UP Polytechnic 2026: 80,638 डिप्लोमा सीटें खाली, JEECUP ने शुरू की छठे और सातवें राउंड की काउंसलिंग, जानें तारीखें और पूरी प्रक्रिया
JEECUP की छठे-सातवें राउंड की काउंसलिंग शुरू, प्रवेश से वंचित छात्रों को मौका
UP Polytechnic 2026: उत्तर प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों में इंजीनियरिंग और विभिन्न डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत पांच चरणों की मुख्य व विशेष काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी बड़े पैमाने पर सीटें रिक्त रह गई हैं। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (JEECUP) द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर के 455 राजकीय, सहायता प्राप्त (एडेड), अल्पसंख्यक, पीपीपी मॉडल और निजी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में कुल 1,45,601 डिप्लोमा सीटों में से अब तक मात्र 60,552 सीटों पर ही अभ्यर्थियों का अंतिम प्रवेश सुनिश्चित हो सका है।
काउंसलिंग के पहले पांच चरणों के समापन के पश्चात भी प्रदेश में कुल 80,638 सीटें खाली पड़ी हैं, जिनमें सर्वाधिक 63,165 सीटें निजी (प्राइवेट) पॉलीटेक्निक कॉलेजों में रिक्त हैं। इन रिक्त सीटों को शत-प्रतिशत भरने और मुख्य काउंसलिंग के दौरान किसी कारणवश सीट आवंटन से वंचित रह गए योग्य अभ्यर्थियों को तकनीकी शिक्षा हासिल करने का एक और अवसर देने के उद्देश्य से परिषद ने छठे और सातवें चरण की विशेष ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अतिरिक्त प्रक्रिया 21 अगस्त 2026 से आधिकारिक रूप से प्रभावी कर दी गई है।
UP Polytechnic 2026: एआईसीटीई के संशोधित एकेडमिक कैलेंडर के अनुरूप अतिरिक्त काउंसलिंग का आयोजन
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के नए एकेडमिक कैलेंडर और दिशा-निर्देशों के अनुपालन में संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने इस अतिरिक्त ऑनलाइन काउंसलिंग की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि मुख्य और विशेष काउंसलिंग का संचालन 25 जून से 14 अगस्त 2026 के मध्य सफलतापूर्वक किया गया था। इस अवधि में कई सफल अभ्यर्थी या तो अपनी पसंद की ब्रांच न मिलने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके थे अथवा समय पर दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा न करने के चलते बाहर हो गए थे।
परिषद ने निर्णय लिया है कि प्रवेश परीक्षा में सफल घोषित (क्वालिफाइड) ऐसे सभी अभ्यर्थी जिन्होंने अब तक किसी भी संस्थान में अंतिम प्रवेश नहीं लिया है (नॉन-एडमिटेड), वे इस अतिरिक्त काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र होंगे। इस व्यवस्था में उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों के साथ-साथ अन्य राज्यों (आउटसाइड यूपी) के योग्य अभ्यर्थियों को भी शामिल होने की अनुमति प्रदान की गई है। हालांकि परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त चरण केवल डिप्लोमा इंजीनियरिंग और संबंधित पाठ्यक्रमों के लिए ही लागू होगा, जबकि फार्मेसी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को इस प्रक्रिया से पूरी तरह अलग रखा गया है।
पात्र पाठ्यक्रम समूह और ब्रांच आवंटन की रूपरेखा
अतिरिक्त काउंसलिंग का यह विशेष अवसर परिषद के विभिन्न पाठ्यक्रम समूहों के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसके अंतर्गत ग्रुप ए (तीन वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा), ग्रुप बी (कृषि इंजीनियरिंग), ग्रुप सी (फैशन डिजाइनिंग, गारमेंट टेक्नोलॉजी व होम साइंस), ग्रुप डी (मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट व लाइब्रेरी साइंस), ग्रुप एफ, जी, एच, आई, ग्रुप के-1 से के-8 (लैटरल एंट्री द्वितीय वर्ष इंजीनियरिंग) और ग्रुप एल (पोस्ट डिप्लोमा कोर्सेज) के अभ्यर्थी सम्मिलित हो सकते हैं।
इन विभिन्न समूहों में सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर साइंस और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे तकनीकी ट्रेड शामिल हैं। निजी संस्थानों में खाली सीटों की भारी संख्या को देखते हुए अभ्यर्थियों के पास अपनी पसंदीदा ब्रांच चुनने का व्यापक अवसर उपलब्ध रहेगा। राजकीय और एडेड संस्थानों में भी कुछ चुनिंदा ब्रांचों में बची हुई सीटों पर मेरिट के आधार पर आवंटन किया जाएगा।
छठे चरण (Round 6) की संपूर्ण समय-सारिणी और मुख्य तिथियां
छठे चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए परिषद द्वारा विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। योग्य अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग और विकल्पों में संशोधन की प्रक्रिया 21 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक संचालित की जा रही है। अभ्यर्थियों को परिषद के आधिकारिक पोर्टल पर अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन करके अधिक से अधिक संस्थानों और ब्रांचों के विकल्प भरने होंगे।
छठे चरण का सीट आवंटन परिणाम (Seat Allotment Result) 24 अगस्त 2026 को जारी किया जाएगा। परिषद ने स्पष्ट किया है कि इस चरण में सीट आवंटित होने के बाद अभ्यर्थियों के पास ‘फ्लोट’ का विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें ऑनलाइन ‘फ्रीज’ विकल्प का ही चयन करना होगा। इसके बाद निर्धारित सुरक्षा शुल्क (Security Fee) और काउंसलिंग फीस जमा करने की खिड़की 25 अगस्त से 28 अगस्त तक खुली रहेगी। अभ्यर्थियों को 25 अगस्त से 29 अगस्त की शाम 06:00 बजे तक अपने गृह जनपद के जिला सहायता केंद्र पर उपस्थित होकर मूल दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन (Document Verification) कराना अनिवार्य होगा। यदि कोई अभ्यर्थी आवंटित सीट छोड़ना चाहता है तो वह 30 अगस्त तक नाम वापस (विड्रॉल) ले सकता है, जबकि संबंधित आवंटित संस्थान में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अंतिम रिपोर्टिंग करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
सातवें चरण (Round 7) की प्रक्रिया, ऑटो-फ्रीज नियम और अंतिम अवसर
छठे चरण की समाप्ति के बाद रिक्त रह जाने वाली सीटों के लिए सातवें चरण की काउंसलिंग 1 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगी। सातवें चरण के लिए नए व पूर्व पंजीकृत अभ्यर्थियों द्वारा च्वाइस फिलिंग का कार्य 1 सितंबर से 3 सितंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। इस चरण का सीट आवंटन 4 सितंबर को घोषित होगा। सातवें चरण की सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि इसमें सभी अभ्यर्थियों के लिए आवंटित सीट स्वतः यानी ‘ऑटो फ्रीज’ हो जाएगी।
सीट मिलने के उपरांत अभ्यर्थियों को 5 सितंबर से 7 सितंबर 2026 के बीच सिक्योरिटी व काउंसलिंग शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा करना होगा। जिला सहायता केंद्रों पर दस्तावेजों के सत्यापन का कार्य 5 सितंबर से 8 सितंबर की शाम 06:00 बजे तक चलेगा। आवंटित सीट से नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 9 सितंबर तय की गई है, जिसके उपरांत अभ्यर्थियों को 10 सितंबर तक आवंटित संस्थान में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर शेष शिक्षण शुल्क जमा करना और प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। एआईसीटीई के नियमों के अनुसार 14 सितंबर 2026 तक सभी प्रकार के प्रवेश संबंधी कार्य पूर्ण रूप से समाप्त कर दिए जाएंगे।
अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया
परिषद ने सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे च्वाइस फिलिंग के दौरान केवल सीमित कॉलेजों का चयन न करें, बल्कि मेरिट के अनुसार अधिक से अधिक संस्थानों और ब्रांचों के विकल्प भरें ताकि सीट आवंटन की संभावना अधिकतम हो सके। दस्तावेज सत्यापन के लिए प्रत्येक जिले में राजकीय व सहायता प्राप्त पॉलीटेक्निक संस्थानों को सहायता केंद्र (हेल्प सेंटर) बनाया गया है।
दस्तावेज सत्यापन के समय अभ्यर्थियों को अपने मूल अंकपत्र (10वीं/12वीं/आईटीआई), संयुक्त प्रवेश परीक्षा का एडमिट कार्ड व स्कोर कार्ड, श्रेणी प्रमाणपत्र (ओबीसी/एससी/एसटी/ईडब्ल्यूएस), निवास प्रमाणपत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और सरकारी पहचान पत्र की मूल प्रतियां व स्वप्रमाणित छायाप्रतियां प्रस्तुत करनी होंगी। किसी भी स्तर पर दस्तावेजों में विसंगति पाए जाने पर आवंटन निरस्त माना जाएगा।
UP Polytechnic 2026: तकनीकी शिक्षा, रोजगार के अवसर और अतिरिक्त काउंसलिंग का महत्व
पॉलीटेक्निक डिप्लोमा को औद्योगिक और तकनीकी विकास की रीढ़ माना जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार के विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में कुशल डिप्लोमा धारकों की मांग लगातार बढ़ रही है। 80 हजार से अधिक सीटों का खाली रहना तकनीकी संस्थानों के लिए जहां एक प्रशासनिक चुनौती है, वहीं उन युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है जो इंजीनियरिंग के व्यावहारिक क्षेत्र में अपना करियर संवारना चाहते हैं।
अतिरिक्त काउंसलिंग की यह व्यवस्था तकनीकी शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। प्रवेश से वंचित रहे अभ्यर्थी समय-सारिणी का कड़ाई से पालन करते हुए निर्धारित अंतिम तिथियों से पूर्व अपना पंजीकरण और च्वाइस फिलिंग पूर्ण कर सकते हैं।
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