UPSSSC PET Syllabus 2026: यूपी पीईटी सिलेबस एवं एग्जाम पैटर्न, सब्जेक्ट और टॉपिक वाइज चेक करें पूरा पाठ्यक्रम
UPSSSC PET Syllabus 2026: यूपी पीईटी सिलेबस एवं एग्जाम पैटर्न, सब्जेक्ट और टॉपिक वाइज चेक करें पूरा पाठ्यक्रम
UPSSSC PET Syllabus 2026: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी UPSSSC द्वारा आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 की तारीखें नजदीक आ चुकी हैं। यह परीक्षा राज्य के विभिन्न केंद्रों पर 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों के पास अब सीमित समय बचा है, इसलिए सिलेबस और एग्जाम पैटर्न को ध्यान में रखकर तैयारी करना बेहद जरूरी हो गया है। सही दिशा में अध्ययन करने से न केवल समय की बचत होती है बल्कि परीक्षा में अच्छा स्कोर करने की संभावना भी बढ़ जाती है।
यूपी पीईटी परीक्षा उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो राज्य की विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए आगे बढ़ना चाहते हैं। इस परीक्षा में कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं और प्रत्येक सही उत्तर पर एक अंक मिलता है। गलत उत्तर देने पर एक चौथाई अंक काटे जाते हैं, इसलिए बिना सोचे-समझे तुक्का लगाने से बचना चाहिए। पूरा पेपर 15 विषयों पर आधारित होता है, जिनमें से कुछ विषयों से अधिक अंकों के प्रश्न आते हैं।
अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम दिनों में सिलेबस से बाहर की सामग्री पढ़ने से बचें और उन टॉपिक्स पर फोकस करें जिनसे ज्यादा प्रश्न आने की संभावना है। नीचे एग्जाम पैटर्न और सब्जेक्ट वाइज सिलेबस की पूरी जानकारी दी गई है।
UPSSSC PET Syllabus 2026: यूपी पीईटी परीक्षा का पैटर्न क्या है?
UPSSSC PET 2026 में अभ्यर्थियों से कुल 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। हर सही जवाब पर एक अंक मिलेगा जबकि गलत जवाब पर 0.25 अंक काटे जाएंगे। परीक्षा की अवधि सामान्यतः दो घंटे की होती है। पेपर में भारतीय इतिहास, राष्ट्रीय आंदोलन, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संविधान, विज्ञान, अंकगणित, हिंदी, अंग्रेजी, तर्कशक्ति, सामयिकी, सामान्य जागरूकता के साथ-साथ गद्यांश, ग्राफ और तालिका विश्लेषण जैसे हिस्से शामिल हैं। माइनस मार्किंग की वजह से सटीकता बनाए रखना बहुत जरूरी है।
भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन से कितने प्रश्न आते हैं?
भारतीय इतिहास से पांच अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें सिंधु घाटी सभ्यता, गौतम बुद्ध और महावीर की शिक्षाएं, मौर्य वंश में सम्राट अशोक, गुप्त वंश के प्रमुख शासक, हर्षवर्द्धन, राजपूत काल, सल्तनत और मुगल साम्राज्य, मराठा शक्ति तथा ब्रिटिश राज का उदय और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम जैसे टॉपिक शामिल हैं। भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन से भी पांच प्रश्न आते हैं। इसमें प्रारंभिक स्वाधीनता आंदोलन, स्वदेशी और सविनय अवज्ञा आंदोलन, क्रांतिकारी गतिविधियां, 1935 का अधिनियम, भारत छोड़ो आंदोलन और आजाद हिंद फौज जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं।
भूगोल, अर्थव्यवस्था और संविधान के टॉपिक कौन-कौन से हैं?
भूगोल से पांच प्रश्न आते हैं जिनमें भारत और विश्व का भौतिक भूगोल, नदियां, भूजल, पर्वत, मरुस्थल, वन, खनिज संसाधन, राजनीतिक भूगोल, जलवायु और जनसांख्यिकी शामिल हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था से भी पांच प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें 1947 से 1991 तक की योजनाएं, हरित क्रांति, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, 1991 के आर्थिक सुधार और 2014 के बाद के सुधार जैसे जीएसटी तक की जानकारी जरूरी है। भारतीय संविधान और लोक प्रशासन से पांच प्रश्न आते हैं। इसमें संविधान की विशेषताएं, मौलिक अधिकार, नीति निर्देशक तत्व, संसदीय प्रणाली, केंद्र-राज्य संबंध, सर्वोच्च न्यायालय, जिला प्रशासन और पंचायती राज संस्थाएं प्रमुख टॉपिक हैं।
सामान्य विज्ञान, अंकगणित, हिंदी और अंग्रेजी में क्या पढ़ें?
सामान्य विज्ञान से पांच प्रश्न आते हैं जो प्रारंभिक भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान पर आधारित होते हैं। प्रारम्भिक अंकगणित से भी पांच प्रश्न पूछे जाते हैं जिनमें पूर्ण संख्या, भिन्न, प्रतिशत, औसत, वर्ग-वर्गमूल और घातांक शामिल हैं। सामान्य हिंदी से पांच प्रश्न आते हैं। इसमें संधि, विलोम, पर्यायवाची, मुहावरे, लिंग, अशुद्धियां और प्रमुख लेखक-रचनाएं महत्वपूर्ण हैं। सामान्य अंग्रेजी से भी पांच प्रश्न आते हैं जो व्याकरण और अपठित गद्यांश पर आधारित होते हैं।
तर्कशक्ति, सामयिकी और विश्लेषण वाले हिस्से कैसे तैयार करें?
तर्क एवं तर्कशक्ति से पांच प्रश्न आते हैं। इसमें क्रम-रैंकिंग, संबंध, कैलेंडर-घड़ी, कोडिंग-डिकोडिंग और कारण-प्रभाव जैसे टॉपिक शामिल हैं। सामयिकी से दस प्रश्न पूछे जाते हैं जो भारतीय और वैश्विक घटनाओं पर आधारित होते हैं। सामान्य जागरूकता से भी दस प्रश्न आते हैं जिनमें पड़ोसी देश, राजधानी-मुद्रा, राज्य, संसद, राष्ट्रीय दिवस, विश्व संगठन, पर्यटन स्थल, खेल, पुरस्कार और पर्यावरण जैसे विषय आते हैं। इसके अलावा अपठित हिंदी गद्यांश से दस, ग्राफ विश्लेषण से दस और तालिका विश्लेषण से दस प्रश्न आते हैं। ये हिस्से अभ्यास से ही मजबूत होते हैं।
यूपी पीईटी 2026 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को चाहिए कि वे प्रत्येक विषय के निर्धारित अंकों को ध्यान में रखकर समय का बंटवारा करें। सामयिकी और सामान्य जागरूकता जैसे हिस्सों को रोजाना अपडेट रखना फायदेमंद रहता है। गद्यांश, ग्राफ और तालिका वाले प्रश्नों का नियमित अभ्यास करने से स्कोर में सुधार होता है। सिलेबस की सीमा में रहकर तैयारी करने वाले अभ्यर्थी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
परीक्षा की तारीखें नजदीक हैं इसलिए अब रिवीजन और मॉक टेस्ट पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। सही रणनीति और अनुशासित अध्ययन से यूपी पीईटी परीक्षा पास करना संभव है। अभ्यर्थी आधिकारिक सिलेबस के अनुसार अपनी तैयारी को अंतिम रूप दें और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचें।
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