Sheetala Saptami 2026: शीतला सप्तमी और तुलसीदास जयंती आज, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
शीतला सप्तमी और तुलसीदास जयंती आज, जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त और पूजा का समय
Sheetala Saptami 2026: 19 अगस्त 2026 को बुधवार का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज श्रावण शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पड़ रही है, जो शाम 7:20 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके उपरांत अष्टमी तिथि की शुरुआत हो जाएगी। आज के दिन का धार्मिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि एक साथ दो प्रमुख पर्व—शीतला सप्तमी और गोस्वामी तुलसीदास जयंती मनाए जा रहे हैं। आज के दिन ब्रह्म योग और विशाखा नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है, जो पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत फलदाई माना जाता है।
पंचांग के अनुसार, आज सूर्योदय सुबह 5:52 बजे और सूर्यास्त शाम 6:57 बजे होगा। दिनभर विशाखा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो 20 अगस्त की सुबह 9:09 बजे तक सक्रिय रहेगा। विशाखा नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, जिसे कार्य सिद्धि, ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। वहीं देर रात 3:44 बजे तक ब्रह्म योग बना रहेगा, जिसमें किए गए धार्मिक अनुष्ठान अति शुभ परिणाम प्रदान करते हैं।
Sheetala Saptami 2026: शीतला सप्तमी और तुलसीदास जयंती का धार्मिक महत्व
आज शीतला सप्तमी के अवसर पर शीतला माता की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शीतला माता की आराधना से चेचक, खसरा और त्वचा संबंधी रोगों से मुक्ति मिलती है तथा परिवार आरोग्य रहता है। इस दिन माता को ठंडे बासी भोजन का भोग अर्पित किया जाता है, क्योंकि शीतला माता को शीतल वस्तुएं अति प्रिय हैं। श्रद्धालु घर की सफाई कर माता की प्रतिमा स्थापित करते हैं और निरोगी काया की प्रार्थना करते हैं।
इसके साथ ही, आज रामचरितमानस के रचयिता महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई जा रही है। हिंदी साहित्य और भक्ति आंदोलन के शिखर पुरुष तुलसीदास जी का स्मरण करते हुए आज मंदिरों और घरों में सुंदरकांड व रामचरितमानस की चौपाइयों का पाठ किया जाता है। भक्ति मार्ग पर चलने वाले साधकों के लिए आज का दिन विशेष रूप से प्रेरणादायी है।
आज के शुभ मुहूर्त का समय
शुभ कार्यों की शुरुआत और पूजा-अर्चना के लिए पंचांग में आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार रहेंगे। सुबह 4:25 बजे से 5:09 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा, जो ध्यान और साधना के लिए सर्वोत्तम समय है। प्रातः संध्या का समय सुबह 4:47 बजे से 5:52 बजे तक रहेगा।
दोपहर के समय विजय मुहूर्त 2:35 बजे से 3:28 बजे तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6:57 बजे से 7:19 बजे तक सक्रिय रहेगा, जबकि सायाह्न संध्या शाम 6:57 बजे से रात 8:02 बजे तक रहेगी। अमृत काल का समय रात 11:28 बजे से लेकर अगले दिन तड़के 1:13 बजे तक रहेगा। ध्यान दें कि आज अभिजित मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।
प्रमुख शहरों में राहुकाल का समय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल की अवधि में कोई भी नया काम, यात्रा या शुभ अनुष्ठान शुरू करने से बचना चाहिए। देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में आज राहुकाल का समय इस प्रकार रहेगा। दिल्ली में दोपहर 12:24 बजे से 2:03 बजे तक राहुकाल रहेगा। मुंबई में दोपहर 12:42 बजे से 2:17 बजे तक और लखनऊ में दोपहर 12:10 बजे से 1:47 बजे तक राहुकाल बना रहेगा।
चंडीगढ़ में राहुकाल दोपहर 12:26 बजे से 2:05 बजे तक रहेगा। भोपाल में दोपहर 12:24 बजे से 2:00 बजे तक, कोलकाता में सुबह 11:40 बजे से दोपहर 1:16 बजे तक, अहमदाबाद में दोपहर 12:43 बजे से 2:19 बजे तक तथा चेन्नई में दोपहर 12:12 बजे से 1:46 बजे तक राहुकाल का प्रभाव रहेगा।
Sheetala Saptami 2026: आज क्या करें और क्या न करें
आज शीतला सप्तमी के पावन अवसर पर घर में स्वच्छता बनाए रखें और माता शीतला को ताजा पकाया हुआ गर्म भोजन अर्पित करने से बचें। केवल ठंडा प्रसाद ही अर्पित करना शास्त्र सम्मत माना जाता है। तुलसीदास जयंती के उपलक्ष्य में तुलसी के पौधे की पूजा करें और जरूरतमंदों को अन्न या वस्त्र का दान करें।
राहुकाल के दौरान किसी भी नई व्यावसायिक डील, बड़े वित्तीय निवेश या लंबी दूरी की यात्रा की शुरुआत करने से परहेज करें। सूर्योदय के समय भगवान सूर्य को अर्घ्य देना और संध्याकाल में मुख्य द्वार पर दीप जलाना परिवार में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
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