Aaj Ka Mausam 22 August 2026: दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 20 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, IMD ने जारी की सावधानी की चेतावनी

दिल्ली-NCR से बिहार और मध्य प्रदेश तक भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं की भी चेतावनी

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Aaj Ka Mausam 22 August 2026: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 22 अगस्त 2026 के लिए देश के एक बड़े भूभाग में सक्रिय मानसून के प्रभाव से भारी से बहुत भारी बारिश का व्यापक अलर्ट जारी किया है। पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे इलाकों के ऊपर बने मजबूत निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) तथा उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों में भारी तेजी देखी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस से अड़तालीस घंटों के दौरान मानसूनी हवाओं की तीव्रता चरम पर रहेगी, जिससे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित देश के लगभग दो दर्जन राज्यों में मूसलाधार बारिश, बादलों की गड़गड़ाहट और 40 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों और स्थानीय प्रशासनिक तंत्र को किसी भी आकस्मिक जलभराव, भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और मध्य भारत के ऊपर सक्रिय मौसमी प्रणालियों के आपसी मेल से मानसूनी ट्रफ रेखा अपनी सामान्य स्थिति में सक्रिय बनी हुई है। इस मौसमी बदलाव के चलते मैदानी क्षेत्रों में जहां तेज आंधी और भारी वर्षा से शहरी जनजीवन, यातायात और दैनिक आवागमन प्रभावित हो सकता है, वहीं पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और नदियों के उफान पर आने का गंभीर जोखिम बना हुआ है। मौसम विभाग ने आम नागरिकों, किसानों, यात्रियों और पर्यटकों को मौसम संबंधी आधिकारिक बुलेटिन पर निरंतर नजर बनाए रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी है।

Aaj Ka Mausam 22 August 2026: दिल्ली-एनसीआर में बादलों का पहरा, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुमान

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों जैसे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में शनिवार को दिनभर घने बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जाएगी, जबकि कई इलाकों में गरज-चमक के साथ एक या दो बार तेज बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज होगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। राजधानी में शनिवार को अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के मध्य रहने का अनुमान लगाया गया है।

हालांकि, बारिश के कारण दिल्ली-एनसीआर के निचले इलाकों, प्रमुख चौराहों और अंडरपास में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सुबह के व्यस्त समय और शाम के वक्त बारिश की तीव्रता बढ़ने से सड़कों पर यातायात की गति धीमी होने की आशंका है। दिल्ली यातायात पुलिस और नगर निगम के नियंत्रण कक्षों को जल निकासी मशीनों के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जलजमाव की स्थिति में वाहनों के आवागमन को सुगम बनाए रखा जा सके।

उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में मूसलाधार बारिश, किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी

उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता का असर पश्चिमी संभाग से लेकर पूर्वी सीमांत जिलों तक साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे और मध्यम से भारी स्तर की वर्षा दर्ज की जाएगी। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और बरेली सहित मध्य व पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों में तेज आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की तीव्र गड़गड़ाहट के साथ भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

राज्य के कृषि विभाग और मौसम विशेषज्ञों ने किसानों के लिए विशेष सावधानी परामर्श जारी किया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में अत्यधिक जलभराव से खरीफ फसलों, विशेषकर मक्का, दलहन और सब्जी की फसलों को बचाने के लिए जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, तेज आंधी और आकाशीय बिजली के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचने और सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लेने की ताकीद की गई है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बिजली के पुराने तारों और खंभों के पास न जाने की चेतावनी भी दी गई है।

बिहार और झारखंड में ऑरेंज और येलो अलर्ट, 55 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

बिहार के कई जिलों में मौसम विभाग ने अत्यधिक भारी वर्षा और वज्रपात को लेकर ऑरेंज तथा येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, सिवान, भोजपुर, बक्सर, पटना, गया, जहानाबाद, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, अररिया, बेगूसराय, लखीसराय और मुंगेर जिलों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की संभावना है। गंगा, कोसी, गंडक और बागमती जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और दियारा इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पड़ोसी राज्य झारखंड में भी मौसमी चक्र सक्रिय बना हुआ है। राजधानी रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और संताल परगना के जिलों में दिनभर बादलों की गर्जना के साथ मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। रांची में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। लगातार हो रही वर्षा से राज्य के कई जलाशयों और डैमों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिसके चलते जल संसाधन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र, भारी जलभराव की आशंका

पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने मौसमी सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विस्तृत भूभाग में मानसून अत्यंत उग्र रूप में सक्रिय है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल और ग्वालियर संभाग के कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। राजधानी भोपाल और इंदौर में भी दिनभर बादलों का जमावड़ा रहेगा और रुक-रुक कर तेज बारिश होगी। भोपाल में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमटा रहेगा। भारी वर्षा के कारण राज्य के निचले कस्बों में पानी भरने और राजमार्गों पर दृश्यता कम होने का खतरा है।

छत्तीसगढ़ में भी रायपुर, बिलासपुर, बस्तर और सरगुजा संभागों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों के बाधित होने का अंदेशा बना हुआ है। राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने और जलमग्न क्षेत्रों से आबादी को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की योजना तैयार रखने को कहा है।

पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बादल फटने का खतरा, पर्यटकों को यात्रा टालने की सलाह

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के मेल से स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग, किश्तवाड़, पुंछ, कुपवाड़ा, जम्मू, रियासी, गांदरबल, उधमपुर, बांदीपोरा और बारामूला जिलों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तूफानी हवाओं के साथ भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने से भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है।

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला, कुल्लू, मनाली और कांगड़ा क्षेत्रों में भी व्यापक वर्षा की चेतावनी दी गई है। शिमला में अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने का अनुमान है। पहाड़ी राज्यों के प्रशासन ने संवेदनशील राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदियों के तटों और भूस्खलन संभावित ढलानों से पूरी तरह दूर रहें तथा मौसम सामान्य होने तक पर्वतीय यात्राओं को टाल दें।

पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों की स्थिति

पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूर्वोत्तर मानसूनी शाखा के असर से लगातार व्यापक वर्षा का अनुमान है। कोलकाता में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री के आसपास रहेगा। पूर्वोत्तर के पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच सकता है, जिसको देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पूर्व तैयारी पूरी कर ली है।

दूसरी ओर दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत संतुलित और धीमी रहेंगी। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के आंतरिक हिस्सों में हल्की से मध्यम स्तर की छिटपुट वर्षा की संभावना है। महाराष्ट्र के तटीय कोंकण क्षेत्र और गोवा में मध्यम से भारी वर्षा का क्रम बना रहेगा, जबकि मुंबई में अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। गुजरात और राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में छिटपुट वर्षा के साथ मौसम मुख्य रूप से सामान्य बना रहेगा।

Aaj Ka Mausam 22 August 2026: सुरक्षा दिशानिर्देश और आपातकालीन उपाय

मौसम विभाग और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे खराब मौसम के दौरान बाहर निकलते समय रेनकोट, छाता और आवश्यक सुरक्षा उपकरण अपने साथ रखें। आंधी और बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ों, टीन शेड और बिजली के ट्रांसफार्मरों के नीचे कतई शरण न लें। निचले इलाकों और जलभराव वाले स्थानों में रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षित निकासी निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।

वाहन चालकों को जलमग्न सड़कों और पुलियों पर तेज गति से गाड़ी न चलाने और दृश्यता कम होने पर फॉग लाइट्स का उपयोग करने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और छोटे बच्चों को भारी बारिश के दौरान घरों के भीतर ही रहने की हिदायत दी गई है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में स्थानीय हेल्पलाइन नंबरों और राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष से तत्काल संपर्क स्थापित किया जा सकता है।

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