Lara Dutta Kaikeyi: रामायण ट्रेलर में लारा दत्ता के कैकेयी लुक पर छिड़ी बहस, नेटिजन्स बोले- ‘यह त्रेता युग है या एकता कपूर के टीवी सीरियल का सेट?’
रामायण ट्रेलर में कैकेयी के आधुनिक लुक पर सोशल मीडिया बंटा, नेटिजन्स ने कॉस्ट्यूम डिजाइन पर उठाए सवाल।
Lara Dutta Kaikeyi: निर्देशक नितेश तिवारी की महात्वाकांक्षी और बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ का पहला आधिकारिक ट्रेलर सामने आते ही सिनेमा जगत और सोशल मीडिया पर जबरदस्त हलचल मच गई है। फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर भगवान राम, दक्षिण भारतीय स्टार साई पल्लवी माता सीता और यश लंकापति रावण की मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। भव्य विजुअल इफेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बैकग्राउंड स्कोर के बावजूद, सोशल मीडिया पर सबसे अधिक चर्चा अभिनेत्री लारा दत्ता के महारानी कैकेयी लुक को लेकर छिड़ गई है। ट्रेलर में लारा दत्ता के परफेक्ट सैलून स्टाइल में सेट किए गए बाल, आधुनिक सिली हुई ब्लाउज और डिजाइनर साड़ी को देखकर दर्शकों ने वॉर्डरोब तथा कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग की प्रामाणिकता पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। अनेक सोशल मीडिया यूजर्स ने इस लुक की तुलना 2000 के दशक के एकता कपूर के लोकप्रिय टीवी सीरियलों से कर डाली है।
ट्रेलर में कैकेयी के पहले लुक की बारीकियाँ और विवाद का कारण
ट्रेलर के एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील दृश्य में लारा दत्ता महारानी कैकेयी के रूप में स्क्रीन पर अवतरित होती हैं। यह वही ऐतिहासिक क्षण है जहाँ कैकेयी महाराजा दशरथ से अपने दो वरदान मांगती हैं और श्री राम के चौदह वर्ष के वनवास की नींव रखती हैं। इस दृश्य में लारा दत्ता ने हरे रंग की आधुनिक कटिंग वाली ब्लाउज और सुनहरे गोटे वाली मैरून रंग की डिजाइनर साड़ी पहन रखी है। उनके बाल एक तरफ परफेक्टली स्ट्रेट किए हुए और सैलून स्टाइल में सेट नजर आते हैं। मेकअप के नाम पर केवल एक साधारण बिंदी और हल्की जूलरी का उपयोग किया गया है।
दर्शकों का ध्यान तुरंत इस बात पर गया कि त्रेता युग की एक महारानी का पहनावा किसी आधुनिक फैशन शो या 2026 के किसी भव्य शादी समारोह के लुक जैसा लग रहा है। इतिहास और पौराणिक कथाओं में रुचि रखने वाले दर्शकों ने इस दृश्य को जूम करके देखा और फिल्म के स्टाइलिस्ट की समझ पर सवाल उठाना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ और नेटिजन्स का आक्रोश
ट्रेलर जारी होने के कुछ ही मिनटों के भीतर एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और रेडिट पर लारा दत्ता के लुक के स्क्रीनशॉट्स वायरल हो गए। नेटिजन्स ने तरह-तरह की चुटकियों और मीम्स के जरिए मेकर्स को घेरना शुरू कर दिया। कई यूज़र्स ने लिखा कि त्रेता युग में ऐसी कौन सी आधुनिक सिलाई मशीन और बुटीक था जहाँ इस तरह की आधुनिक कटिंग वाली ब्लाउज और कॉन्ट्रास्ट बॉर्डर की साड़ियां तैयार की जाती थीं।
एक अन्य यूजर ने कटाक्ष करते हुए लिखा कि लारा दत्ता शायद फिल्म के सेट पर अपने व्यक्तिगत अलमारी के कपड़े खुद पहनकर आ गई थीं और कॉस्ट्यूम टीम ने समय-काल (Timeline) के हिसाब से उसमें कोई बदलाव करने की जहमत नहीं उठाई। सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने तो यहाँ तक कह दिया कि यह कैकेयी का लुक कम और स्टार प्लस या कलर्स पर आने वाले एकता कपूर के किसी ‘के-सीरियल’ (जैसे ‘कसम से’ या ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’) की खलनायिका का लुक ज्यादा लग रहा है। बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ और रामानंद सागर की ‘रामायण’ की प्रामाणिकता का उदाहरण देते हुए लोगों ने आधुनिक बॉलीवुड की रचनात्मक समझ पर चिंता व्यक्त की।
पौराणिक फिल्मों में प्रामाणिकता बनाम आधुनिक फैशन का द्वंद्व
रामायण और महाभारत जैसी पावन कथाओं पर आधारित फिल्मों या धारावाहिकों में कॉस्ट्यूम और प्रोडक्शन डिजाइन हमेशा से ही सबसे नाजुक पहलू रहा है। भारतीय दर्शक ऐसी कालजयी कथाओं में ऐतिहासिक और पौराणिक प्रामाणिकता की उम्मीद करते हैं। त्रेता युग के वस्त्रों, आभूषणों और केश सज्जा को लेकर यद्यपि अलग-अलग विद्वानों के भिन्न विचार हो सकते हैं, लेकिन आम सहमति यही रही है कि उस काल में सूती, रेशमी या वल्कल वस्त्रों का साधारण और प्राकृतिक रूप में प्रयोग होता था।
लारा दत्ता के लुक में अत्यधिक फिनिशिंग, आधुनिक हेयर स्ट्रेटनिंग और समकालीन फैशन ट्रेंड्स का समावेश कई लोगों को खटक रहा है। हालांकि, फिल्म उद्योग के एक वर्ग का तर्क है कि आधुनिक तकनीक और नए जमाने के दर्शकों को आकर्षित करने के लिए निर्देशकों को रचनात्मक स्वतंत्रता (Creative Liberty) लेने का अधिकार है। मेकर्स ने शायद कैकेयी के चरित्र को एक अभिजात, खूबसूरत और भव्य महारानी के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, लेकिन यह प्रयास पौराणिक सजीवता के आड़े आता दिख रहा है।
Lara Dutta Kaikeyi: कैकेयी के किरदार की महत्ता और लारा दत्ता का अभिनय
तमाम विवादों और वॉर्डरोब की आलोचनाओं के बावजूद, एक बात जिस पर अधिकांश दर्शक सहमत दिखे, वह है लारा दत्ता की सशक्त स्क्रीन प्रेजेंस। रामायण की पूरी कथा का मूल मोड़ महारानी कैकेयी के फैसलों से ही तय होता है। कैकेयी एक ऐसा जटिल चरित्र है जिसमें वात्सल्य, कूबड़ी मंथरा के षड्यंत्र का प्रभाव, असुरक्षा और कठोरता का मिश्रण होता है।
लारा दत्ता जैसी पूर्व मिस यूनिवर्स और मंझी हुई अभिनेत्री को इस बहुस्तरीय भूमिका में ढालना मेकर्स का एक बड़ा दांव था। ट्रेलर में भले ही उनके कपड़ों की आलोचना हो रही हो, लेकिन उनकी आँखों की संवाद अदायगी और चेहरे के भावों में एक महारानी की कड़क साफ झलकती है। ट्रेलर में शीबा चड्ढा भी मंथरा के नकारात्मक रूप में नजर आ रही हैं, और लारा दत्ता तथा शीबा चड्ढा के जुगलबंदी वाले दृश्यों को लेकर दर्शकों में खासी उत्सुकता बनी हुई है।
तारों से सजी स्टारकास्ट और भव्य पैमाने पर बनी फिल्म
नितेश तिवारी की यह ‘रामायण’ भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी और भव्य फिल्मों में से एक मानी जा रही है। फिल्म में स्टारकास्ट का एक बड़ा हुजूम शामिल है। रणबीर कपूर भगवान राम की सौम्य भूमिका में हैं, साई पल्लवी माता सीता के रूप में अपनी सादगी से दिल जीत रही हैं, जबकि केजीएफ फेम यश रावण के खौफनाक और विशालकाय रूप में नजर आ रहे हैं। इसके अलावा रवि दुबे लक्ष्मण, टीवी के पुराने ‘राम’ अरुण गोविल राजा दशरथ, सनी देओल भगवान हनुमान और रकुल प्रीत सिंह शूर्पणखा के किरदारों में दिखाई दे रहे हैं।
फिल्म का संगीत हॉलीवुड के दिग्गज ऑस्कर विजेता हंस जिमर और भारत के संगीत सम्राट ए. आर. रहमान मिलकर तैयार कर रहे हैं। ट्रेलर के विजुअल इफेक्ट्स (VFX), सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है, लेकिन लारा दत्ता के लुक से शुरू हुई इस बहस ने पूरी फिल्म के प्रचार को एक अलग ही दिशा दे दी है।
फिल्म की रिलीज डेट और भविष्य की उम्मीदें
दो भागों में बनाई जा रही इस मेगा-बजट फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 के शुभ अवसर पर दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा, जबकि इसका दूसरा भाग यानी ‘रामायण: पार्ट टू’ 2027 में दर्शकों के सामने आएगा। फिलहाल मेकर्स या कॉस्ट्यूम डिजाइनर की ओर से इस लुक विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अब यह देखना दिलचस्प (Lara Dutta Kaikeyi) होगा कि क्या नितेश तिवारी और उनकी टीम दर्शकों के इस फीडबैक को संज्ञान में लेते हुए पोस्ट-प्रोडक्शन या अगले भागों में कोई सुधार करते हैं या नहीं। अंततः, जब दिवाली 2026 में फिल्म बड़े पर्दे पर उतरेगी, तब केवल कपड़े नहीं बल्कि पूरी कहानी, निर्देशन, भावनाएं और अभिनय ही यह तय करेंगे कि यह आधुनिक ‘रामायण’ दर्शकों के दिलों में जगह बना पाती है या नहीं।
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