Gold-Silver Price 1 October 2026: त्योहारी सीजन से पहले सर्राफा बाजार में हलचल, 24 और 22 कैरेट सोने समेत चांदी के ताजा रेट जारी

24 कैरेट सोना ₹1.48 लाख के आसपास, चांदी ₹2.26 लाख प्रति किलो तक पहुंची

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Gold-Silver Price 1 October 2026: देश भर के सर्राफा बाजारों में 1 अक्टूबर 2026 को बहुमूल्य धातुओं की कीमतों पर निवेशकों और सामान्य आभूषण खरीदारों की पैनी नजरें टिकी हुई हैं। अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही नवरात्र, धनतेरस और दीपावली जैसे प्रमुख भारतीय त्योहारों की औपचारिक शुरुआत हो रही है, जिससे पारंपरिक रूप से सोने और चांदी की भौतिक मांग में तेजी दर्ज की जाती है। वैश्विक कमोडिटी एक्सचेंजों पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर मुद्रा की स्थिति के चलते बाजार एक संवेदनशील संतुलन में कारोबार कर रहा है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के वायदा बाजार और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के हाजिर बेंचमार्क के अनुसार, कीमती धातुओं के भाव अपने ऐतिहासिक स्तरों के आसपास स्थिरता तलाशते नजर आ रहे हैं। 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव प्रति 10 ग्राम लगभग 1.48 लाख से 1.50 लाख रुपये के दायरे में चल रहा है, जबकि आभूषणों के लिए सर्वाधिक पसंदीदा 22 कैरेट सोना 1.36 लाख से 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है।

Gold-Silver Price 1 October 2026: 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के संभावित भाव

भारतीय बाजार में सोने की शुद्धता के आधार पर श्रेणियों का निर्धारण होता है। 24 कैरेट सोना, जिसे 99.9 प्रतिशत शुद्ध माना जाता है और जो मुख्य रूप से निवेश सिक्कों व सोने की सिल्लियों (बार्स) के रूप में खरीदा जाता है, वह 10 ग्राम के लिए 1,48,000 रुपये से 1,50,000 रुपये के बीच रहने का अनुमान है।

आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट (91.6 प्रतिशत शुद्धता) सोने की दर 10 ग्राम के लिए लगभग 1,36,000 रुपये से 1,38,000 रुपये के आसपास देखी जा रही है। वहीं 18 कैरेट सोना, जिसका उपयोग आधुनिक डायमंड व स्टडेड ज्वैलरी बनाने में व्यापक रूप से किया जाता है, 1,11,000 रुपये से 1,13,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर टिका हुआ है। स्थानीय स्तर पर लागू होने वाला 3 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) और ज्वेलर्स द्वारा लिया जाने वाला मेकिंग चार्ज जुड़ने के बाद उपभोक्ता को अंतिम बिल में अतिरिक्त भुगतान करना होता है।

चांदी की कीमतों में स्थिरता: 2.26 लाख रुपये प्रति किलो तक का दायरा

औद्योगिक क्षेत्र और सोलर पैनल विनिर्माण में चांदी की मजबूत खपत के कारण चांदी की कीमतों में भी हलचल बनी हुई है। 1 अक्टूबर 2026 को घरेलू स्तर पर एक किलोग्राम शुद्ध चांदी का भाव करीब 2,22,000 रुपये से 2,26,000 रुपये के आसपास आंका जा रहा है। खुदरा स्तर पर 10 ग्राम चांदी का भाव लगभग 2,200 रुपये से 2,260 रुपये के बीच कारोबार करता दिख रहा है।

पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में चांदी के भाव में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली थी, किंतु इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) घटकों और आगामी त्योहारी सीजन में चांदी के बर्तनों व पूजा सिक्कों की बढ़ी हुई मांग ने कीमतों को निचले स्तरों से सहारा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि त्योहारी मांग के साथ औद्योगिक खपत चांदी को लंबी अवधि में मजबूती प्रदान करेगी।

प्रमुख महानगरों में सोने की दरें: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई का हाल

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम करीब 1,48,900 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,36,500 रुपये के आसपास खुलने के आसार हैं। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी लगभग इसी दायरे में भाव दर्ज किए जा रहे हैं। कोलकाता और चेन्नई में स्थानीय परिवहन खर्च, स्थानीय एसोसिएशन दरों और चुनिंदा चुंगी करों के कारण कीमतों में प्रति 10 ग्राम 200 से 400 रुपये का मामूली अंतर देखा जा सकता है।

उत्तर भारत के प्रमुख आभूषण केंद्रों जैसे जयपुर, लखनऊ, कानपुर और पटना में भी भाव लगभग दिल्ली के अनुरूप ही बने हुए हैं। उद्योग विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को सचेत किया है कि वे खरीदारी करते समय केवल भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के 6 अंकों वाले विशिष्ट हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) कोड वाले जेवरात ही खरीदें, ताकि धातु की शुद्धता को लेकर किसी प्रकार का संदेह न रहे।

घरेलू और वैश्विक कारक: किन कारणों से तय हो रही है दिशा?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के दामों का सीधा संबंध अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों से जुड़ा हुआ है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हल्की नरमी सोने की कीमतों को आधार देती है, जबकि अमेरिकी डॉलर की मजबूती गैर-अमेरिकी खरीदारों के लिए सोने को महंगा बना देती है। पश्चिम एशिया और पूर्वी यूरोप के भू-राजनीतिक तनावों के बीच केंद्रीय बैंकों द्वारा सुरक्षित परिसंपत्ति (Safe Haven Asset) के रूप में सोने का संचय जारी है।

घरेलू मोर्चे पर भारतीय रुपये की विनिमय दर और आयात शुल्क का स्तर सोने के अंतिम आयात मूल्य को नियंत्रित करता है। भारत अपनी घरेलू सोने की आवश्यकता का अधिकांश हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आयात करता है, इसलिए रुपये में हल्की सी कमजोरी भी घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों को तुरंत उछाल देती है। वर्तमान में त्योहारी सीजन के पूर्व का उठाव घरेलू बाजार को वैश्विक बिकवाली के दबाव से बचाने में मददगार साबित हो रहा है।

Gold-Silver Price 1 October 2026: खरीदारों के लिए रणनीतिक सुझाव

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर होने वाला वायदा व्यापार और भौतिक सर्राफा बाजार के दैनिक हाजिर भाव में बुनियादी अंतर होता है। वायदा बाजार सटोरियों, संस्थागत हेजर्स और बड़े व्यापारियों की दैनिक धारणा को दर्शाता है, जबकि स्थानीय ज्वैलर्स का भौतिक भाव दैनिक आपूर्ति, मेकिंग लागत और उपभोक्ता मांग से संचालित होता है।

बाजार के जानकारों का सुझाव है कि जो उपभोक्ता केवल निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदना चाहते हैं, वे भौतिक आभूषणों के भारी मेकिंग चार्ज (जो 8% से 25% तक हो सकते हैं) से बचने के लिए डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। वहीं पारंपरिक पारिवारिक खरीदारी करने वालों को त्योहारों के ऐन वक्त पर होने वाली संभावित भीड़ और कीमतों की अचानक तेजी से बचने के लिए अग्रिम बुकिंग या भाव में आने वाले छोटे-मोटे करेक्शन का लाभ उठाकर खरीदारी करने की सलाह दी जाती है।

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