Punjab Congress Crisis: राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, सिंगला सबसे आगे
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी, विजय इंदर सिंगला का नाम नए अध्यक्ष के लिए चर्चा में
Punjab Congress Crisis: पंजाब की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के बीच मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिला है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया है। कांग्रेस हाईकमान द्वारा राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला सुनाए जाने के बाद वड़िंग ने तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है। इस अप्रत्याशित इस्तीफे के साथ ही पंजाब कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं और अगले 24 से 48 घंटों के भीतर पार्टी नए प्रमुख के नाम का आधिकारिक ऐलान कर सकती है।
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अप्रैल 2022 में आम आदमी पार्टी की प्रचंड जीत के बाद बिखरे हुए कांग्रेस संगठन को संभालने की जिम्मेदारी ली थी। अपने करीब साढ़े चार साल के कार्यकाल के दौरान वे लगातार संगठन को मजबूत करने में जुटे रहे और 2024 के लोकसभा चुनावों में उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने राज्य की 13 में से 7 सीटों पर विजय पताका फहराई थी। स्वयं वड़िंग भी लुधियाना लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए थे। हालांकि, राज्य के कई कद्दावर नेताओं के साथ उनके गहरे मतभेद और अंदरूनी खींचतान लगातार पार्टी की संगठनात्मक मजबूती में बाधक बन रही थी।
Punjab Congress Crisis: सचिन पायलट की गोपनीय रिपोर्ट के बाद हुआ बड़ा फैसला
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की पटकथा उस समय लिखी जानी शुरू हुई जब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने 5 सितंबर 2026 को युवा नेता सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया। पायलट ने पदभार संभालते ही राज्य के तमाम गुटों, सांसदों, विधायकों, पूर्व मंत्रियों और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ मैराथन बैठकें कीं। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष की कार्यशैली, संवादहीनता और गुटीय प्राथमिकताओं को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
सचिन पायलट ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों और आगामी विधानसभा चुनावों की चुनौतियों का गहन विश्लेषण कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को सौंपी थी। सूत्रों के अनुसार पायलट की इस रिपोर्ट में साफ तौर पर रेखांकित किया गया था कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और आक्रामक हो रही भाजपा को कड़ी टक्कर देनी है, तो प्रदेश में एक ऐसे सर्वस्वीकार्य चेहरे को कमान सौंपनी होगी जो सभी धड़ों को एक मंच पर ला सके। पायलट की सिफारिशों के आधार पर ही हाईकमान ने वड़िंग को पद छोड़ने का संदेश दिया।
लंबे समय से सुलग रही थी गुटबाजी की आग
पंजाब कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह कोई नई बात नहीं है, किंतु हाल के महीनों में यह मतभेद पूरी तरह सतह पर आ गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और राजा वड़िंग के बीच शक्ति प्रदर्शन की खबरें लगातार सार्वजनिक हो रही थीं। जुलाई 2026 में जब वड़िंग को अध्यक्ष पद पर बरकरार रखने के संकेत मिले थे, तो कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस के आधिकारिक कार्यक्रमों और धरने-प्रदर्शनों से पूरी तरह दूरी बना ली थी और समानांतर बैठकें शुरू कर दी थीं।
स्थिति तब और अधिक असहज हो गई जब अगस्त के महीने में एक बड़े संगठनात्मक कार्यक्रम के दौरान दो अलग-अलग गुटों के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी हुई। इस घटना ने केंद्रीय नेतृत्व को यह सोचने पर विवश कर दिया कि राज्य में बिखरा हुआ संगठन विधानसभा चुनावों में पार्टी की संभावनाओं को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। चुनाव से कुछ महीने पहले लिया गया यह निर्णय संगठन की दरारों को पाटने का अंतिम प्रयास माना जा रहा है।
नए प्रदेश अध्यक्ष की रेस: विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे आगे
राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद अब पंजाब कांग्रेस का नया कप्तान कौन होगा, इसको लेकर कयासों का दौर जारी है। पार्टी के शीर्ष सूत्रों के अनुसार पूर्व कैबिनेट मंत्री विजय इंदर सिंगला का नाम इस दौड़ में सबसे आगे चल रहा है। सिंगला को गांधी परिवार का करीबी और पार्टी के भीतर सभी खेमों के साथ सहज संबंध रखने वाला सौम्य नेता माना जाता है। हिंदू समुदाय से आने के कारण उनके नाम पर दांव लगाना कांग्रेस के पारंपरिक सामाजिक संतुलन (सोशल इंजीनियरिंग) के लिहाज से भी मुफीद बैठता है।
इसके अलावा जालंधर कैंट से विधायक व पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान परगट सिंह का नाम भी चर्चा में प्रमुखता से शामिल है, जो अपनी बेबाक छवि और साफ-सुथरे राजनीतिक ट्रैक रिकॉर्ड के लिए जाने जाते हैं। वहीं गुरदासपुर से सांसद व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नामों पर भी विचार-विमर्श चल रहा है। केंद्रीय नेतृत्व सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों (माझा, मालवा और दोआबा) को साधते हुए किसी ऐसे व्यक्ति पर मुहर लगाएगा जो आंतरिक कलह को न्यूनतम कर सके।
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का अगला राजनीतिक कदम
प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद भी अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पंजाब की राजनीति में एक प्रभावी शक्ति बने रहेंगे। वे वर्तमान में लुधियाना जैसी महत्वपूर्ण औद्योगिक संसदीय सीट से लोकसभा सांसद हैं। वड़िंग के करीबी सूत्रों का कहना है कि वे जल्द ही नई दिल्ली में राहुल गांधी और पार्टी के शीर्ष रणनीतिकारों से मुलाकात कर सकते हैं, जहां उन्हें केंद्रीय संगठन में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने या राष्ट्रीय स्तर पर किसी अन्य राज्य का प्रभार दिए जाने पर चर्चा हो सकती है।
वड़िंग का राजनीतिक भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वे हाईकमान के इस निर्णय को किस रूप में स्वीकार करते हैं और आगामी विधानसभा चुनावों में नए प्रदेश नेतृत्व के साथ उनके संबंध कैसे रहते हैं। मालवा क्षेत्र में युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ को नजरअंदाज करना कांग्रेस के लिए भी संभव नहीं होगा, इसलिए पार्टी उन्हें मुख्य चुनावी अभियान समिति में कोई अहम पद दे सकती है।
Punjab Congress Crisis: 2027 चुनाव से पहले नए नेतृत्व के सामने खड़ी बड़ी चुनौतियां
पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष के लिए आगे का रास्ता कांटों भरा रहने वाला है। पदभार संभालते ही नए अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल बैठाना और समानांतर चल रहे गुटों को समाप्त करना होगी। पार्टी को एक तरफ राज्य की भगवंत मान सरकार की नीतियों, कानून-व्यवस्था और नशा जैसे मुद्दों पर घेरना है, तो दूसरी तरफ अकाली दल और भाजपा के संभावित पुनरुत्थान के बीच अपने पारंपरिक वोट बैंक को सुरक्षित रखना है।
इसके अतिरिक्त जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) और ब्लॉक स्तर पर निष्क्रिय पड़े कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करना और उम्मीदवारों के चयन में गुटबाजी से ऊपर उठकर योग्यता को प्राथमिकता देना भी नए नेतृत्व की अग्निपरीक्षा होगी। 2027 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के लिए यह ‘करो या मरो’ की स्थिति है, क्योंकि लगातार दो चुनाव हारने के बाद पार्टी किसी भी कीमत पर पंजाब की सत्ता में वापसी की राह तलाश रही है।
Read More Here
- October 1 2026 Rule Changes: 1 अक्टूबर 2026 से बदले 6 बड़े नियम, जानें आपकी जेब पर असर
- Gold-Silver Price 1 October 2026: त्योहारी सीजन से पहले सर्राफा बाजार में हलचल, 24 और 22 कैरेट सोने समेत चांदी के ताजा रेट जारी
- Kareena Kapoor ने शेयर की Mira Kapoor संग तस्वीर, ‘व्हाट वुमेन वांट’ के नए सीजन में शाहिद की पत्नी बनेंगी मेहमान
- Thaimaman Thanga Mothiram Scheme: तमिलनाडु में नवजात को मिलेगा सोने का छल्ला, ‘तायमामन थंगा मोथिरम’ योजना शुरू, जानें कैसे मिलेगा लाभ