UP Tax Evasion: यूपी में 185 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा, बांदा-चित्रकूट में DGGI की आधी रात छापेमारी, 27 मशीनें और 15.50 लाख पाउच जब्त, फैक्ट्री मालिक गिरफ्तार
बांदा-चित्रकूट में DGGI की छापेमारी, 27 मशीनें और 15.50 लाख पाउच जब्त
UP Tax Evasion: उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित बांदा और चित्रकूट जिलों में बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे अवैध पान मसाला, सुगंधित जर्दा और देसी गुटखा निर्माण के एक विशाल सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की लखनऊ जोनल यूनिट ने सटीक खुफिया सूचना के आधार पर आधी रात को दोनों जिलों के छह अलग-अलग गुप्त ठिकानों पर एक साथ सघन छापेमारी की। इस उच्चस्तरीय कार्रवाई में लगभग 185 करोड़ रुपये की भारी-भरकम टैक्स चोरी पकड़ी गई है।
कार्रवाई के दौरान जांच अधिकारियों ने अवैध कारखानों से 27 ऐसी अत्याधुनिक पाउच पैकिंग मशीनें जब्त की हैं जिनकी जानकारी केंद्रीय उत्पाद शुल्क और जीएसटी विभाग से पूरी तरह छिपाई गई थी। इसके अतिरिक्त मौके से 15.5 लाख से अधिक तैयार पाउच और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद किया गया है। पूरे अवैध निर्माण नेटवर्क का मुख्य कर्ताधर्ता और फैक्ट्री मालिक गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
UP Tax Evasion: आधी रात को छह ठिकानों पर एक साथ छापा, 27 मशीनें और कच्चा माल जब्त
डीजीजीआई लखनऊ की विशेष जांच टीमों ने विस्तृत खुफिया इनपुट मिलने के बाद 18 अगस्त की देर रात बांदा और चित्रकूट के ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में स्थित छह परिसरों की घेराबंदी की। जांच में सामने आया कि ये सभी कारखाने बिना किसी वैध जीएसटी रजिस्ट्रेशन के चोरी-छिपे संचालित किए जा रहे थे। कारखानों के बाहर किसी भी प्रकार का बोर्ड नहीं लगाया गया था और सुरक्षा के कड़े घेरे में रात के अंधेरे में उत्पादन किया जाता था।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को 27 अघोषित पाउच पैकिंग मशीनें कार्यरत अवस्था में मिलीं। इनमें 9 मशीनें ब्रांडेड पान मसाला, 6 मशीनें सुगंधित जर्दा और 12 मशीनें देसी गुटखा बनाने के काम में लाई जा रही थीं। इसके साथ ही कच्चे माल को प्रोसेस करने वाली कई मिक्सर मशीनें, सुपारी कुचलने वाले क्रशर और ड्रायर उपकरण भी सील किए गए। दोनों जनपदों के परिसरों से कुल 15 लाख 50 हजार 922 तैयार पाउच बरामद किए गए, जिनमें पान मसाला, चबाने वाला तंबाकू, सुगंधित जर्दा और फ्लेवर्ड सुपारी शामिल हैं।
कच्चे माल के भंडार की जांच करने पर अधिकारियों के होश उड़ गए। मौके से 32.9 मीट्रिक टन साबुत व कुचली हुई सुपारी, 2.8 मीट्रिक टन तंबाकू, 470 किलोग्राम कत्था पाउडर, 850 किलोग्राम ग्लिसरीन, 545 किलोग्राम फ्लेवर एसेंस और 256 किलोग्राम खुला बिना पैक किया हुआ पान मसाला बरामद हुआ। इसके अलावा लाखों की संख्या में बिना ब्रांडिंग और फर्जी ब्रांडिंग वाले पैकिंग रोल भी जब्त किए गए।
नए कानून और मशीन क्षमता आधारित सेस से बचने के लिए रची गई साजिश
डीजीजीआई अधिकारियों के अनुसार इस पूरे अवैध नेटवर्क के जरिए वस्तु एवं सेवा कर (GST), हेल्थ सिक्योरिटी नेशनल सिक्योरिटी सेस (HSNS Cess) और सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी की बड़े पैमाने पर चोरी की जा रही थी। केंद्र सरकार द्वारा 1 फरवरी 2026 से पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के निर्माण पर नया कराधान ढांचा लागू किया गया है। ‘हेल्थ सिक्योरिटी नेशनल सिक्योरिटी सेस एक्ट 2025’ के अंतर्गत अब इन उत्पादों पर लगने वाले कर का निर्धारण केवल बिक्री पर नहीं, बल्कि फैक्ट्री में स्थापित मशीनों की संख्या और उनकी उत्पादन क्षमता के आधार पर अनिवार्य रूप से किया जाता है।
सेंट्रल एक्साइज एक्ट के तहत जर्दा और गुटखा निर्माण की प्रत्येक मशीन का पंजीकरण विभाग में कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। आरोपियों ने इसी भारी टैक्स और सेस से बचने के लिए मशीनों को कागजों में दर्ज नहीं कराया था। बिना किसी बिल और ई-वे बिल के तैयार माल को गुप्त वाहनों के जरिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के स्थानीय बाजारों में खपाया जाता था, जिससे सरकारी खजाने को 185 करोड़ रुपये से अधिक के प्रत्यक्ष राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया।
फैक्ट्री संचालक की गिरफ्तारी और न्यायिक रिमांड
डीजीजीआई की विशेष टीम ने इस पूरे गोरखधंधे के मुख्य सूत्रधार और फैक्ट्री मालिक को 19 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह बिना पंजीकरण के अवैध रूप से मशीनों का संचालन कर रहा था और तैयार माल की बिना बिल के निकासी करवाता था।
आरोपी को लखनऊ स्थित विशेष मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (कस्टम/जीएसटी) की अदालत में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों को पेश करते हुए तर्क दिया कि यह एक संगठित आर्थिक अपराध है जिसमें केंद्रीय राजस्व को भारी क्षति पहुंचाई गई है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है।
देशव्यापी अभियान: अब तक 668 करोड़ की टैक्स चोरी और 17 गिरफ्तारियां
तंबाकू और पान मसाला क्षेत्र में नया मशीन-आधारित कर कानून लागू होने के बाद से डीजीजीआई का खुफिया तंत्र और डेटा एनालिटिक्स विंग पूरे देश में सक्रिय है। 1 फरवरी 2026 से लेकर अब तक विभाग द्वारा देशभर में 27 बड़े टैक्स चोरी के मामलों का भंडाफोड़ किया जा चुका है। इन सुनियोजित कार्रवाइयों में कुल 668 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है।
जांच और कार्रवाई के दबाव में विभिन्न फर्मों द्वारा अब तक 11.7 करोड़ रुपये का बकाया टैक्स सरकारी खाते में जमा कराया जा चुका है। राष्ट्रव्यापी अभियानों में अब तक 131 अवैध पाउच पैकिंग मशीनें सील की जा चुकी हैं और कुल 17 मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। बांदा और चित्रकूट की यह संयुक्त कार्रवाई राज्य में अब तक के सबसे बड़े छापों में से एक मानी जा रही है।
UP Tax Evasion: अवैध पान मसाला निर्माण का आर्थिक और स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव
बिना पंजीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण के चलने वाली ऐसी अवैध फैक्ट्रियां न केवल सरकार को हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ करती हैं। इन गुप्त कारखानों में खाद्य सुरक्षा मानकों (FSSAI) का पूर्ण उल्लंघन करते हुए घटिया गुणवत्ता के केमिकल, मिलावटी कत्था और अमानक सुगंधित तत्वों का उपयोग किया जाता है, जो उपभोक्ताओं में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के खतरे को कई गुना बढ़ा देते हैं।
इसके साथ ही यह अवैध व्यापार उन वैध करदाता कंपनियों के लिए भी बाजार में अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करता है जो सभी सरकारी नियमों और करों का ईमानदारी से पालन करती हैं। डीजीजीआई अधिकारियों का कहना है कि बांदा-चित्रकूट नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और कच्चे माल की आपूर्ति करने वाले सप्लायर्स की कड़ियों की जांच की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में इस सिंडिकेट से जुड़े कुछ अन्य बड़े व्यापारियों पर भी कानूनी शिकंजा कस सकता है।
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