Heart Attack Risk: भीषण गर्मी में डायबिटीज मरीजों के लिए बढ़ा बड़ा खतरा, डिहाइड्रेशन, हाई ब्लड शुगर और हार्ट अटैक का रिस्क तेजी से बढ़ा
भीषण गर्मी में डायबिटीज मरीजों को पानी, डाइट और दवाओं पर विशेष ध्यान देना जरूरी
Heart Attack Risk: देश भर में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। तापमान 44-46 डिग्री तक पहुंच रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर डायबिटीज के मरीजों पर पड़ रहा है। गर्मी में डिहाइड्रेशन, ब्लड शुगर का बार-बार फ्लक्चुएट होना और इंसुलिन का प्रभाव कम होना डायबिटीज को और खतरनाक बना रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, इस मौसम में शुगर के मरीजों को सामान्य दिनों की तुलना में दोगुनी सावधानी बरतनी पड़ रही है, वरना हार्ट अटैक, किडनी फेलियर और ब्रेन स्ट्रोक जैसी जटिलताओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
मौजूदा समय में डायबिटीज देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। करोड़ों लोग इससे प्रभावित हैं और गर्मी का मौसम उनकी मुश्किलें और बढ़ा रहा है। ऐसे में सही डाइट, उचित व्यायाम, पर्याप्त पानी और दवाओं का समय पर सेवन इन मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता है।
गर्मी क्यों बनाती है डायबिटीज को खतरनाक?
भीषण गर्मी में शरीर से पसीने के रूप में ज्यादा पानी निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। डायबिटीज के मरीजों में ब्लड शुगर पहले से ही अनियंत्रित रहता है। गर्मी में डिहाइड्रेशन के कारण ब्लड गाढ़ा हो जाता है और शुगर का स्तर अचानक बढ़ या घट सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में इंसुलिन का असर भी प्रभावित होता है। कई मरीजों को कमजोरी, चक्कर आना, ज्यादा प्यास लगना और बार-बार यूरिन आने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
डायबिटीज के मरीजों में बढ़ रहे खतरे
गर्मी के मौसम में डायबिटीज के मरीजों को हार्ट संबंधी समस्याएं, किडनी पर दबाव और नसों की कमजोरी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। डिहाइड्रेशन के कारण ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है, जिससे हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का रिस्क बढ़ जाता है।
इसके अलावा, पैरों में घाव या अल्सर बनना, संक्रमण का खतरा और घाव देर से भरना आम समस्या बन गई है। बुजुर्ग मरीजों और जिनका शुगर लंबे समय से अनियंत्रित है, उन्हें विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
गर्मी में डायबिटीज कंट्रोल करने के आसान उपाय
डायबिटीज के मरीजों को गर्मी में दिन में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीना चाहिए। सादा पानी के साथ नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी भी लिया जा सकता है, लेकिन मीठे और कोल्ड ड्रिंक्स से पूरी तरह परहेज करें। गर्मी में हल्का और ताजा भोजन लें। खीरा, करेला, टमाटर, लौकी और तुरई जैसी सब्जियां ज्यादा खाएं। फल में मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा और आम को सीमित मात्रा में शामिल करें तथा जंक फूड, तला-भुना और मीठा बिल्कुल न खाएं।
सुबह या शाम के समय 30-45 मिनट पैदल चलना या हल्का व्यायाम करें। कपालभाति, अनुलोम-विलोम और मंडूकासन जैसे योगासन डायबिटीज कंट्रोल करने में बेहद उपयोगी हैं, लेकिन दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से पूरी तरह बचें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं समय पर लें। गर्मी में कई बार दवा का असर बदल जाता है, इसलिए ब्लड शुगर नियमित चेक करें और इंसुलिन लेने वाले मरीज इसके स्टोरेज का विशेष ध्यान रखें।
Heart Attack Risk: घरेलू नुस्खे जो हैं फायदेमंद
घरेलू उपायों में करेले का जूस या चाय पीने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है। गिलोय का काढ़ा शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है और विभिन्न संक्रमणों से बचाता है। इसके अलावा मेथी दाना भिगोकर सुबह खाना और दालचीनी पाउडर को चाय में मिलाकर लेना भी गुणकारी माना जाता है। ध्यान रहे कि ये नुस्खे डॉक्टर की सलाह के साथ ही अपनाएं और इन्हें अकेले मुख्य कूटनीतिक दवा का विकल्प न बनाएं।
मरीजों के लिए खास सावधानियां
मरीजों को रोजाना ब्लड शुगर चेक करना चाहिए और उसका एक उचित रिकॉर्ड रखना चाहिए। अपने पैरों की नियमित जांच करें और कोई भी छोटा घाव नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। गर्मी से बचाव के लिए हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और दोपहर 12 से 4 बजे तक घर के अंदर ही रहें। यदि शरीर में चक्कर, उल्टी या बेहोशी जैसे कोई भी गंभीर लक्षण दिखें तो बिना देरी किए तुरंत मेडिकल मदद लें।
बच्चों और बुजुर्गों में डायबिटीज का खतरा
बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज और बुजुर्गों में टाइप-2 डायबिटीज गर्मी में ज्यादा मुश्किल पैदा करती है। बच्चों को स्कूल के समय हाइड्रेशन का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बुजुर्ग मरीजों को कभी भी अकेला न छोड़ें और उनकी कूटनीतिक दवाओं के समय का विशेष ध्यान रखें।
डॉक्टरों की कूटनीतिक सलाह
एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में डायबिटीज मरीजों को अपनी दिनचर्या में आवश्यक बदलाव करना चाहिए। एक स्वस्थ वजन बनाए रखें, मानसिक तनाव कम करें और शरीर की नियमित जांच करवाएं। स्वामी रामदेव जैसे योग गुरु भी गर्मी में योग, प्राणायाम और पूरी तरह सात्विक भोजन अपनाने पर विशेष जोर देते हैं।
Heart Attack Risk: भविष्य में डायबिटीज प्रबंधन
इस बीमारी को लेकर वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक शोध काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। स्वीडन जैसे देशों में लैब में इंसुलिन बनाने वाली टिश्यू पर काम हो रहा है, जो भविष्य में डायबिटीज के कूटनीतिक इलाज को काफी आसान बना सकता है। भारत में भी कई रिसर्च संस्थान इस दिशा में लगातार महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं।
निष्कर्ष
भीषण गर्मी में डायबिटीज को कंट्रोल करना चुनौती भरा है, लेकिन सही सावधानियों और दिनचर्या से इसे आसानी से मैनेज किया जा सकता है। डायबिटीज के मरीजों को खासतौर पर पानी, डाइट, व्यायाम और दवाओं पर ध्यान देना चाहिए। याद रखें, छोटी-छोटी सावधानियां बड़ी मुसीबत से बचा सकती हैं। अगर आप या आपके परिवार में कोई डायबिटीज का मरीज है तो आज से ही गर्मी के मौसम के हिसाब से दिनचर्या बदलें।
स्वस्थ रहें, सावधानी बरतें और नियमित डॉक्टर से सलाह लेते रहें। गर्मी का यह मौसम डायबिटीज मरीजों के लिए परीक्षा का समय है और सही जानकारी तथा सतर्कता के साथ इसे आसानी से पार किया जा सकता है।
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