UP Election 2027: प्रयागराज पश्चिम से अतीक अहमद परिवार की सियासी वापसी की चर्चा तेज, क्या उमर अहमद संभालेंगे राजनीतिक विरासत?

उमर और अली की सक्रियता के बीच प्रयागराज पश्चिम से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज

0

UP Election 2027: प्रयागराज की राजनीति में एक बार फिर अतीक अहमद के परिवार का नाम चर्चा के केंद्र में आ गया है। हाल ही में सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क हादसे में मृत्यु के बाद जेल से कस्टडी पैरोल पर बाहर आए बड़े बेटे उमर अहमद और दूसरे बेटे अली अहमद की मौजूदगी ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है। समर्थकों की उपस्थिति और AIMIM नेताओं के साथ हुई मुलाकातों के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अतीक की राजनीतिक विरासत को संभालने के लिए उमर मैदान में उतर सकते हैं। इस चर्चा का मुख्य केंद्र प्रयागराज पश्चिम विधानसभा सीट बनी हुई है, जो लंबे समय तक परिवार का गढ़ मानी जाती रही है।

अतीक अहमद की अप्रैल 2023 में हुई हत्या के बाद माना जा रहा था कि क्षेत्र में परिवार का राजनीतिक प्रभाव समाप्त हो चुका है। हालांकि, अबान के अंतिम संस्कार के समय उमड़ी भीड़ और उसके बाद के राजनीतिक घटनाक्रमों ने यह स्पष्ट किया है कि समर्थकों का एक हिस्सा अभी भी परिवार से जुड़ाव महसूस करता है। जनाजे के दौरान AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली से उमर और अली की मुलाकात हुई, जिसके बाद पार्टी नेताओं ने पुष्टि की कि अतीक परिवार AIMIM से जुड़ा रहा है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने यह भी साफ किया है कि फिलहाल चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक निर्णय या घोषणा नहीं की गई है।

UP Election 2027: परिवार का AIMIM से संबंध और हालिया गतिविधियां

अतीक अहमद ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व अपने परिवार सहित AIMIM की सदस्यता ली थी। उस समय उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन ने मंच पर पार्टी का दामन थामा था। हालांकि बाद में शाइस्ता ने दूरी बना ली, लेकिन पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों का कहना है कि परिवार के अन्य सदस्य अभी भी संगठन से जुड़े हुए हैं। AIMIM के प्रयागराज महानगर अध्यक्ष और लीगल सेल के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि यदि परिवार की ओर से चुनाव लड़ने का कोई प्रस्ताव आता है तो पार्टी उस पर सकारात्मक विचार करेगी।

इसी दौरान राजनीतिक हलचल तब और बढ़ गई जब अपना दल (कमेरावादी) की विधायक पल्लवी पटेल और मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने भी परिवार से मुलाकात की। अतीक अहमद के सोनेलाल पटेल से पुराने राजनीतिक संबंध रहे हैं, जिसके कारण पल्लवी पटेल की इस मुलाकात को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है। इन सभी घटनाक्रमों से यह संकेत मिलता है कि विभिन्न राजनीतिक दल क्षेत्र के स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए स्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं।

प्रयागराज पश्चिम सीट का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

प्रयागराज पश्चिम विधानसभा सीट अतीक अहमद की मुख्य कर्मभूमि रही है। उन्होंने वर्ष 1989 में पहली बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में इस सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1991 और 1993 में निर्दलीय, 1996 में समाजवादी पार्टी और 2002 में अपना दल के टिकट पर लगातार पांच बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। बाद में उनके भाई अशरफ अहमद भी इस सीट से विधायक चुने गए थे।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सिद्धार्थनाथ सिंह ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। राज्य सरकार की सख्त कानून-व्यवस्था नीति और अतीक परिवार के खिलाफ हुई वैधानिक कार्रवाइयों के बाद क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव आया। इसके बावजूद, स्थानीय स्तर पर समर्थकों का एक वर्ग 2027 के चुनाव में उमर अहमद को प्रत्याशी बनाने की मांग कर रहा है, क्योंकि वे परिवार के सबसे वरिष्ठ जीवित सदस्य हैं।

UP Election 2027: विधिक स्थिति और आगामी चुनावी समीकरण

वर्तमान में उमर अहमद लखनऊ जेल में निरूद्ध हैं और उन पर अपहरण समेत कई गंभीर मामले लंबित हैं, जबकि अली अहमद झांसी जेल में बंद हैं। दोनों भाइयों को विधिक प्रक्रिया के तहत पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मिली थी। समर्थकों का मानना है कि यदि उमर चुनाव मैदान में उतरते हैं तो वे जेल में रहते हुए भी अपना राजनीतिक अभियान चला सकते हैं।

हालांकि, राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों और सख्त प्रशासनिक रवैये को देखते हुए परिवार आधिकारिक कदम उठाने में सतर्कता बरत रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के चुनावों में स्थानीय सामाजिक समीकरण, मुस्लिम मतदाताओं का रुझान और प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशी चयन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। प्रयागराज पश्चिम सीट पर भाजपा अपना कब्जा बनाए रखना चाहेगी, जबकि मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी भी अपने आधार को मजबूत करने का प्रयास करेगी। ऐसे में AIMIM के बैनर तले यदि कोई उम्मीदवार उतरता है तो वह वोटों के बहुकोणीय विभाजन का कारण बन सकता है।

Read More Here

Airfare Hike: ‘किराया कम नहीं रख सकते तो उड़ानें रोक दो’, महंगे हवाई टिकटों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

Census 2027: लद्दाख समेत पहाड़ी राज्यों के दुर्गम इलाकों से पहली डिजिटल जनगणना का पहला चरण शुरू, जानें सेल्फ-एन्यूमरेशन और नई सुविधाओं की पूरी जानकारी

Tarapith Hotel Fire: बीरभूम के तारापीठ में होटल में भीषण आग, 5 श्रद्धालुओं की मौत, कई झुलसे; मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

Vande Mataram Controversy: सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत, डीसीपी सेंट्रल ने शुरू की जांच, कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.