Himachal News: हिमाचल प्रदेश में अब 24 घंटे खुली रह सकेंगी दुकानें, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दी अनुमति, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बड़ा बूस्ट

सीएम सुक्खू का बड़ा फैसला, व्यापार, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

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Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के दुकानदारों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब पूरे राज्य में दुकानें और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान 24 घंटे खुली रह सकेंगी। हिमाचल प्रदेश दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969 में संशोधन के बाद यह अनुमति दी गई है। इस फैसले से न सिर्फ व्यापारियों को लचीलापन मिलेगा बल्कि पर्यटकों और स्थानीय उपभोक्ताओं को भी अपनी सुविधा के अनुसार खरीदारी करने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री ने मंगलवार शाम श्रम और रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह कदम हिमाचल को 24×7 व्यापारिक केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

श्रम कानूनों में ऐतिहासिक विनियामक संशोधन: 1969 के पुराने अधिनियम का फॉरेंसिक जीर्णोद्धार

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के नीतिगत आर्थिक विन्यास को आधुनिक वैश्विक प्रवृत्तियों के समतुल्य अपग्रेड करने के उद्देश्य से ‘हिमाचल प्रदेश दुकान और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969’ के जर्जर व पुराने वैधानिक प्रावधानों के भीतर एक बहुत ही कड़ा व प्रोग्रेसिव विधायी संशोधन पूरी कड़ाई से लागू कर दिया है। इस विधिक संशोधन के लाइव होने से पूर्व, पहाड़ी सूबे के भीतर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, खुदरा व थोक किराना काउंटरों और बाजारों के खुलने व बंद होने की समय सारणी पर बेहद सख्त प्रशासनिक पाबंदियां और दंडात्मक प्रतिबंध मुस्तैद रहते थे, जिसके कारण निर्धारित रात की समय-सीमा के बीत जाने के बाद आंशिक रूप से भी शटर खुला रखने पर छोटे व्यापारियों को भारी चालान और खुदरा अदालती मुकदमों की मंदी की मार झेलनी पड़ती थी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने श्रम और रोजगार विभाग के आला नीति निर्माताओं के साथ आयोजित हाई-स्टेक्स समीक्षा बैठक के भीतर यह कूटनीतिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि इस कानूनी बदलाव का मुख्य संप्रभु मकसद व्यवसायियों के पर्सनल फाइनेंस ढांचे को नौकरशाही के दबाव से पूरी तरह मुक्त कर उन्हें पूर्ण व्यापारिक लचीलापन (Flexibility) प्रदान करना और उपभोक्ताओं की रोजमर्रा की रात्रिकालीन आवश्यकताओं के लिए एक सहज सुलभ अवसंरचना मुस्तैद करना है ताकि देर रात या अल सुबह के घने कोहरे वाले घंटों के दौरान भी स्थानीय निवासियों और सुदूर पहाड़ी अंचलों में गश्त करने वाले मुसाफिरों को अपनी वॉर्डरोब व जीवन रक्षक सामग्रियां बिना किसी बाधा के विधिक रूप से प्राप्त हो सकें।

पर्यटन आधारित प्रांतीय अर्थव्यवस्था पर प्रोग्रेसिव प्रभाव: शिमला, मनाली और धर्मशाला के बाजारों में दिखेगी सजीव रौनक

हिमाचल प्रदेश की समूची प्रांतीय जीडीपी (GDP) और राजकोषीय सूचकांक मुख्य रूप से वैश्विक व घरेलू पर्यटन उद्योग के पहियों पर पूरी कड़ाई से निर्भर रहते हैं, ऐसे में मनाली की सुरम्य वादियों, शिमला के माल रोड, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट हब धर्मशाला, कुल्लू की घाटी और डलहौजी जैसे ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर पर्यटन स्थलों पर 24 घंटे बिना किसी रोक-टोक के वाणिज्यिक बाजार खुले रहने का यह साहसिक निर्णय पर्यटकों के यात्रा अनुभव को एक बिल्कुल नया व कड़क आसमान प्रदान करने की मारक क्षमता प्रदर्शित करता है। आर्थिक विश्लेषकों का फॉरेंसिक अनुमान है कि रात्रिकालीन शिफ्टों के लाइव चालू होने से न केवल होटल, रेस्टोरेंट्स, कस्टमाइज्ड कैफे और ट्रांसपोर्ट से जुड़े सहायक उद्योगों के टर्नओवर में एक बहुत ही प्रोग्रेसिव व बंपर उछाल सांख्यिकीय रूप से दर्ज होगा, बल्कि स्थानीय बुनकरों, हस्तशिल्प कलाकारों और पारंपरिक कांगड़ा व पहाड़ी खान-पान की खुदरा दुकानों की बिक्री का ग्राफ़ भी रिकॉर्ड रफ्तार से अपग्रेड होगा। उपभोक्ताओं और छोटे व मध्यम दर्जे के व्यापारियों (MSMEs) के दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह नई व्यवस्था अतिरिक्त आय अर्जित करने का एक स्वर्णिम व कस्टमाइज्ड अवसर विधिक रूप से खोलती है जहां स्थानीय निवासियों को भी अपने व्यस्त ऑफिस टाइमिंग के बाद या सुबह जल्दी बिना किसी हड़बड़ाहट के शांत घंटों में त्यौहारों, ज्योतिषीय पर्वों और सांस्कृतिक उत्सवों की पारिवारिक वॉर्डरोब खरीदारी करने की संप्रभु आजादी पूरी कड़ाई से हासिल होगी।

राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023: ई-टैक्सी पर 50% बजटीय सब्सिडी का नया राजकोषीय एलोकेशन

श्रम विभाग की इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भरता की मुख्यधारा से जोड़ने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन अवसंरचना (Green Mobility) विकसित करने के लिए एक अत्यंत महत्वाकांक्षी व कड़क राजकोषीय घोषणा भी धरातल पर लाइव की है। सरकार द्वारा संचालित ‘राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023’ के प्रोग्रेसिव विन्यास को और अधिक विस्तार देते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट के भीतर 50 करोड़ रुपये का एक विशेष कस्टमाइज्ड फंड एलोकेशन पूरी संप्रभुता के साथ कड़ाई से स्वीकृत किया गया है, जिसके विनियामक नियमों के तहत राज्य के 500 मेधावी युवाओं को स्वरोजगार हेतु आधुनिक ई-टैक्सी (Electric Taxis) की विधिक खरीद पर सीधे तौर पर 50 प्रतिशत की भारी-भरकम सरकारी सब्सिडी प्रदान की जाएगी। सीएम सुक्खू ने जिला स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों और प्रमोटर एजेंसियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया है कि वे इस जन-कल्याणकारी स्टार्ट-अप योजना के जमीनी क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की खुदरा प्रशासनिक ढिलाई या तकनीकी लैग को गेट पर ही पूरी तरह से ब्लॉक करें ताकि समाज के अंतिम पायदान पर बैठे पात्र युवाओं को अपनी आजीविका संवारने और अपने पर्सनल फाइनेंस को मंदी के सांख्यिकीय झटकों से सुरक्षित रखने के लिए समय पर विधिक लोन और सब्सिडी भत्तों का सीधा लाभ प्राप्त हो सके।

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का संपूर्ण डिजिटल एकीकरण: ऑनलाइन प्रमाण पत्र, श्रमिकों के अधिकार और व्यापार संघों की प्रतिक्रिया

हिमाचल प्रदेश को देश के भीतर निवेश के एक सबसे सुरक्षित, पारदर्शी और आधुनिक केंद्र के रूप में कड़ाई से स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग की समूची नागरिक सेवाओं का शत-प्रतिशत डिजिटल एकीकरण (Digitalization) करने का एक अत्यंत प्रोग्रेसिव रोडमैप अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया है। इस नए विनियामक ढांचे के तहत किसी भी नए प्रतिष्ठान का पंजीकरण, व्यावसायिक लाइसेंसों का नवीनीकरण (Renewal), और विभिन्न विधिक प्रमाण पत्रों का दस्तावेजीकरण अब पूरी तरह से पेपरलेस और ऑनलाइन डिजिटल सर्विलांस के दायरे में संपन्न किया जाएगा जिससे निवेशकों को सरकारी दफ्तरों के भौतिक चक्कर लगाने और खुदरा भ्रष्टाचार की विसंगतियों से हमेशा के लिए पूर्ण मुक्ति प्राप्त होगी जो ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की राष्ट्रीय रैंकिंग में हिमाचल के सूचकांक को सर्वोच्च शिखर की ओर अपग्रेड करने में गेम-चेंजर साबित होगा। यद्यपि राज्य के विभिन्न हैवीवेट व्यापार संघों और वाणिज्य मंडलों ने सरकार के इस 24×7 खुले रहने वाले ऐतिहासिक फैसले का ढोल-नगाड़ों के साथ बंपर स्वागत किया है, तथापि कुछ छोटे खुदरा दुकानदारों ने रात्रि ड्यूटी के दौरान अतिरिक्त स्टाफ की उपलब्धता, महिला कर्मियों के लिए वॉर्डरोब सुरक्षा, परिवहन सुविधाओं और पुलिस सुरक्षा व्यवस्था (Law and Order) को लेकर आंशिक चिंताएं भी व्यक्त की हैं, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रम विभाग के आयुक्त ने आश्वस्त किया है कि इस संशोधित कानून के भीतर कामगारों के साप्ताहिक अवकाश, स्वास्थ्य इंडेक्स और निर्धारित कार्य घंटों के विधिक अधिकारों का पूरा कड़ाई से ध्यान रखा गया है तथा पुलिस महानिदेशक के साथ समन्वय स्थापित कर चौबीसों घंटे चलने वाले व्यापारिक क्षेत्रों में एआई-कैमरा सर्विलांस और रात्रि पुलिस पेट्रोलिंग को पूरी संप्रभुता के साथ कड़ा व अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान किया जाएगा।

निष्कर्ष

समग्र रूप से देखा जाए तो चालू वित्तीय वर्ष 2026 (Himachal News) के इस जून सप्ताह के दौरान हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार द्वारा पूरे राज्य स्तर पर 24 घंटे दुकानें और वाणिज्यिक संस्थान खुली रखने की दी गई यह संप्रभु और विधिक अनुमति, केवल एक आंशिक श्रम कानून संशोधन मात्र कतई नहीं है, बल्कि यह देवभूमि हिमाचल को प्रगतिशीलता, आत्मनिर्भरता और आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में उठाया गया एक अत्यंत दूरदर्शी, कड़क और मील का पत्थर साबित होने वाला ऐतिहासिक प्रोग्रेसिव कदम है। यह कस्टमाइज्ड कानून जहाँ एक ओर पहाड़ों की शांत इकॉनमी को रात्रिकालीन पर्यटन के अनूठे ब्रांड वैल्यू के सहारे एक नई व कड़क रफ्तार प्रदान करेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं के लिए उनके गृह राज्य के भीतर ही लाखों नए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के संप्रभु अवसर पैदा कर उनके पर्सनल फाइनेंस और पारिवारिक जीवन को मंदी की मार से हमेशा के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाएगा। इस ऐतिहासिक अधिनियम के लागू होने की सटीक नोटीफाइड तिथियों, जिला-वार सुरक्षा गाइडलाइंस के सांख्यिकीय विवरण और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी की जाने वाली किसी भी आगामी विनियामक समय सारणी अधिसूचना की सटीक व प्रामाणिक जानकारी प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से केवल हिमाचल प्रदेश सरकार के आधिकारिक डिजिटल न्यूज पोर्टल और पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा जारी प्रमाणित प्रेस विज्ञप्तियों के रेगुलर अपडेट्स पर ही अपनी पैनी नजर बनाए रखें क्योंकि सही और समय पर मिली सटीक जानकारी ही इस बदलते युग के बीच आपके व्यापारिक और नागरिक ज्ञान को असली संप्रभुता और अचूक सफलता प्रदान करती है।

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