Punjab Accident: मंडी गोबिंदगढ़ की री-रोलिंग मिल में बड़ा हादसा, 3 मजदूरों की मौत; एक गंभीर घायल

फतेहगढ़ साहिब के मंडी गोबिंदगढ़ में लक्ष्मी री-रोलिंग मिल में हादसा। क्रेनों की टक्कर के बाद लोहे का भारी शेड गिरने से तीन मजदूरों की जान गई, जबकि एक घायल को PGI चंडीगढ़ रेफर किया गया।

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Punjab Accident:  पंजाब के औद्योगिक हब माने जाने वाले फतेहगढ़ साहिब जिले के मंडी गोबिंदगढ़ में मंगलवार को एक अत्यंत दुखद और गंभीर औद्योगिक दुर्घटना सामने आई। तलवाड़ा रोड स्थित ‘लक्ष्मी री-रोलिंग मिल’ में काम के दौरान दो ओवरहेड क्रेनों के आपस में टकरा जाने के कारण भारी लोहे का शेड और मशीनरी का ढांचा अचानक नीचे आ गिरा। इस भयावह हादसे में नीचे कार्यरत तीन प्रवासी मजदूरों की दबकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक स्थानीय मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल श्रमिक को नाजुक हालत में प्राथमिक उपचार के बाद चंडीगढ़ स्थित पीजीआई (PGI) रेफर किया गया है।

Punjab Accident: मंडी गोबिंदगढ़ की लक्ष्मी री-रोलिंग मिल में कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त विवरण के अनुसार यह हृदयविदारक घटना मंगलवार सुबह लगभग 11:00 बजे घटित हुई। मिल परिसर में लगभग 20 फीट की ऊंचाई पर भारी लोहे के बीम और सामान को स्थानांतरित करने के लिए क्रेनों का संचालन किया जा रहा था। इसी दौरान तकनीकी त्रुटि या आपसी समन्वय के अभाव के चलते शेड के ट्रैक पर चल रहीं दो क्रेनें आपस में टकरा गईं।

क्रेनों की जोरदार टक्कर के चलते शेड का भारी-भरकम लोहे का ढांचा और क्रेन का संतुलन बिगड़ गया और वह भरभराकर नीचे कार्य कर रहे मजदूरों पर आ गिरा। अचानक हुए इस हादसे से मिल में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। अन्य कर्मचारियों ने साहस दिखाते हुए तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और मलबे के नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में तीन मजदूरों को घोषित किया गया मृत, एक की हालत नाजुक

घटनास्थल से निकाले गए सभी चार प्रभावित मजदूरों को तत्काल सिविल अस्पताल, मंडी गोबिंदगढ़ ले जाया गया। अस्पताल की आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात डॉ. रितु ने बताया कि तीन मजदूरों को जब अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

वहीं चौथे मजदूर की स्थिति अत्यधिक चिंताजनक बनी हुई थी, जिसे प्राथमिक आपातकालीन उपचार देने के उपरांत उन्नत चिकित्सा देखभाल हेतु तत्काल पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। मृत मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार से रोजगार की तलाश में पंजाब आए थे।

मृतकों एवं घायल की पहचान

हादसे में जान गंवाने वाले तीनों मजदूरों की पहचान कर ली गई है। मृतकों में 50 वर्षीय लकारू, निवासी बेलवा, जिला महाराजगंज (उत्तर प्रदेश), 24 वर्षीय हर्ष मिश्रा, निवासी सिधवा, जिला गोपालगंज (बिहार) और सतनारायण, निवासी जिला मधुबनी (बिहार) शामिल हैं।

दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मजदूर की पहचान फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव भमारसी निवासी अमरीक सिंह के रूप में हुई है, जिनका इलाज चंडीगढ़ में चल रहा है।

पुलिस ने शुरू की जांच, सुरक्षा मानकों की होगी पड़ताल

हादसे की सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस बल ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और साक्ष्य जुटाए। जांच अधिकारी एएसआई जगरूप सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दो क्रेनों की आपसी भिड़ंत ही शेड गिरने का मुख्य कारण प्रतीत हो रही है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है और मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

पुलिस अब इस पहलू की गहनता से जांच कर रही है कि क्या मिल परिसर में औद्योगिक सुरक्षा मानकों (Factory Safety Norms) और श्रम नियमों का उचित अनुपालन किया जा रहा था या नहीं। क्रेन ऑपरेटरों की तकनीकी योग्यता, नियमित रखरखाव और भार वहन क्षमता की भी समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रबंधन या ऑपरेटर के स्तर पर किसी भी प्रकार की घोर लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Punjab Accident: औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

मंडी गोबिंदगढ़ को ‘लोहा नगरी’ के नाम से जाना जाता है, जहां सैकड़ों री-रोलिंग और स्टील इकाइयां संचालित होती हैं और हजारों प्रवासी मजदूर अपनी आजीविका कमाते हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन प्रणालियों और कामगारों के कार्यस्थल की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारी मशीनरी और क्रेनों के नियमित तकनीकी निरीक्षण तथा सुरक्षा दिशा-निर्देशों की अनदेखी अक्सर इस प्रकार की त्रासदियों का कारण बनती है।

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