UP Rajya Sabha Election 2026: सपा आज खोलेगी तीसरे प्रत्याशी के नाम का पत्ता, 10वीं सीट पर भाजपा से मुकाबला

6 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख, सपा के तीसरे उम्मीदवार से 10वीं सीट पर मुकाबला तय होने के आसार

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UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर होने जा रहे द्विवार्षिक चुनाव को लेकर सूबे का सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। नामांकन के अंतिम दिन यानी मंगलवार, 6 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी (सपा) अपने तीसरे प्रत्याशी के नाम का औपचारिक ऐलान करने जा रही है। सपा के इस कदम से उच्च सदन की 10वीं सीट के लिए मुकाबला अब निर्विरोध न रहकर कड़े चुनावी घमासान में तब्दील होना तय माना जा रहा है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रत्याशी के नाम को लेकर सस्पेंस बनाए रखा है, हालांकि पार्टी सूत्रों के अनुसार उम्मीदवार का नाम तय कर नामांकन के सभी विधिक दस्तावेज तैयार कर लिए गए हैं। सपा नेतृत्व की नजरें पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रणनीतिक दांव और 8वें प्रत्याशी को उतारने की संभावनाओं पर टिकी हैं।

UP Rajya Sabha Election 2026: सपा के दो प्रत्याशी कर चुके हैं नामांकन, तीसरे चेहरे पर सबकी नजर

समाजवादी पार्टी ने 10 सीटों में से अपने कोटे की सुरक्षित सीटों पर पहले ही दो दिग्गजों को चुनावी मैदान में उतार दिया है। इनमें पार्टी के मुख्य रणनीतिकार व वर्तमान सांसद प्रो. रामगोपाल यादव और कॉरपोरेट जगत से जुड़े धनराज परिमल नथवानी शामिल हैं। इन दोनों उम्मीदवारों ने विधानसभा में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है।
अब पार्टी के भीतर तीसरे उम्मीदवार के रूप में किसी प्रमुख पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) चेहरे या फिर किसी बड़े सामाजिक समीकरण को साधने वाले नाम पर मुहर लगाने की चर्चाएं हैं। नामांकन के आखिरी दिन प्रत्याशी की घोषणा कर सपा विपक्षी खेमे को जवाबी रणनीति बनाने का कम से कम समय देना चाहती है।

विधानसभा का संख्या बल: 37 वोटों का जादुई आंकड़ा और 10वीं सीट का पेंच

उत्तर प्रदेश विधानसभा की मौजूदा सदस्य संख्या के आधार पर राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए लगभग 36 से 37 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होगी।
सपा गठबंधन (कांग्रेस सहित) के पास अपने दो प्रत्याशियों को सुरक्षित रूप से जिताने के लिए आवश्यक 74 से अधिक विधायकों का मजबूत संख्या बल मौजूद है। हालांकि, दो उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के बाद सपा के पास अतिरिक्त सरप्लस वोट तो बचेंगे, लेकिन तीसरे प्रत्याशी को जिताने के लिए पार्टी को 10 से अधिक अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की दरकार होगी।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास अपने सात उम्मीदवारों को आसानी से संसद भेजने का प्रचंड बहुमत है, लेकिन 8वें प्रत्याशी को जिताने के लिए उसे भी अतिरिक्त मत जुटाने होंगे। ऐसे में सपा का तीसरा उम्मीदवार मैदान में आते ही 10वीं सीट पर मुकाबला ‘वोट-टू-वोट’ संघर्ष में बदल जाएगा।

क्रॉस वोटिंग का अंदेशा और दलों की बाड़ाबंदी

तीसरे प्रत्याशी के मैदान में उतरने का सीधा अर्थ है कि 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाना अनिवार्य हो जाएगा। ऐसी स्थिति में क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक सेंधमारी की आशंकाएं सबसे ज्यादा बढ़ गई हैं।
सपा नेतृत्व का दावा है कि सत्तारूढ़ गठबंधन और गैर-संबद्ध दलों के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। वहीं, भाजपा खेमा भी सदन में अपनी रणनीतिक घेराबंदी और फ्लोर मैनेजमेंट के लिए जाना जाता है। पिछले राज्यसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश के भीतर क्रॉस वोटिंग का कड़वा अनुभव देख चुकी समाजवादी पार्टी इस बार बेहद सतर्क है और अपने एक-एक विधायक की निष्ठा को परखने के बाद ही अंतिम कदम उठा रही है।

UP Rajya Sabha Election 2026: 2027 के विधानसभा चुनाव का शक्ति परीक्षण

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार:
  • नामांकन पत्रों की जांच: 7 अक्टूबर 2026
  • नाम वापसी की अंतिम तिथि: 9 अक्टूबर 2026
  • मतदान: 16 अक्टूबर 2026 (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)
  • मतगणना: 16 अक्टूबर 2026 (शाम 5 बजे से परिणाम आने तक)
यह चुनाव महज राज्यसभा की 10 सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले दोनों बड़े गठबंधनों के बीच सीधा शक्ति परीक्षण माना जा रहा है। 10वीं सीट पर जीत हासिल करने वाला दल मनोवैज्ञानिक रूप से भारी बढ़त हासिल करेगा। अब राजनीतिक गलियारों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अखिलेश यादव नामांकन के आखिरी पहर में किसके नाम का पर्चा दाखिल कराकर भाजपा के सामने चक्रव्यूह रचते हैं।

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