Cm Yogi: यूपी के वकीलों को बड़ी सौगात, 5 लाख तक कैशलेस इलाज के साथ चैंबर मेंटेनेंस का भी ऐलान
Cm Yogi: यूपी के वकीलों को बड़ी सौगात, 5 लाख तक कैशलेस इलाज के साथ चैंबर मेंटेनेंस का भी ऐलान
Cm Yogi: उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए राज्य सरकार की ओर से एक बड़ी घोषणा की गई है, जिसके तहत अब वकीलों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख रुपये सालाना कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का ऐलान किया है, जिसका सीधा लाभ हाईकोर्ट और जिला अदालतों में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को मिलेगा। यह घोषणा इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान की गई, जहां मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से जुड़ी कई अन्य सुविधाओं का भी ऐलान किया। उन्होंने हाईकोर्ट में 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए बनाए गए चैंबर में फर्नीचर और उपकरणों की मेंटेनेंस से जुड़े प्रस्ताव पर सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया। इसके साथ ही राज्य के 400 विधि अधिकारियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए टैबलेट उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी मौजूद रहे, जिन्होंने अधिवक्ताओं की भूमिका और न्याय व्यवस्था को लेकर अपने विचार साझा किए।
Cm Yogi: कैशलेस चिकित्सा सुविधा से मिलेगी बड़ी राहत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिवक्ताओं के लिए पांच लाख रुपये सालाना कैशलेस इलाज की सुविधा देने का ऐलान किया, जो हाईकोर्ट और जिला अदालतों में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। यह पहल खासतौर पर उन युवा और मध्यम वर्गीय अधिवक्ताओं के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, जिन्हें चिकित्सा खर्च के दौरान आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस घोषणा को अधिवक्ता समुदाय के स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चैंबर मेंटेनेंस और अन्य बुनियादी सुविधाओं का वादा
मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से 10 हजार से अधिक अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, मल्टीलेवल पार्किंग, डाइनिंग हॉल, कॉमन रूम और लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं का निर्माण कराया गया है। उन्होंने मुख्य न्यायमूर्ति के माध्यम से आने वाले चैंबर मेंटेनेंस प्रस्ताव पर सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने की बात कही। साथ ही अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि को डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने और अधिवक्ता के निधन पर परिजनों को मिलने वाली सहायता की आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 70 वर्ष करने की भी घोषणा की गई।
अधिवक्ताओं की भूमिका पर मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में कहा कि अधिवक्ता समाज देश के प्रबुद्ध वर्ग का अहम हिस्सा है, जिसकी भूमिका स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर संविधान निर्माण और राष्ट्र निर्माण तक महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने बार और बेंच को न्याय व्यवस्था के दो प्रमुख स्तंभ बताते हुए दोनों के बीच आपसी सम्मान और समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायमूर्ति की बैठकों में न्यायपालिका से जुड़े विषयों के साथ-साथ अधिवक्ताओं की समस्याओं पर भी चर्चा होने की बात उन्होंने साझा की।
इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स और न्यायिक ढांचे में सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन 10 जिलों में जिला अदालतें किराये के भवनों में चल रही थीं, वहां इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन परिसरों में न्यायिक अधिकारियों के आवास के साथ अधिवक्ताओं के चैंबर, खेल सुविधाएं, इंडोर स्टेडियम और सस्ती कैंटीन की व्यवस्था भी की जा रही है। पहले चरण में जिला स्तर पर 900 नए न्यायालयों के गठन को भी मंजूरी दी गई है, ताकि मामलों का त्वरित निस्तारण हो सके।
विधि अधिकारियों की फीस और तकनीकी सुविधाओं में इजाफा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जिला न्यायालय, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले विधि अधिकारियों की फीस में 50 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही 400 राज्य विधि अधिकारियों को टैबलेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उन्हें अदालतों में आने वाले मामलों की जानकारी आधुनिक तकनीक के माध्यम से समय पर मिल सकेगी। इस कदम को न्याय प्रक्रिया को तेज और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
तकनीक और डिजिटल व्यवस्था पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि साइबर क्राइम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्राइवेसी और फिनटेक जैसे नए क्षेत्रों को समझना आज के समय में अधिवक्ताओं के लिए जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि जिला अदालतों और जेलों को हाईस्पीड इंटरनेट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा से जोड़ा गया है, साथ ही न्याय श्रुति प्रणाली के जरिए अदालतों में वर्चुअल गवाही की व्यवस्था भी शुरू की गई है। अदालती दस्तावेजों की स्कैनिंग और डिजिटाइजेशन को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
Cm Yogi: मुख्य न्यायाधीश और उपमुख्यमंत्री ने जताया आभार
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली ने अधिवक्ताओं को मिल रही नई सुविधाओं पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और युवा अधिवक्ताओं से बार व हाईकोर्ट को आगे ले जाने की अपील की। वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि प्रयागराज के अधिवक्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा और अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अधिवक्ताओं के लिए की गई ये तमाम घोषणाएं न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं। कैशलेस इलाज से लेकर चैंबर सुविधाओं और कल्याण निधि में बढ़ोतरी तक, सरकार ने अधिवक्ता समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने की कोशिश की है। तकनीकी सुधारों और इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण से न्यायिक प्रक्रिया को भी गति मिलने की उम्मीद है। इन घोषणाओं से आने वाले समय में अधिवक्ताओं को व्यावसायिक और व्यक्तिगत, दोनों स्तर पर राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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