Petrol-Diesel Price 1 September 2026: तेल कंपनियों ने जारी किए ताजा रेट, महानगरों में कीमतें स्थिर; जानें अपने शहर के दाम

दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में कीमतें स्थिर, जानें यूपी-बिहार और NCR के ताजा रेट

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Petrol-Diesel Price 1 September 2026: देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने 1 सितंबर 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें जारी कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें लगातार स्थिर बनी हुई हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों में दरों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं और दैनिक यात्रियों को महंगाई के मोर्चे पर राहत मिली है।

Petrol-Diesel Price 1 September 2026: कच्चे तेल का वैश्विक परिदृश्य और घरेलू मूल्य नीति

अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में ब्रेंट क्रूड ऑयल और डब्ल्यूटीआई (WTI) की कीमतों में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से नरमी और उछाल का मिलाजुला रुख देखा जा रहा है। मध्य पूर्व के संवेदनशील समुद्री व्यापारिक मार्गों पर बने दबाव के चलते कच्चे तेल में तेजी के संकेत मिले थे, किंतु घरेलू खुदरा दरों पर इसका तात्कालिक असर नहीं दिखा।
भारत अपनी घरेलू कच्चे तेल की आवश्यकता का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। तेल विपणन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर के आधार पर प्रतिदिन सुबह 6 बजे कीमतों की समीक्षा करती हैं। चूंकि कंपनियां अपने पूर्व घाटे और रिफाइनिंग मार्जिन को संतुलित रखने की रणनीति पर काम कर रही हैं, इसलिए खुदरा दरों को पिछले कई हफ्तों से यथावत रखा गया है।

दिल्ली-एनसीआर: राजधानी में सबसे सस्ता पेट्रोल, जानिए पड़ोसी शहरों का हाल

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में राज्य स्तरीय वैट (VAT) की दरों में अंतर के चलते अलग-अलग शहरों में ईंधन के दामों में मामूली भिन्नता देखने को मिलती है। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के भाव पर स्थिर बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले एनसीआर क्षेत्र यानी नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.56 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। वहीं हरियाणा के गुरुग्राम में पेट्रोल की दरें 102.77 से 103.28 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.44 से 95.94 रुपये प्रति लीटर के दायरे में दर्ज की गई हैं। फरीदाबाद में भी कीमतें इसी स्तर के आसपास बनी हुई हैं। दिल्ली में अन्य राज्यों के मुकाबले कम स्थानीय टैक्स होने के चलते दैनिक आवागमन करने वालों की जेब पर दबाव अपेक्षाकृत कम रहता है।

मुंबई, कोलकाता और चेन्नई: महानगरों में ईंधन के भाव

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में ईंधन पर राज्य कर (वैट) अधिक होने के कारण कीमतें 110 रुपये के पार बनी हुई हैं। मुंबई में पेट्रोल 111.18 से 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर स्थिर है।
पूर्वी भारत के प्रमुख महानगर कोलकाता में पेट्रोल 113.47 से 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। दक्षिण भारत के चेन्नई में पेट्रोल की दर 107.77 से 108.60 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.55 से 100.43 रुपये प्रति लीटर के मध्य दर्ज की गई है। आईटी हब बेंगलुरु में पेट्रोल 110.93 रुपये और डीजल 98.80 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। हैदराबाद में पेट्रोल 115.69 से 117.15 रुपये प्रति लीटर और डीजल 103.82 से 104.85 रुपये प्रति लीटर पर दर्ज किया गया, जो देश के बड़े महानगरों में सबसे अधिक दरों में शामिल है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में क्या हैं कीमतें?

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 102.05 से 102.31 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.55 से 95.77 रुपये प्रति लीटर के बीच स्थिर है। बिहार के पटना में पेट्रोल 113.29 से 113.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.29 से 99.36 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। राजस्थान के जयपुर में पेट्रोल 112.66 से 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.78 से 98.54 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है।
केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में स्थानीय करों की दरें कम होने से पंजाब और हरियाणा के सीमावर्ती जिलों की तुलना में पेट्रोल-डीजल काफी सस्ता उपलब्ध है। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय बिक्री कर, वैट और डीलर कमीशन में अंतर ही इन कीमतों में राज्यवार असमानता की प्रमुख वजह है।

Petrol-Diesel Price 1 September 2026: घरेलू बजट और माल ढुलाई पर स्थिरता का सकारात्मक प्रभाव

पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में स्थिरता बने रहने से लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत पर अतिरिक्त दबाव नहीं बढ़ा है। डीजल की कीमतों का सीधा संबंध फल, सब्जी, दूध और अनाज जैसी आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई से होता है। यदि डीजल के दामों में उछाल आता है तो इसका सीधा असर खुदरा मुद्रास्फीति (महंगाई) पर पड़ता है।
कीमतों में ठहराव से मध्यमवर्गीय परिवारों को अपने मासिक ईंधन बजट को नियंत्रित रखने में मदद मिल रही है। ऑटो, कैब और बस संचालकों ने भी किराए में कोई ताजा वृद्धि नहीं की है, जिससे दैनिक यात्रियों को राहत मिल रही है। हालांकि, लंबे समय से उच्च स्तर पर बनी दरों के चलते कई उपभोक्ता अब सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर भी रुख कर रहे हैं।

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