Truth of Dhruv Rathee Arrest: ध्रुव राठी की गिरफ्तारी का दावा निकला फर्जी, नोएडा पुलिस ने अफवाह पर जारी किया स्पष्ट बयान
Truth of Dhruv Rathee Arrest: ध्रुव राठी की गिरफ्तारी का दावा निकला फर्जी, नोएडा पुलिस ने अफवाह पर जारी किया स्पष्ट बयान
Truth of Dhruv Rathee Arrest: सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही खबरों के बीच नोएडा पुलिस ने साफ कर दिया है कि यूट्यूबर ध्रुव राठी को उनके द्वारा गिरफ्तार नहीं किया गया है। कई हैंडल्स ने दावा किया था कि राठी को नोएडा पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह दावा कॉकरोज जनता पार्टी के कार्यक्रम से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने इसे पूरी तरह असत्य और भ्रामक बताया। उन्होंने लोगों से कहा कि ऐसी खबरों को बिना पुष्टि के आगे न बढ़ाएं। ध्रुव राठी हाल ही में जर्मनी से भारत आए हैं और सीजेपी के आंदोलन से जुड़े हैं।
सोशल मीडिया पर फैला गिरफ्तारी का दावा
शुक्रवार को कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो के साथ पोस्ट वायरल होने लगीं। इनमें कहा गया कि ध्रुव राठी को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कुछ यूजर्स ने इसे दिल्ली पुलिस की जगह नोएडा पुलिस से जोड़ा। खबर तेजी से फैली क्योंकि राठी के यूट्यूब चैनल पर तीन करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। लोग बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इसे शेयर करने लगे। इस दावे के पीछे सीजेपी द्वारा नई दिल्ली के सेंट्रल पार्क में आयोजित करने की योजना वाला कार्यक्रम था। पुलिस ने इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी। ऐसे में अफवाहों को हवा मिल गई।
नोएडा पुलिस का आधिकारिक बयान
नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही इन पोस्ट्स को देखते हुए तुरंत बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि कुछ हैंडल्स द्वारा ध्रुव राठी की गिरफ्तारी की सूचना प्रसारित की जा रही है। यह सूचना पूरी तरह असत्य, भ्रामक और निराधार है। नोएडा पुलिस ने ध्रुव राठी की कोई गिरफ्तारी नहीं की है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की कि भ्रामक संदेशों का प्रसार न करें। किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर करें। बयान में चेतावनी भी दी गई कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह बयान उन लोगों के लिए चेतावनी था जो बिना पुष्टि के खबरें फैला रहे थे।
सीजेपी के कार्यक्रम से जुड़ा विवाद
सीजेपी ने शुक्रवार शाम सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम की घोषणा की थी। पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। इसी वजह से आशंका जताई जा रही थी कि अगर पार्टी के नेता जबरन आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे तो उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है। कुछ लोगों ने इसी आशंका को आधार बनाकर ध्रुव राठी की गिरफ्तारी की खबर फैला दी। राठी इस आंदोलन का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सीजेपी के कार्यक्रमों में भाग लिया। बेंगलुरु में आठ अक्टूबर को एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे दिल्ली-गुरुग्राम पहुंचे। जंतर-मंतर पर होने वाले प्रोटेस्ट के लिए वे तैयार थे।
दिल्ली पुलिस द्वारा पहले की गई हिरासत
ध्रुव राठी को दस अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। वे गुरुग्राम में अपने घर पर थे। पुलिस ने उन्हें घर से हिरासत में ले लिया। राठी ने बाद में बताया कि उन्हें करीब बीस से बाईस घंटे तक रोका गया था। इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उन्हें घसीटते हुए ले जाया। इस घटना के बाद भी वे सीजेपी के आंदोलन से जुड़े रहे। नौ अक्टूबर को उन्होंने इंडिया गेट से लोगों के लिए अपील जारी की थी। इस पृष्ठभूमि में सोशल मीडिया पर नई अफवाह को आसानी से स्वीकार किया गया। लोग पुरानी घटना को नई खबर से जोड़ने लगे।
अफवाह फैलने के कारण और प्रभाव
ऐसी अफवाहें इसलिए तेजी से फैलती हैं क्योंकि राठी की पहचान बड़े पैमाने पर है। उनकी बातें युवा वर्ग तक पहुंचती हैं। जब कोई बड़ी खबर आती है तो लोग तुरंत शेयर कर देते हैं। इस बार भी यही हुआ। नोएडा पुलिस के बयान आने के बाद कुछ लोगों ने अपनी पोस्ट हटा दीं। फिर भी कई जगहों पर खबर चलती रही। ऐसे मामलों में पुलिस को बार-बार स्पष्टीकरण देना पड़ता है। इससे संसाधनों पर दबाव भी पड़ता है। साथ ही लोगों के मन में भ्रम बना रहता है। अफवाहें सामाजिक तनाव बढ़ा सकती हैं। खासकर जब कोई कार्यक्रम या आंदोलन चल रहा हो।
आगे की स्थिति और सावधानी
फिलहाल नोएडा पुलिस ने साफ कर दिया है कि कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। सीजेपी के कार्यक्रम को लेकर स्थिति सामान्य बनी हुई है। पुलिस प्रशासन पर नजर रख रही है। अगर कोई जबरन गतिविधि होगी तो कार्रवाई हो सकती है। आम लोगों को सलाह दी गई है कि आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें। सोशल मीडिया पर आने वाली हर खबर को सच मानकर शेयर न करें। ध्रुव राठी की तरफ से अभी इस अफवाह पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वे जर्मनी से आए हैं और देश में आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उनकी गतिविधियों पर निगरानी जारी है।
इस पूरे मामले में साफ हो गया कि सोशल मीडिया पर बिना आधार के फैलाई गई खबरें कितनी तेजी से फैल सकती हैं। नोएडा पुलिस ने समय रहते बयान जारी कर स्थिति नियंत्रित की। ध्रुव राठी की गिरफ्तारी का दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ। सीजेपी के कार्यक्रम को लेकर अटकलें जरूर लगीं लेकिन आधिकारिक रूप से कोई हिरासत नहीं हुई। पहले दिल्ली पुलिस द्वारा की गई हिरासत अलग घटना थी। लोगों को अब और सतर्क रहना चाहिए। आधिकारिक बयान आने तक किसी भी पोस्ट पर यकीन न करें। अफवाह फैलाने से कानूनी परेशानी भी हो सकती है। पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न दोहराई जाएं। सही जानकारी ही भ्रम दूर कर सकती है।
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