WhatsApp, Facebook और Messenger पर स्कैमर्स की अब खैर नहीं! Meta ने लॉन्च किए नए एंटी-फ्रॉड सेफ्टी फीचर, AI से मिलेगी संदिग्ध चैट और फ्रेंड रिक्वेस्ट की तुरंत चेतावनी

WhatsApp पर डिवाइस लिंक अलर्ट, Messenger में AI स्कैम डिटेक्शन और Facebook पर संदिग्ध रिक्वेस्ट चेतावनी

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WhatsApp security update: अगर आप WhatsApp, Facebook या Messenger का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी Meta ने अपने तीनों प्रमुख प्लेटफॉर्म पर नए एंटी फ्रॉड और सेफ्टी फीचर लॉन्च कर दिए हैं। इन फीचर्स का मकसद यूजर्स को ऑनलाइन स्कैमर्स, साइबर ठगों और संदिग्ध गतिविधियों से बचाना है। देश में साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और ऐसे में Meta का यह कदम करोड़ों भारतीय यूजर्स के लिए किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है। आइए विस्तार से जानते हैं कि ये नए फीचर कैसे काम करते हैं और किस तरह आपको ऑनलाइन ठगी से बचाएंगे।

क्यों जरूरी थे ये नए सेफ्टी फीचर?

भारत समेत दुनियाभर में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले हर साल तेजी से बढ़ रहे हैं। WhatsApp पर फर्जी लिंक भेजना, Facebook पर नकली अकाउंट बनाकर ठगी करना और Messenger के जरिए लोगों को जाल में फंसाना, ये सब आम हो गया है। साइबर अपराधी इतने चालाक हो गए हैं कि आम यूजर उनकी चाल को तुरंत नहीं पकड़ पाता। कई बार लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं और तब तक कुछ समझ नहीं आता जब तक बहुत देर हो चुकी होती है। इसी समस्या को देखते हुए Meta ने अपनी तीनों एप्लिकेशन पर सुरक्षा की एक मजबूत परत जोड़ने का फैसला किया और ये नए एंटी फ्रॉड फीचर पेश किए।

WhatsApp पर मिला डिवाइस लिंकेज वॉर्निंग फीचर

Meta ने WhatsApp के लिए एक बेहद अहम फीचर पेश किया है जिसे डिवाइस लिंकेज वॉर्निंग कहा जा रहा है। यह फीचर उन यूजर्स के लिए वरदान साबित होगा जो अकाउंट हैकिंग और टेकओवर से परेशान रहते हैं। दरअसल कई बार साइबर अपराधी किसी यूजर के WhatsApp अकाउंट को अपनी किसी अनजान डिवाइस से लिंक करने की कोशिश करते हैं। इस नए फीचर के जरिए जैसे ही कोई संदिग्ध या अनजान डिवाइस आपके WhatsApp अकाउंट से जुड़ने की कोशिश करेगी, तुरंत आपकी स्क्रीन पर एक अलर्ट संदेश दिखाई देगा। इस अलर्ट में बताया जाएगा कि कोई नई डिवाइस आपके अकाउंट से जुड़ने का प्रयास कर रही है और अगर यह प्रयास सफल हुआ तो उस डिवाइस को आपकी सभी चैट्स तक पहुंच मिल सकती है।

Messenger पर AI करेगी स्कैम की पहचान

Meta ने Messenger के लिए जो सेफ्टी फीचर पेश किया है वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर आधारित है। यह एक बेहद स्मार्ट और उन्नत सुरक्षा प्रणाली है जो चैट के दौरान स्कैम के किसी भी संभावित पैटर्न को पहचानने में सक्षम है। जैसे ही किसी नए या अनजान संपर्क के साथ बातचीत में ऐसा कोई व्यवहार दिखेगा जो फ्रॉड की संभावना का संकेत देता हो, Messenger का AI सिस्टम तुरंत उपयोगकर्ता को सतर्क कर देगा। इसके अलावा अगर किसी संदिग्ध चैट रिक्वेस्ट के साथ कोई नुकसानदेह लिंक भेजी जा रही है तो भी यूजर को तत्काल चेतावनी मिलेगी। यह फीचर उन लोगों के लिए खासतौर पर उपयोगी है जो अनजान लोगों से Messenger पर बातचीत करते हैं।

Facebook पर संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट का मिलेगा अलर्ट

Facebook के लिए Meta एक और बेहद उपयोगी फीचर की टेस्टिंग कर रहा है जो संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट की पहचान करने में मदद करेगा। इस सिस्टम के तहत Facebook का एल्गोरिदम उन अकाउंट्स की पहचान करेगा जिनका व्यवहार असामान्य है। उदाहरण के तौर पर ऐसे अकाउंट जिनके बहुत कम म्यूचुअल फ्रेंड हैं, जिनकी लोकेशन यूजर के नेटवर्क से मेल नहीं खाती या जो किसी संदिग्ध पैटर्न में फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रहे हैं, उन्हें तुरंत फ्लैग किया जाएगा। जब भी ऐसी कोई रिक्वेस्ट आएगी तो Facebook यूजर को एक अलर्ट मैसेज दिखाएगा और उन्हें रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले उस प्रोफाइल को ध्यान से देखने की सलाह देगा।

भारतीय यूजर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा

भारत में WhatsApp के यूजर्स की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है और Facebook तथा Messenger भी यहां बेहद लोकप्रिय हैं। इसी के साथ भारत में साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। फर्जी लॉटरी मैसेज, बैंक अकाउंट खाली करने की कोशिश, नौकरी के नाम पर ठगी और रिश्तेदार बनकर पैसे मांगना जैसे स्कैम आए दिन होते रहते हैं। ऐसे में Meta के ये नए सेफ्टी फीचर भारतीय यूजर्स के लिए एक बड़ी राहत लेकर आए हैं। अब यूजर्स को खुद इतना सतर्क नहीं रहना पड़ेगा क्योंकि Meta का सिस्टम खुद उन्हें अलर्ट करेगा।

कैसे रहें और अधिक सुरक्षित?

Meta के इन नए फीचर्स के साथ साथ यूजर्स को खुद भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। अपना OTP या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। अनजान नंबरों से आई फ्रेंड रिक्वेस्ट को बिना जांचे स्वीकार न करें। WhatsApp पर टू स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें। किसी भी ऐसे मैसेज पर भरोसा न करें जो आपसे जल्दबाजी में कोई काम करवाने की कोशिश करे। Meta के ये फीचर आपकी सुरक्षा का एक मजबूत आधार तैयार करते हैं लेकिन अंतिम सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद यूजर की ही होती है।

WhatsApp security update: Meta की प्रतिबद्धता है यूजर सुरक्षा

Meta का यह कदम दर्शाता है कि कंपनी अपने यूजर्स की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। डिजिटल दुनिया में जिस तेजी से साइबर अपराध बढ़ रहे हैं उससे निपटने के लिए टेक्नोलॉजी कंपनियों की जिम्मेदारी भी उतनी ही बढ़ जाती है। WhatsApp पर डिवाइस लिंकेज अलर्ट, Messenger पर AI आधारित स्कैम डिटेक्शन और Facebook पर संदिग्ध फ्रेंड रिक्वेस्ट वॉर्निंग, ये तीनों मिलकर एक ऐसी सुरक्षा दीवार बनाते हैं जो स्कैमर्स के लिए पार करना बेहद मुश्किल होगा। अगर आप भी इन तीनों में से किसी भी प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं तो अपना ऐप अपडेट करें और इन सुरक्षा फीचर्स का पूरा लाभ उठाएं।

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