छाछ पीने के नुकसान: गर्मियों में भी किसे नहीं पीनी चाहिए छाछ, फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही होगा, किडनी, लैक्टोज इनटॉलरेंस और सर्दी-खांसी वाले लोग रखें परहेज

गर्मियों में छाछ फायदेमंद मानी जाती है लेकिन किडनी, लैक्टोज इनटॉलरेंस और सर्दी-खांसी वाले लोगों को इससे परहेज करना चाहिए, जानें कारण

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Avoid Drinking Buttermilk: हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किडनी की समस्या, सर्दी-खांसी या लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों को छाछ से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। आज हम विस्तार से बताएंगे कि छाछ किन लोगों को नहीं पीनी चाहिए, क्यों नुकसान पहुंचाती है और ऐसे में क्या विकल्प अपनाएं।

Avoid Drinking Buttermilk: गर्मियों में छाछ क्यों मानी जाती है रामबाण?

भारतीय मौसम में गर्मी बढ़ते ही लोग छाछ की तरफ रुख करते हैं। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड पेट को ठंडक पहुंचाता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। आयुर्वेद के अनुसार, छाछ वात और पित्त दोष को संतुलित करती है। यह शरीर से गर्मी निकालती है, प्यास बुझाती है और डिहाइड्रेशन से बचाती है। सामान्य व्यक्ति के लिए रोज एक गिलास छाछ पीने से कई फायदे होते हैं। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है जो कब्ज दूर करती है। प्रोबायोटिक्स आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं। साथ ही इसमें कम कैलोरी होती है, जो वजन नियंत्रण में मदद करती है।

Avoid Drinking Buttermilk: किडनी की समस्या वाले लोगों को छाछ से पूरी तरह परहेज

हेल्थ एक्सपर्ट्स की सबसे बड़ी चेतावनी किडनी पेशेंट्स के लिए है। छाछ में पोटैशियम और फॉस्फोरस की मात्रा काफी अधिक होती है। स्वस्थ किडनी इन तत्वों को आसानी से फिल्टर कर बाहर निकाल देती है, लेकिन कमजोर या बीमार किडनी के लिए यह बोझ बन जाता है। जिन लोगों को क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD), किडनी स्टोन या डायलिसिस की जरूरत पड़ रही है, उन्हें छाछ पीने से बचना चाहिए। ज्यादा पोटैशियम से हाइपरकैलिमिया हो सकता है, जिससे दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है। फॉस्फोरस बढ़ने से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।

Avoid Drinking Buttermilk: सर्दी, खांसी, जुकाम या गले में खराश हो तो छाछ न पीएं

छाछ की तासीर ठंडी होती है। आयुर्वेद में इसे ‘शीत वीर्य’ कहा जाता है। इसलिए जब शरीर पहले से ही सर्दी, खांसी, जुकाम या वायरल इनफेक्शन से जूझ रहा हो तो छाछ समस्या को बढ़ा सकती है। ठंडी तासीर वाली चीजें बलगम बढ़ाती हैं और गले की खराश को लंबा खींच सकती हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ऐसे समय में गर्म चीजें जैसे अदरक वाली चाय, हल्दी दूध या सादा गुनगुना पानी बेहतर विकल्प हैं। अगर आपको बार-बार सर्दी-जुकाम होता है तो छाछ को गर्मियों में भी सीमित मात्रा में ही पीएं।

Avoid Drinking Buttermilk: लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोग छाछ से दूर रहें

छाछ दूध से ही बनती है, इसलिए इसमें लैक्टोज (दूध शर्करा) मौजूद रहती है। जो लोग लैक्टोज इनटॉलरेंट हैं, उनका शरीर लैक्टोज को पचाने वाला एंजाइम नहीं बना पाता। ऐसे में छाछ पीने से पेट फूलना, गैस, दस्त या पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लैक्टोज इनटॉलरेंस आजकल आम समस्या बन गई है। दुनिया भर में करीब 65-70 प्रतिशत लोग इसकी शिकायत रखते हैं। अगर आपको दूध पीने के बाद पेट की समस्या होती है तो छाछ भी न पीएं।

Avoid Drinking Buttermilk: अन्य स्वास्थ्य स्थितियों में भी सावधानी बरतें

कुछ अन्य मामलों में भी छाछ सावधानी से पीनी चाहिए:

  • एसिडिटी या अल्सर की समस्या: छाछ में एसिडिटी बढ़ाने वाले तत्व हो सकते हैं। अगर आपको गैस्ट्रिक अल्सर या ज्यादा एसिडिटी है तो बिना सलाह के न पीएं।

  • अस्थमा या ब्रोंकाइटिस: ठंडी तासीर के कारण श्वास संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

  • बच्चों और बुजुर्गों में: छोटे बच्चों को छाछ पतली बनाकर दें। बुजुर्गों को अगर कोई बीमारी है तो डॉक्टर से पूछें।

  • दवा ले रहे मरीज: कुछ दवाओं के साथ छाछ का इंटरैक्शन हो सकता है, खासकर ब्लड प्रेशर या किडनी की दवाओं के साथ।

Avoid Drinking Buttermilk: छाछ पीने का सही तरीका और मात्रा क्या हो?

जो लोग स्वस्थ हैं और छाछ पी सकते हैं, उनके लिए भी कुछ नियम जरूरी हैं। हमेशा ताजा छाछ बनाएं। ज्यादा नमक या मसाले न डालें। गर्मियों में दिन में 1-2 गिलास पर्याप्त है। छाछ को भुने जीरा, काला नमक, पुदीना या धनिया से स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। रात को छाछ पीने से बचें क्योंकि रात में ठंडी चीजें पाचन को धीमा कर सकती हैं। सुबह या दोपहर का समय सबसे अच्छा है।

Avoid Drinking Buttermilk: छाछ न पी सकने वालों के लिए क्या हैं विकल्प?

छाछ से परहेज करने वालों के लिए कई स्वस्थ विकल्प उपलब्ध हैं:

  • नींबू पानी या निम्बू शरबत: इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर, विटामिन सी युक्त।

  • खीरा का जूस: ठंडक पहुंचाता है और पोटैशियम कम होता है।

  • नारियल पानी: प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर।

  • आम पन्ना: गर्मियों का पारंपरिक पेय, पोटैशियम संतुलित।

  • जौ का सत्तू: पाचन के लिए अच्छा और ठंडक देता है।

  • हर्बल टी या गुनगुना पानी: सर्दी-खांसी में बेहतर।

Avoid Drinking Buttermilk: एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि छाछ हर किसी के लिए नहीं होती। व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डाइट बनानी चाहिए। आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि तासीर के अनुसार चीजें चुनें। अगर आपको संदेह हो तो ब्लड टेस्ट करवाकर डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लें। कई स्टडीज भी यही बताती हैं कि किडनी पेशेंट्स को हाई पोटैशियम फूड्स से बचना चाहिए। लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों के लिए प्लांट बेस्ड विकल्प बेहतर हैं।

निष्कर्ष: समझदारी से छाछ का सेवन करें

गर्मियों में छाछ एक बेहतरीन पेय है, लेकिन हर स्वास्थ्य स्थिति के लिए नहीं। किडनी की समस्या, सर्दी-खांसी या लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोग इसे पूरी तरह छोड़ दें। फायदे के चक्कर में नुकसान न उठाएं। हमेशा डॉक्टर की सलाह लें और अपनी बॉडी को सुनें। स्वस्थ रहने के लिए संतुलित डाइट, व्यायाम और सही आदतें सबसे जरूरी हैं। छाछ का विकल्प चुनकर भी गर्मी से निपट सकते हैं।

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