US Midterm Elections 2026: अमेरिकी चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं का दबदबा, सुहास सुब्रमण्यम और पिया डांडिया की जीत का दावा

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों को लेकर भारतीय मूल के नेताओं के प्रदर्शन की चर्चा है।

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US Midterm Elections 2026: अमेरिका में 3 नवंबर को संपन्न हुए मध्यावधि चुनावों (US Midterm Elections 2026) के परिणाम सामने आ चुके हैं, जिनमें भारतीय मूल के नेताओं ने अपनी राजनीतिक ताकत का जबर्दस्त प्रदर्शन किया है। पूरी दुनिया की निगाहें इन चुनावों में खड़े भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों पर टिकी हुई थीं। डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार जीत का परचम लहराया है। इसके साथ ही फ्लोरिडा के बेहद कड़े मुकाबले में पिया डांडिया ने ऐतिहासिक विजय प्राप्त कर प्रतिनिधि सभा में प्रवेश किया है। वहीं दूसरी तरफ, ओहियो के बहुचर्चित गवर्नर चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को हार का सामना करना पड़ा है और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने जीत दर्ज की है।

US Midterm Elections 2026: सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया में फिर लहराया जीत का परचम

वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक पार्टी के मौजूदा सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने एक बार फिर एकतरफा जीत हासिल की है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को भारी अंतर से पराजित किया।

इस प्रभावशाली जीत के साथ ही सुहास सुब्रमण्यम अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (US House of Representatives) में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत करेंगे। वर्ष 2024 में वे वर्जीनिया प्रांत से यूएस कांग्रेस पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बने थे। सुब्रमण्यम की इस निरंतर सफलता को अमेरिकी मुख्यधारा की राजनीति में भारतवंशियों की मजबूत स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है।

अरुणा मिलर को मैरीलैंड की जनता ने दिया दोबारा मौका

भारतीय मूल की प्रमुख नेता अरुणा मिलर ने मैरीलैंड राज्य में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ बरकरार रखी है। वह मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर हैं और इस बार भी डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से गवर्नर वेस मूर के साथ चुनावी मैदान में उतरी थीं।

वेस मूर और अरुणा मिलर की जोड़ी ने रिपब्लिकन प्रत्याशी रॉब क्रोप के गठबंधन को आसानी से शिकस्त दे दी। अरुणा मिलर का राजनीतिक सफर भारतीय प्रवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। अमेरिका के किसी महत्वपूर्ण राज्य में लेफ्टिनेंट गवर्नर जैसे शीर्ष प्रशासनिक पद पर उनका दोबारा चुना जाना राज्य के शासन में भारतवंशियों की निर्णायक भूमिका को पुख्ता करता है।

पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के कांटेदार मुकाबले में रचा इतिहास

इन मध्यावधि चुनावों की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सुर्खियों में पिया डांडिया की जीत शामिल है। फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में कड़े मुकाबले के बीच डेमोक्रेटिक प्रत्याशी पिया डांडिया ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी असकर को मात दी।

इस जीत के साथ पिया डांडिया फ्लोरिडा राज्य से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला बन गई हैं। पूर्व शिक्षिका और हाईस्कूल प्रिंसिपल रह चुकीं पिया व्हाइट हाउस फेलो के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं। उनके प्रचार अभियान में पब्लिक स्कूलिंग, महंगाई पर नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और स्थानीय रोजगार के मुद्दे केंद्र में रहे, जिसे मतदाताओं ने अपना व्यापक समर्थन दिया।

ओहियो में विवेक रामास्वामी को लगा झटका

रिपब्लिकन पार्टी के चर्चित नेता और पूर्व राष्ट्रपति पद के दावेदार विवेक रामास्वामी के लिए ओहियो का चुनावी दंगल निराशाजनक साबित हुआ। ओहियो के गवर्नर पद की इस हाई-प्रोफाइल रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार डॉ. एमी एक्टन ने विवेक रामास्वामी को पराजित कर गवर्नर की कुर्सी अपने नाम कर ली है। इस सीट पर पूरे अमेरिका का ध्यान लगा हुआ था, किंतु अंततः मतदाताओं ने एमी एक्टन के नेतृत्व पर भरोसा जताया।

US Midterm Elections 2026: अमेरिकी संसद और नीति निर्माण में बढ़ता भारतीय प्रभाव

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 2026 के ये नतीजे स्पष्ट करते हैं कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय अब केवल आर्थिक और तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विधायी और नीति-निर्माण के शीर्ष स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ रहा है। प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों के लिए हुए इस मतदान के नतीजे सीधे तौर पर वाशिंगटन में दोनों प्रमुख दलों के शक्ति संतुलन को प्रभावित करेंगे, जहां भारतीय मूल के जन-प्रतिनिधि अपनी निर्णायक आवाज उठाते नजर आएंगे।

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