Petrol-Diesel Price 31 July 2026: दिल्ली में पेट्रोल ₹102 के पार, जानें मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद समेत देश के प्रमुख शहरों में आज क्या हैं नए दाम
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद समेत प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
Petrol-Diesel Price 31 July 2026: भारतीय तेल कंपनियों द्वारा प्रतिदिन सुबह जारी की जाने वाली ईंधन की कीमतों को लेकर देश भर के उपभोक्ताओं और वाहन चालकों की नज़रें लगातार रेट चार्ट पर टिकी रहती हैं। नवीनतम अपडेट के अनुसार, देश के प्रमुख महानगरों और विभिन्न राज्यों के बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार आ रहे उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर लगने वाले राज्य स्तरीय करों यानी वैट (VAT) के कारण अलग-अलग राज्यों में ईंधन के दामों में काफी भिन्नता देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹102 प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुका है, वहीं तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पेट्रोल देश में सबसे महंगा बिक रहा है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में बन रहे नए समीकरणों और कच्चे तेल के व्यापार पर मंडराते बादलों के बीच भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों ने फिलहाल घरेलू बाजार में आम जनता को राहत देते हुए दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है।
चारों प्रमुख महानगरों में ईंधन का ताजा आंकड़ा और तुलना
देश के सबसे बड़े चार महानगरों में राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले स्थानीय करों और परिवहन लागत के कारण पेट्रोल और डीजल की दरों में उल्लेखनीय अंतर देखा जाता है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹95.20 प्रति लीटर दर्ज की गई है। दिल्ली में अन्य राज्यों की तुलना में कम टैक्स होने के कारण यह चारों महानगरों में सबसे सस्ता ईंधन केंद्र बना हुआ है। इसके विपरीत, महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में पेट्रोल का भाव ₹111.21 प्रति लीटर और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर के उच्च स्तर पर बना हुआ है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की बात करें तो वहां पेट्रोल ₹113.51 प्रति लीटर और डीजल ₹99.82 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है, जो कि लगभग ₹100 के करीब पहुंच चुका है। वहीं, तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में आज पेट्रोल की कीमत ₹107.77 प्रति लीटर और डीजल की दर ₹99.55 प्रति लीटर रिकॉर्ड की गई है। इस प्रकार देखें तो कोलकाता और मुंबई में ईंधन की दरें दिल्ली के मुकाबले काफी अधिक बनी हुई हैं।
उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश का विस्तृत हाल
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में ईंधन की दरें दिल्ली-एनसीआर के आसपास ही बनी हुई हैं। राज्य की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल ₹101.89 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर के स्तर पर उपलब्ध है। औद्योगिक शहर कानपुर, धर्मनगरी वाराणसी और संगम नगरी प्रयागराज में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें लखनऊ के काफी करीब दर्ज की गई हैं। दिल्ली से सटे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के क्षेत्रों में पेट्रोल ₹102.12 तथा डीजल ₹97.56 प्रति लीटर बिक रहा है। बिहार की बात करें तो राजधानी पटना में टैक्स की दरों के कारण ईंधन काफी महंगा है; वहां आज पेट्रोल ₹113.37 प्रति लीटर और डीजल ₹98.40 प्रति लीटर की दर पर बिक रहा है। मध्य प्रदेश में भी ईंधन पर ऊंचे टैक्स की मार साफ देखी जा सकती है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल की कीमत ₹114.57 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹99.29 प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है। इन राज्यों में रहने वाले मध्यम वर्ग और ट्रांसपोर्टर भाइयों के लिए ईंधन की स्थिर दरें ही फिलहाल एक राहत का साधन बनी हुई हैं।
दक्षिण और उत्तर भारत के अन्य शहरों में दरों का बड़ा अंतर
अगर हम दक्षिण भारत की ओर रुख करें, तो तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पेट्रोल की दरें देश के अन्य प्रमुख महानगरों को पीछे छोड़ते हुए सबसे ऊपरी पायदान पर हैं। हैदराबाद में आज पेट्रोल ₹115.69 प्रति लीटर और डीजल ₹103 से अधिक कीमत पर बिक रहा है, जिससे वहां के वाहन चालकों का बजट सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में भी पेट्रोल ₹115 के आंकड़े को छू रहा है। इसके विपरीत, उत्तर भारत के केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में देश का सबसे सस्ता पेट्रोल उपलब्ध है, जहां स्थानीय कर न्यूनतम होने के कारण पेट्रोल लगभग ₹101.51 प्रति लीटर और डीजल काफी सस्ती दरों पर मिल रहा है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पेट्रोल ₹112.78 और डीजल ₹97.50 प्रति लीटर पर बना हुआ है। गुजरात के अहमदाबाद और सूरत जैसे व्यावसायिक शहरों में पेट्रोल ₹101 से ₹102 के बीच बना हुआ है, जबकि डीजल ₹97 प्रति लीटर के करीब स्थिर है।
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल का गणित और भारतीय तेल कंपनियों का रुख
घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के स्थिर बने रहने के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल सबसे मुख्य वजह है। वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। हाल के दिनों में अमेरिका, ईरान और मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में जहाजरानी यातायात को लेकर बनी आशंकाओं के कारण कच्चे तेल के दामों में भारी अस्थिरता देखी गई थी। हालांकि, पिछले कुछ सत्रों में क्रूड ऑयल के दामों में हल्की नरमी आई है। भारत अपनी आवश्यकता का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले 15 दिनों के कच्चे तेल के औसत मूल्य और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर (Exchange Rate) के आधार पर रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल-डीजल की नई दरों की समीक्षा करती हैं और उन्हें जारी करती हैं।
आम जनता, ट्रांसपोर्ट क्षेत्र और महंगाई पर ईंधन की दरों का प्रभाव
ईंधन (Petrol-Diesel Price 31 July 2026) की कीमतें किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में एक डोमिनो इफेक्ट यानी व्यापक असर पैदा करती हैं। जब भी पेट्रोल या डीजल महंगा होता है, तो उसका सीधा असर माल ढुलाई करने वाले ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर पड़ता है। डीजल के दामों में स्थिरता रहने से देश में फल, सब्जियां, खाद्यान्न और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के परिवहन का खर्च नियंत्रित रहता है, जिससे खुदरा बाजार में महंगाई पर कुछ हद तक लगाम लगी रहती है। दैनिक रूप से दफ्तर, स्कूल, कॉलेज और व्यावसायिक काम से आने-जाने वाले मध्यम वर्गीय और नौकरीपेशा लोगों के लिए भी स्थिर ईंधन दरें एक बड़ी राहत का काम करती हैं। अगर कीमतें लगातार बढ़ती हैं, तो निजी वाहनों से यात्रा करने वालों का मासिक बजट बिगड़ जाता है और वे सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) जैसे विकल्पों की तरफ रुख करने पर मजबूर होते हैं। वर्तमान में सीएनजी की कीमतें भी कई प्रमुख शहरों में स्थिर हैं, जिससे ऑटो, कैब और टैक्सी चालकों की आजीविका को थोड़ा सहारा मिल रहा है।
Petrol-Diesel Price 31 July 2026: उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह और भविष्य का रुझान
आने वाले दिनों में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में और अधिक गिरावट दर्ज की जाती है, तो भारतीय तेल कंपनियां आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की दरों में कटौती कर सकती हैं। हालांकि, यदि वैश्विक स्तर पर कोई नया संकट खड़ा होता है या ओपेक (OPEC) देश कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती करते हैं, तो कीमतों पर दोबारा दबाव आ सकता है। आम जनता और वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी भ्रामक खबर पर भरोसा करने के बजाय प्रतिदिन सुबह 6 बजे जारी होने वाले आधिकारिक आंकड़ों को ही सही मानें। नागरिक अपने शहर के पेट्रोल-डीजल के सटीक और ताजा रेट जानने के लिए तेल विपणन कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप, वेबसाइट या एसएमएस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। अपने वाहन की सही देखभाल, सही हवा का दबाव और समय पर इंजन की सर्विसिंग कराकर भी ईंधन की बचत की जा सकती है, जिससे पेट्रोल-डीजल पर होने वाले रोजाना के खर्च में कमी लाई जा सके।
Read More Here