों से पितरों की कृपा बनी रहती है। यह दिन हमें पूर्वजों की याद दिलाता है और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करता है।

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