SpiceJet Flight News: दिल्ली एयरपोर्ट पर AC को लेकर हंगामा, गर्मी से बेहाल हुए यात्री

दिल्ली-गोरखपुर फ्लाइट में गर्मी से परेशान यात्रियों ने विमान का दरवाजा खुलवाया, CISF पहुंची

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SpiceJet Flight News: राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की एक घरेलू उड़ान में उस समय भारी अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब विमान के भीतर एयर कंडीशनिंग (AC) सिस्टम के ठीक से काम न करने के कारण यात्री भीषण गर्मी और घुटन से बेहाल हो गए। दिल्ली से गोरखपुर जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट संख्या SG2471 के यात्रियों ने आरोप लगाया कि विमान को लगभग दो घंटे तक रनवे और टैक्सी-वे पर खड़ा रखा गया, जिसके चलते बंद केबिन के भीतर तापमान असहनीय स्तर तक पहुंच गया।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि गर्मी और घुटन से त्रस्त कुछ यात्री दरवाजा खुलवाकर सीधे एप्रन एरिया और रनवे के नजदीक पहुंच गए, जिसके बाद सुरक्षा में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों को मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालना पड़ा। दूसरी ओर, एयरलाइन प्रबंधन ने तकनीकी खराबी के आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया है कि विमान का एसी चालू था और उड़ान में विलंब पूरी तरह परिचालन संबंधी कारणों (Operational Reasons) से हुआ था।

SpiceJet Flight News: केबिन में घुटन और गर्मी से रोने लगे बच्चे, मैगजीन से हवा करने को मजबूर हुए यात्री

यह घटना 13 सितंबर की शाम की बताई जा रही है, जब स्पाइसजेट के विमान को दिल्ली से गोरखपुर के लिए निर्धारित समय 4:30 बजे प्रस्थान करना था। यात्रियों के बोर्डिंग पूरा करने के उपरांत विमान काफी देर तक जमीन पर ही रुका रहा। यात्रियों का कहना है कि बंद विमान के भीतर ठंडक नदारद थी और एसी वेंट्स से अपेक्षित कूलिंग नहीं मिल पा रही थी, जिसके कारण बाहर की उमस और इंजन की गर्माहट से केबिन भट्टी की तरह तपने लगा।

विमान में सवार यात्रियों के अनुसार, स्थिति तेजी से असहज होती चली गई। कई छोटे बच्चे घुटन और पसीने के कारण रोने लगे और बुजुर्ग यात्रियों को सांस लेने में कठिनाई महसूस होने लगी। सहयात्रियों ने अपनी सीटों की पॉकेट में रखी सुरक्षा निर्देश पुस्तिकाओं और पत्रिकाओं से हवा करके बच्चों और बुजुर्गों को राहत दिलाने का प्रयास किया, किंतु लंबे इंतजार ने यात्रियों के धैर्य की सीमा तोड़ दी।

रनवे तक पहुंचे बेहाल यात्री, सीआईएसएफ ने संभाला मोर्चा

विमान के भीतर उमस और सांस लेने में आ रही दिक्कत से घबराए यात्रियों ने क्रू मेंबर्स से तत्काल दरवाजा खोलने की मांग की। एयरलाइन कर्मचारियों द्वारा देरी का संतोषजनक कारण न बताए जाने पर नाराजगी बढ़ गई और दरवाजा खुलने के उपरांत कई यात्री विमान से बाहर निकलकर सीधे टरमैक पर आ गए।

हवाई अड्डे के उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में यात्रियों की अप्रत्याशित मौजूदगी की सूचना मिलते ही सीआईएसएफ के सुरक्षा अधिकारी और त्वरित प्रतिक्रिया दल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। सुरक्षा कर्मियों ने यात्रियों को शांत कराया, उन्हें रनवे क्षेत्र के सुरक्षा प्रोटोकॉल से अवगत कराया और समझा-बुझाकर पुनः विमान के भीतर भेजा। सुरक्षा अधिकारियों के समय पर हस्तक्षेप से किसी बड़ी अप्रिय घटना या विमान सुरक्षा उल्लंघन को टाल दिया गया।

डेढ़ घंटे बाद भरी उड़ान, हवा में सुचारू हुआ कूलिंग सिस्टम

तकनीकी टीम और ग्राउंड क्रू द्वारा की गई जांच तथा यात्रियों के साथ चले तनावपूर्ण संवाद के बाद आखिरकार शाम लगभग 5:50 बजे विमान ने गोरखपुर के लिए उड़ान भरी। यात्रियों का दावा है कि टेकऑफ के लगभग आधे घंटे बाद जब विमान अधिक ऊंचाई पर पहुंचा, तब जाकर एयर कंडीशनिंग सिस्टम ने ठीक से काम करना शुरू किया और केबिन का तापमान सामान्य हो सका। इसके उपरांत ही यात्रियों ने राहत की सांस ली और यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न हुई।

एयरलाइन की आधिकारिक सफाई: मौसम के चलते हुई असुविधा

इस पूरे घटनाक्रम पर स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर यात्रियों के इन आरोपों को खारिज किया है कि विमान का एयर कंडीशनिंग सिस्टम खराब था। एयरलाइन का कहना है कि बोर्डिंग और ग्राउंड वेटिंग के दौरान एसी सिस्टम पूरी तरह चालू था। एयरलाइन के अनुसार, दिल्ली में मौजूदा उच्च तापमान और उमस भरी मौसमी परिस्थितियों के चलते जमीन पर खड़े विमान के भीतर कुछ यात्रियों को क्षणिक असुविधा का अनुभव हुआ हो सकता है।

प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि उड़ान में हुई देरी तकनीकी खराबी की वजह से नहीं, बल्कि एयर ट्रैफिक और परिचालन कारणों से हुई थी। हालांकि, ग्राउंड लेवल पर यात्रियों के प्रत्यक्ष अनुभव और एयरलाइन के औपचारिक स्पष्टीकरण के बीच का यह विरोधाभास नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के उपभोक्ता सेवा मानकों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।

SpiceJet Flight News: निष्कर्ष

विमानन नियमों के अनुसार, यदि किसी उड़ान में असाधारण देरी होती है अथवा केबिन का तापमान यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए प्रतिकूल हो जाता है, तो एयरलाइन को यात्रियों को टर्मिनल भवन में वापस ले जाने या तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट की इस उड़ान में सामने आई यह घटना स्पष्ट करती है कि रनवे पर लंबे इंतजार के दौरान यात्रियों के आराम, सुरक्षा और पारदर्शी संवाद को प्राथमिकता देना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में यात्रियों के स्वास्थ्य और हवाई अड्डे की सुरक्षा को किसी भी जोखिम से बचाया जा सके।

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