Stock Market Today: शुरुआती गिरावट के बाद सेंसेक्स-निफ्टी में शानदार रिकवरी, यूएस-ईरान तनाव और कच्चे तेल की तेजी का असर
यूएस-ईरान तनाव और महंगे कच्चे तेल के बीच बाजार ने दिखाई शानदार रिकवरी
Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को कारोबार की शुरुआत दबाव के साथ लाल निशान में की। अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के हालिया ब्याज दर फैसले को लेकर निवेशकों की सतर्कता के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों में शुरुआती मिनटों में नरमी देखी गई। हालांकि, निचले स्तरों पर घरेलू संस्थागत निवेशकों और रिटेल खरीदारों की ओर से आई तेज खरीदारी के दम पर बाजार ने महज कुछ ही मिनटों में अपनी पूरी गिरावट की भरपाई कर ली और हरे निशान में कारोबार करने लगा।
शुरुआती कारोबार का रुझान और तेजी से हुआ सुधार
सुबह करीब 9:16 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 153 अंक से अधिक गिरकर 77,501 के स्तर के आसपास पहुंच गया था। ठीक उसी समय नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 18 अंकों की गिरावट दर्ज करते हुए 24,231 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। लेकिन आईटी, बैंकिंग और चुनिंदा हैवीवेट शेयरों में खरीदारी लौटने से बाजार ने जबरदस्त वापसी की। सुबह 9:20 बजे तक सेंसेक्स करीब 10 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 77,664 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 11 अंक चढ़कर 24,261 के आसपास मजबूत होता दिखा।
बाजार पर शुरुआती दबाव के वैश्विक और घरेलू कारण
मध्य पूर्व में पिछले कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और जवाबी कार्यवाहियों की खबरों ने वैश्विक निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। इसके प्रत्यक्ष प्रभाव से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और ब्रेंट क्रूड ऑयल 90 डॉलर प्रति बैरल के महत्वपूर्ण आंकड़े को पार कर गया, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति (महंगाई) बढ़ने की चिंताएं गहरा गई हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी दो दिवसीय मौद्रिक नीति बैठक के बाद ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। हालांकि बाजार दरें स्थिर रहने की ही उम्मीद कर रहा था, लेकिन फेड चेयरमैन के वक्तव्य और भविष्य की आर्थिक नीति को लेकर जताई गई सतर्कता से वैश्विक बाजारों में मिलाजुला असर देखने को मिला।
पिछले सत्र की मजबूती और चालू तिमाही के नतीजों का सहारा
एक दिन पहले यानी बुधवार को भारतीय बाजार ने जोरदार प्रदर्शन किया था, जहां सेंसेक्स 888 अंकों की छलांग लगाकर 77,654 पर और निफ्टी 264 अंक चढ़कर 24,250 के पार बंद हुआ था। बुधवार की इस मजबूत तेजी, विशेषकर आईटी सेक्टर के शानदार प्रदर्शन ने गुरुवार को भी बाजार को सहारा दिया। इसके अलावा, देश की प्रमुख कॉरपोरेट कंपनियों के पहली तिमाही के सकारात्मक नतीजों की उम्मीदें और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से मिली हालिया खरीदारियों ने भारतीय इक्विटी बाजार की धारणा को मजबूत बनाए रखा है।
Stock Market Today: कच्चे तेल की कीमतें, रुपया और तकनीकी संकेत
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का महंगा होना भारतीय रुपये और देश के चालू खाते के घाटे (CAD) पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। यदि कूटनीतिक प्रयासों से मध्य पूर्व में शांति बनती है, तो तेल की दरों में नरमी आएगी जिससे घरेलू शेयर बाजार को और राहत मिल सकती है। तकनीकी विश्लेषण के लिहाज से निफ्टी के लिए 24,100 से 24,150 का स्तर एक बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बना हुआ है। यदि सूचकांक इस स्तर से ऊपर बना रहता है, तो ऊपर की तरफ नई ऊंचाई देखने को मिल सकती है, जबकि 24,000 का स्तर मजबूत निचले समर्थन के रूप में काम करेगा।
निवेशकों के लिए रणनीति और आगे का आउटलुक
बाजार (Stock Market Today) विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति बेहद मजबूत है। मजबूत कॉरपोरेट बैलेंस शीट, मानसून की अच्छी प्रगति और घरेलू मांग के बल पर भारतीय बाजार दीर्घकालिक दृष्टिकोण से सकारात्मक बने हुए हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे दैनिक उतार-चढ़ाव या वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों से घबराने के बजाय अनुशासित तरीके से लंबी अवधि के लिए निवेशित रहें और आईटी व बैंकिंग जैसे मजबूत फंडामेंटल वाले सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित करें।
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