Dental Health Tips: मीठा खाने से दांतों में कैविटी और पीलापन क्यों बढ़ जाता है? खाने के बाद तुरंत करें ये काम
Dental Health Tips: मीठा खाने से दांतों में कैविटी और पीलापन क्यों बढ़ जाता है? खाने के बाद तुरंत करें ये काम
Dental Health Tips: आजकल बच्चे और बड़े दोनों मीठा खाना पसंद करते हैं। कैंडी, मिठाई या मीठे ड्रिंक्स रोज की आदत बन चुकी है। लेकिन मीठा खाने के कुछ ही सेकंड बाद मुंह के अंदर बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं। ये बैक्टीरिया चीनी को एसिड में बदलते हैं। इस एसिड से दांतों की मजबूत परत इनेमल को नुकसान पहुंचता है। नतीजा यह होता है कि दांत पीले दिखने लगते हैं और कैविटी यानी छेद बन जाते हैं। प्लाक नाम की चिपचिपी परत भी दांतों पर जम जाती है। द कन्वरसेशन की रिसर्च बताती है कि ज्यादा चीनी से कैविटी होती है लेकिन लोग यह नहीं जानते कि बैक्टीरिया मीठे का पहला टुकड़ा खाते ही प्लाक बना देते हैं।
मीठा खाने के बाद मुंह में क्या होता है
जैसे ही मीठा मुंह में जाता है बैक्टीरिया उसे एनर्जी के रूप में इस्तेमाल करने लगते हैं। इस प्रक्रिया में वे बड़ी मात्रा में एसिड बनाते हैं। मीठा खाने के एक से दो मिनट के अंदर मुंह की एसिडिटी इतनी बढ़ जाती है कि इनेमल गलने लगता है। इनेमल कमजोर होने से अंदर की पीली परत डेंटिन दिखने लगती है। इसी वजह से दांत पीले पड़ते हैं और कैविटी बन जाती है। लार इस एसिड को कुछ हद तक न्यूट्रल करने की कोशिश करती है लेकिन बार-बार मीठा खाने से यह काम मुश्किल हो जाता है।
प्लाक क्या होता है और यह कैसे नुकसान पहुंचाता है
कैविटी पैदा करने वाले बैक्टीरिया चीनी से एक चिपचिपी परत बनाते हैं जिसे प्लाक या बायोफिल्म कहते हैं। यह परत दांतों से चिपकी रहती है और बिना ब्रश या डेंटिस्ट की सफाई के आसानी से नहीं हटती। प्लाक दीवार की तरह काम करता है। इसके कारण लार अंदर नहीं पहुंच पाती और एसिड को न्यूट्रल नहीं कर पाती। सबसे बड़ी समस्या यह है कि कैविटी वाले बैक्टीरिया इस तेजाबी माहौल में भी जिंदा रहते हैं जबकि अच्छे बैक्टीरिया मर जाते हैं। प्लाक के अंदर ये बैक्टीरिया बढ़ते रहते हैं और दांतों के मिनरल्स को खत्म करते रहते हैं जब तक कैविटी दिखने या दर्द होने न लगे।
मीठा खाने के बाद दांतों को कैसे बचाएं
मीठा कम खाएं और जब खाएं तो खाने के साथ ही खाएं। खाते वक्त लार ज्यादा बनती है जो एसिड को कम करने में मदद करती है। पूरे दिन मीठा न खाएं और चीनी वाली ड्रिंक्स से बचें। बार-बार चीनी मुंह में जाने से लंबे समय तक एसिड बना रहता है। रात में खाने के बाद ब्रश जरूर करें। हो सके तो मीठा खाने के बाद भी ब्रश करें। ब्रश करने से प्लाक हट जाता है और बैक्टीरिया को मौका नहीं मिलता। ये छोटे कदम दांतों को सुरक्षित रखने में काफी मदद करते हैं।
कौन सी मीठी चीजें ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं
सभी मिठाइयां एक जैसी नहीं होतीं। चिपचिपी मिठाइयां सबसे ज्यादा नुकसान करती हैं। टॉफी, कैरामल, गमी कैंडी और जलेबी दांतों से चिपक जाती हैं और दो घंटे तक एसिड बनाती रहती हैं। बिस्किट, केक और ब्रेड दांतों के बीच फंस जाते हैं। चॉकलेट और आइसक्रीम जल्दी घुल जाते हैं और लार से धुल जाते हैं। अगर मीठा खाना ही है तो चिपकने वाली मिठाई की जगह चॉकलेट चुनना बेहतर हो सकता है। डेंटिस्ट भी यही सलाह देते हैं कि चिपचिपी चीजों से दूर रहें।
मीठा खाने से दांतों में कैविटी और पीलापन बढ़ने का सीधा संबंध बैक्टीरिया और एसिड से है। मीठा मुंह में जाते ही प्लाक बनना शुरू हो जाता है जो इनेमल को नुकसान पहुंचाता है। चिपचिपी मिठाइयां और बार-बार चीनी का सेवन इस समस्या को और बढ़ा देता है। मीठा कम खाना, खाने के साथ खाना और बाद में ब्रश करना आसान तरीके हैं जिनसे दांतों को बचाया जा सकता है। प्लाक को समय पर हटाने से कैविटी और पीलापन दोनों कम हो सकते हैं। दांतों की देखभाल रोज की आदत बनानी चाहिए ताकि मीठा खाते हुए भी नुकसान कम हो।
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