Tamil Nadu Floor Test: मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने विधानसभा में साबित किया बहुमत, कांग्रेस और माकपा ने दिया समर्थन, AIADMK में टूट
Tamil Nadu Floor Test: सी. जोसेफ विजय ने साबित किया बहुमत; कांग्रेस-माकपा का साथ, AIADMK में टूट!
Tamil Nadu Floor Test: तमिलनाडु में नव निर्वाचित मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की सरकार का बुधवार 13 मई 2026 को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट शुरू हो गया। विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उसके महज तीन दिनों के भीतर उन्हें विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना था। विश्वास मत की इस प्रक्रिया में कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने खुलकर टीवीके यानी तमिलगा वेत्त्री कजगम सरकार का समर्थन किया। वहीं पीएमके ने मतदान से दूरी बनाई और AIADMK के भीतर साफ तौर पर दो अलग-अलग राय देखने को मिली।
तीन दिन में फ्लोर टेस्ट: 10 मई को शपथ, 13 मई को परीक्षा
सी जोसेफ विजय ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शपथ लेने के बाद से ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। सभी पार्टियों की नजर इस पर थी कि विजय सरकार विधानसभा में कितना समर्थन जुटा पाती है।
बुधवार 13 मई को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट शुरू हुआ। तमिलनाडु विधानसभा में सभी दलों के विधायक विश्वास मत की प्रक्रिया में शामिल हुए। सदन में पक्ष और विपक्ष दोनों की तरफ से अपनी-अपनी स्थिति साफ की गई।
Tamil Nadu Floor Test: कांग्रेस ने किया टीवीके सरकार का समर्थन
विश्वास मत की प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस पार्टी ने सरकार के पक्ष में खड़े होने का एलान किया। कांग्रेस ने साफ शब्दों में कहा कि वह तमिलगा वेत्त्री कजगम की सरकार को अपना पूरा समर्थन देती है।
कांग्रेस का यह समर्थन सी जोसेफ विजय की सरकार के लिए एक अहम राजनीतिक संकेत है। तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस का अपना एक अलग जनाधार है और इस समर्थन से सरकार की स्थिति और मजबूत हुई है।
माकपा ने भी दिया सरकार को समर्थन
कांग्रेस के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी यानी माकपा ने भी विश्वास मत के दौरान टीवीके सरकार को समर्थन देने की घोषणा की। माकपा का यह कदम दिखाता है कि वामपंथी दल भी विजय सरकार के साथ खड़े हैं। माकपा ने अपने विधायकों को सरकार के पक्ष में वोट देने का निर्देश दिया। इससे सदन में विजय सरकार की संख्या और बढ़ गई।
पीएमके ने लिया मतदान से दूर रहने का फैसला
पट्टाली मक्कल काची यानी पीएमके ने इस फ्लोर टेस्ट में एक अलग रुख अपनाया। पीएमके नेता सौम्या अंबुमणि ने विधानसभा में यह साफ किया कि उनकी पार्टी विश्वास मत पर मतदान में हिस्सा नहीं लेगी।
पीएमके का यह फैसला राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। पार्टी ने न सरकार के समर्थन में वोट दिया और न ही विरोध में। इस तटस्थ रुख से यह साफ है कि पीएमके इस समय सरकार से सीधा टकराव नहीं चाहती।
AIADMK में दो राय, पार्टी के भीतर उठापटक
फ्लोर टेस्ट का यह मौका AIADMK के भीतर की अंदरूनी दरार को भी सबके सामने ले आया। पार्टी के भीतर दो अलग-अलग रुख देखने को मिले। AIADMK के एक गुट ने टीवीके यानी जोसेफ विजय की सरकार को समर्थन देने का फैसला किया। इस गुट के विधायकों ने सरकार के पक्ष में अपना समर्थन जताया।
वहीं दूसरी तरफ विधानसभा में AIADMK के विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी ने खुलकर कहा कि उनकी पार्टी टीवीके सरकार के खिलाफ मतदान करेगी। पलानीस्वामी ने विपक्ष की भूमिका में मजबूती दिखाने की कोशिश की। AIADMK के भीतर की यह अंदरूनी उठापटक आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति में और बड़े बदलाव ला सकती है।
कौन हैं सी जोसेफ विजय: अभिनेता से मुख्यमंत्री तक का सफर
सी जोसेफ विजय यानी विजय तमिलनाडु के बेहद लोकप्रिय फिल्म अभिनेता हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्त्री कजगम यानी टीवीके की स्थापना की और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जोरदार प्रदर्शन किया।
विजय की पार्टी ने चुनाव में शानदार जीत दर्ज की और सरकार बनाने का मौका मिला। 10 मई 2026 को विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। अब 13 मई को उनका पहला बड़ा राजनीतिक परीक्षण था जिसमें उन्हें सदन में बहुमत साबित करना था।
तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय
सी जोसेफ विजय का मुख्यमंत्री बनना तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव का प्रतीक है। इससे पहले तमिलनाडु की राजनीति पर डीएमके और AIADMK का वर्चस्व रहा है। टीवीके के उभरने से राज्य की राजनीति में एक नया शक्ति केंद्र बना है।
विजय के नेतृत्व में टीवीके ने यह दिखाया कि फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए नेता भी जनता का भरोसा जीत सकते हैं। जनता ने विजय पर अपना विश्वास जताया और उन्हें राज्य की सत्ता सौंपी।
Tamil Nadu Floor Test: फ्लोर टेस्ट का राजनीतिक मतलब क्या है
फ्लोर टेस्ट यानी विश्वास मत एक ऐसी संवैधानिक प्रक्रिया है जिसमें मुख्यमंत्री को विधानसभा में यह साबित करना होता है कि उनके पास बहुमत है। इसके बिना सरकार नहीं चल सकती।
तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं। बहुमत के लिए कम से कम 118 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। कांग्रेस और माकपा के समर्थन के बाद विजय सरकार की स्थिति मजबूत नजर आई। AIADMK के एक गुट के समर्थन ने भी सरकार को राहत दी, हालांकि पलानीस्वामी गुट का विरोध जारी रहा।
आगे क्या होगा: तमिलनाडु की राजनीति पर टिकी नजर
फ्लोर टेस्ट के नतीजे के बाद तमिलनाडु में राजनीतिक तस्वीर और साफ होगी। कांग्रेस और माकपा के साथ आने से टीवीके सरकार को गठबंधन का एक मजबूत आधार मिला है।
AIADMK के भीतर की टूट आने वाले दिनों में और गहरी हो सकती है। पलानीस्वामी और उनका गुट विपक्ष में मजबूती से खड़ा रहना चाहता है जबकि दूसरा गुट सरकार के साथ जाना चाहता है। यह आंतरिक विभाजन AIADMK के भविष्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। पीएमके का तटस्थ रुख भी भविष्य में सरकार के साथ किसी सहयोग की गुंजाइश को खुला रखता है।
Tamil Nadu Floor Test: संक्षेप में जानें पूरे घटनाक्रम को
तमिलनाडु फ्लोर टेस्ट से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने 10 मई 2026 को शपथ ली। 13 मई 2026 बुधवार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट हुआ। कांग्रेस पार्टी ने टीवीके सरकार को समर्थन दिया। माकपा ने भी सरकार के पक्ष में वोट किया। पीएमके ने मतदान से दूरी बनाई। AIADMK के एक गुट ने समर्थन दिया जबकि पलानीस्वामी के नेतृत्व में दूसरे गुट ने विरोध किया। तमिलनाडु की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक दिन रहा और सी जोसेफ विजय के नेतृत्व में टीवीके सरकार ने अपना पहला बड़ा राजनीतिक परीक्षण पार किया।
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