Aaj Ka Mausam 15 September 2026: दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

दिल्ली, यूपी, पंजाब और बिहार समेत कई राज्यों में बारिश, आंधी-वज्रपात की संभावना

0

Aaj Ka Mausam 15 September 2026: सितंबर के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। कहीं बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर हो रही वर्षा से मौसम सुहावना बना हुआ है, तो कहीं उच्च आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) और तेज धूप के चलते लोग भीषण उमस से बेहाल हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 15 सितंबर 2026 को उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी राज्यों के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मंगलवार को वर्षा की सक्रिय गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके साथ ही मॉनसून के अंतिम चरण के बीच दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई की प्रारंभिक आहट भी सुनाई देने लगी है।

Aaj Ka Mausam 15 September 2026: दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा और बारिश की संभावना

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम व फरीदाबाद में 15 सितंबर को आसमान में सामान्यतः बादल छाए रहने और कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, एक नए मौसमी चक्र और स्थानीय स्तर पर बने दबाव के चलते 15 से 17 सितंबर के मध्य दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी भागों में छिटपुट भारी वर्षा की स्थिति बन सकती है।

बारिश होने से दिन के पारे में हल्की गिरावट आएगी, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, बारिश थमने के उपरांत वातावरण में नमी का स्तर 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंचने के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को असहज कर सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश का हाल: पूर्वी यूपी में बिजली गिरने और वज्रपात की चेतावनी

उत्तर प्रदेश के मौसम में 15 सितंबर को विविधता देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने राज्य के पूर्वी संभाग के कई जिलों के लिए मेघगर्जन (थंडरस्टॉर्म) और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है। तराई और पूर्वांचल के जिलों जैसे गोरखपुर, देवरिया, बलिया, वाराणसी, गाजीपुर और प्रयागराज में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बौछारें पड़ने के आसार हैं।

वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में बादलों की आवाजाही के बीच कुछ स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। सुबह के समय आंशिक रूप से बादल रहने और दोपहर में खिली धूप निकलने के कारण दिन के समय उमस बनी रहेगी, जबकि शाम होते-होते स्थानीय संवहनीय बादलों (कन्वेक्टिव क्लाउड्स) के बनने से अचानक तेज बारिश देखने को मिल सकती है।

लखनऊ में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

प्रदेश की राजधानी लखनऊ और निकटवर्ती अवध क्षेत्र के जनपदों (उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली) में 15 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। मौसम केंद्र लखनऊ के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दोपहर बाद अथवा शाम के समय गरज-चमक के साथ एक या दो स्पेल में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

बारिश के समय तापमान में दो से तीन डिग्री की क्षणिक गिरावट दर्ज की जाएगी, किंतु वर्षा समाप्त होते ही बढ़ी हुई आर्द्रता से उमस का प्रभाव बढ़ जाएगा। लखनऊ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम सक्रिय

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी राज्यों पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में 15 सितंबर को मॉनसूनी हवाओं की सक्रियता बनी रहेगी। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में 15 से 17 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से लेकर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, अंबाला, करनाल और पंचकूला जैसे क्षेत्रों में बादलों की तेज गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। तेज बारिश से निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर जलभराव तथा यातायात बाधित होने की आशंका है। बारिश से किसानों की धान व अन्य फसलों को सिंचाई की दृष्टि से लाभ मिलेगा, हालांकि भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

राजस्थान में मॉनसून की वापसी की आहट

रेगिस्तानी राज्य राजस्थान में मौसम एक बड़े बदलाव की ओर अग्रसर है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रवाह और नमी में कमी आने के कारण पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती हिस्सों (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर) से 19 सितंबर 2026 के आसपास दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई (विथड्रॉल) के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।

हालांकि पश्चिमी राजस्थान में शुष्क मौसम की शुरुआत हो रही है, किंतु पूर्वी राजस्थान के जिलों (जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, भरतपुर) में 14 और 15 सितंबर को बादलों की मौजूदगी रहेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश व गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों (बिहार-झारखंड) का पूर्वानुमान

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मॉनसून की सक्रियता जारी है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के वनाच्छादित क्षेत्रों में 15 से 20 सितंबर के दौरान रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार और झारखंड में 15 से 17 सितंबर के मध्य कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। बिहार के पटना, गया, भागलपुर और पूर्णिया में रुक-रुक कर बारिश होगी, जिससे उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। झारखंड के रांची, जमशेदपुर और धनबाद में भी गरज-चमक के साथ वर्षा का दौर जारी रहने के संकेत हैं।

पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में भूस्खलन का खतरा

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक मध्यम से भारी वर्षा का दौर बना रहेगा। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ संवेदनशील हिस्सों में तेज बौछारों के कारण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि का जोखिम बना हुआ है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय निवासियों को नदी तटों से दूर रहने के निर्देश दिए हैं।

दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक, केरल, कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में भी पश्चिमी विक्षोभ और अपतटीय ट्रफ के चलते मध्यम दर्जे की मानसूनी वर्षा जारी रहेगी।

Aaj Ka Mausam 15 September 2026: निष्कर्ष एवं आवश्यक सावधानियां

15 सितंबर 2026 को देश के उत्तरी, पूर्वी और मध्य भागों में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय बना रहेगा। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के निवासियों को उमस के बीच अचानक होने वाली बारिश का सामना करना पड़ेगा।

मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि तेज बिजली कड़कने और आंधी की स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सीमित करें, जलभराव वाले रास्तों पर वाहन सावधानी से चलाएं और कृषि कार्य में जुटे किसान मौसम की तात्कालिक चेतावनियों (नाउकास्ट) को देखकर ही खेतों में कीटनाशक छिड़काव अथवा सिंचाई का प्रबंधन करें।

Read More Here

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.